भाई दूज: इस तरह मनाई संतों ने भाई-दूज

 In Hinduism

भाइयों के प्रति बहनों के प्रेम और विश्वास का पर्व भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। भाई दूज के दिन बहने नारियल भाई को देकर टीका करती है, टीका करने के बाद बहने भाई आरती करती करती है, बदले में भाई अपने बहन को गिफ्ट देती है।

उत्तर भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में कई अनोखी परंपराएं प्रचलित हैं, जिनका निर्वहन करते हुए बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई दूज का पवित्र त्योहार स्नेह और सम्मान का पर्व है. इसलिए घर के जिस भी सदस्य के प्रति आपका स्नेह ज्यादा है उनके माथे पर भी आप चंदन का टीका लगा सकती हैं. जैसे कि कई परिवारों में भाई के साथ-साथ भतीजे के माथे पर भी टीका करने का रिवाज होता है.

भाई और भतीजे के अलावा महिलाएं घर के सबसे छोटे सदस्यों को भी टीका लगा सकती हैं. आप चाहें तो भाई के किसी प्रिय मित्र को भी भाई दूज पर तिलक लगा सकती हैं. इस दिन कई जगहों पर तो भगवान गणेश के माथे पर भी तिलक लगाया जाता है. ऐसा करके महिलाएं उनसे सुख-समृद्धि का वरदान पाती हैं. भगवान गणेश को तिलक लगाने के बाद भाई की तरह ही नारियल और मिष्ठान अर्पित किए जाते हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर  पर सभी को भाई दूज की बधाई दी-

रिलिजन वर्ल्ड में संतों ने भाई दूज की बधाई दी और देवी चित्रलेखा और पुण्डरीक गोस्वामी जी, अनराग कृष्ण शास्त्री जी  ने अपने भाई और बहन के साथ अपनी तसवीरें भी साझा की. प्रस्तुत है उनके द्वारा साझा किये गए बधाई सन्देश और तस्वीरें –

रिलिजन वर्ल्ड में संतों ने भाई दूज की बधाई दीरिलिजन वर्ल्ड में संतों ने भाई दूज की बधाई दीरिलिजन वर्ल्ड में संतों ने भाई दूज की बधाई दी

देवी चित्रलेखा देवी चित्रलेखा भाई-दूज

रिलिजन वर्ल्ड में संतों ने भाई दूज की बधाई दी

पुण्डरीक गोस्वामी जी,

अनराग कृष्ण शास्त्री जी  ने अपने भाई और बहन के साथ

 

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