उत्कल रेल हादसे में मदद को आगे आए धार्मिक और आध्यात्मिक संगठन
देश में जब भी कोई प्राकृतिक आपदा या मानवजनित दुर्घटना होती है, तो धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थाएं बिना देर किए मदद के लिए दौड़ पड़ती है। मुजफ्फरगनर के खतौली में शनिवार शाम उत्कल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई और 23 जीवन लील गई, साथ में 70 लोगों के जिस्म पर कई गहरे घाव कर गई, तब रातोरात देश की कई बड़ी आध्यात्मिक संस्थाओं ने आगे बढ़कर उनके दर्द को कम करने की कोशिश की।
हरिद्वार के गायत्री परिवार के कार्यकर्ता बिना एक भी पल गवाएं खतौली के लिए प्रस्थान कर गए। गायत्री परिवार के परिजन रेल हादसे की सेवा में
मुज़फ्फरनगर के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंच गए, साथ में छत्तीसगढ़ जोन के शांतिकुंज के कार्यकर्ता भी घटनास्थल के लिए हरिद्वार से घटनास्थल पर पहुंचकर घायल लोगों की मदद करने में जुट गए।
शांतिकुंज, जिला प्रशासन एवं रेलवे के सहयोग से देररात तक मप्र के 60, उप्र के 14, त्रिपुरा के 10, छत्तीसगढ़ के 10,हरियाणा के 02, गुजरात के4 एवं ओडिशा के 03, प्रभावित लोगगायत्री तीर्थ पहुँचे।
व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा जी की देखरेख में उनकी चिकित्सा, भोजन आवास आदि की पूरी व्यवस्था की गयी 5 घायलों कीचिकित्सकीय उपचार शांतिकुंज चिकित्सालय में की जा रही है। इस यात्रा में बस्तर के परिजन श्री मनोज प्रधान भी यात्रा कर रहे थे, उनके पैर में गंभीर चोट आई है और मुजफ्फरनगर के जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है राहत कार्य में छत्तीसगढ़जोन के समन्वयक श्री गंगाधर चौधरी, राकेश जायसवाल, नेमूरामसाहू के नेतृत्व में तीन टीम जुटी है।
पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए गायत्रीपरिवार प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदीने कहा कि पीड़ित परिजनों की सेवा करना ईश्वर आराधना कीतरह है। व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि कलिंगउत्कल हादसा में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा की शांति एवंसद्गति के लिए प्रातःकाल हवन किया गया। साथ ही सामूहिकप्रार्थना एवं श्राद्ध तर्पण भी किये गये।
शांतिकुंज आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख श्री गौरीशंकरशर्मा ने बताया कि हमारी टीम गायत्री तीर्थ में ठहरे प्रभावितों केअलावा हरिद्वार के जिला चिकित्सालय सहित विभिन्न राहतशिविरों में भी सेवा सुश्रुषा, नाश्ता व भोजन व्यवस्था में जुटी है।उन्होंने बताया कि शांतिकुंज पीड़ितों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। यहाँ ठहरे प्रभावितों को उनके घर तक पहुँचाने कीसमुचित व्यवस्था भी की जायेगी।
गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने मरीजों को अस्पताल पहुचांने से लेकर, उनके भोजन और रात रूकने का इंतजाम किया।
हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ के आाचार्य बालकृष्ण ने रेल हादमें में घायल और सकुशल बचे लोगों के लिए पतंजलि योगपीठ में भोजन और रहने की निशुल्क व्यवस्था की घोषणा सुबह-सुबह ही कर दी।
आचार्य बालकृष्ण ने रात में ही इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना जाहिर की थी।
देश के कई संतों ने उत्कल रेल हादसे पर अपनी संवेदना प्रकट की और ईश्वर से यात्रियों को सकुशल रखने की प्रार्थना की।
मुजफ्फरनगर में कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना में मृत आत्माओं को प्रभु शांति दे और घायलों के लिए सरकार से आग्रह की विशेष सहायता प्रदान करें😢 pic.twitter.com/zVeiVXYoT6
— Devi Chitralekhaji (@devichitraji) August 19, 2017
मुजफ्फरनगर के खतौली में हादसे के तुरंत बाद स्थानीय मंदिरों में लोगों के लिए दरवाजे खोल दिए। खतौली के शिवपुरी में बनें श्री झारखंड महादेव मंदिर में भोजन की निशुल्क व्यवस्था की गई, जिससे सैकड़ों लोगों को भोजन प्राप्त हुआ।

Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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