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स्वामी चिदानन्द सरस्वती को ब्रिटिश पार्लियामेंट हाउस आॅफ लार्ड में प्राइड आफ इण्डिया अवार्ड 2017

स्वामी चिदानन्द सरस्वती को ब्रिटिश पार्लियामेंट हाउस आॅफ लार्ड में प्राइड आफ इण्डिया अवार्ड 2017

स्वामी चिदानन्द सरस्वती को ब्रिटिश पार्लियामेंट हाउस आॅफ लार्ड में प्राइड आफ इण्डिया अवार्ड 2017
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स्वामी चिदानन्द सरस्वती को ब्रिटिश पार्लियामेंट हाउस आॅफ लार्ड में प्राइड आफ इण्डिया अवार्ड 2017

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी को ब्रिटिश पार्लियामेंट हाउस आॅफ लार्ड में प्राइड आफ इण्डिया अवार्ड 2017

  • विश्व से पधारे शिक्षाविद्, उद्योगपति, चिकित्सक, समाजसेवा, भारतीय संस्कृति एवं भारत को आगे बढ़ाने में  अहम भूमिका निभाने वालों को किया गया सम्मानित 
  • श्री गोपीचन्द हिन्दूजा, लार्ड स्वराज्य पाल एवं लार्ड दिलजीत राणा को स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने किया सम्मानित
  • ’इण्डिया डेवलपमेण्ट फाउण्डेषन’ के माध्यम से तन, मन, धन से नये भारत के निर्माण में सभी भारतीय निभाये रचनात्मक भूमिका – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋशिकेष, 16 सितम्बर। ब्रिटिष पार्लियामेट में  हाउस आफ लार्ड में एन आर आई इंस्टीट्यूट ने भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस सम्मान समारोह में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाष एलायंस के सह-संस्थापक एवं गंगा एक्षन परिवार के प्रणेता पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को  सम्मान ’प्राइड आफ इण्डिया अवार्ड 2017’ से सम्मानित किया गया।

’प्राइड आफ इण्डिया अवार्ड 2017’ सम्मान पूज्य स्वामी जी को 11 खण्डो का महाग्रन्थ हिन्दू धर्म विश्वकोष, मानवता, पर्यावरण संरक्षण, षिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा किये जा रहे कार्यो, गंगा एक्शन परिवार के माध्यम से गंगा सेवा एवं वृक्षारोपण, ग्लोबल इण्टरफेथ वाष एलायंस के द्वारा किये जा रहे स्वच्छता, शौचालय निर्माण एवं शुद्ध जल के प्रति जागरूकता एवं कैलाष मानसरोवर में किये जा रहे सेवा कार्यो के लिये प्रदान किया गया।


इस सम्मान समारोह में ब्रिटिष पार्लियामेंट के लार्ड, विश्व से पधारे शिक्षाविद्, उद्योगपति, चिकित्सक, समाजसेवायों ने सहभाग किया
इस सम्मान समारोह में कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी एन आर आई इन्स्टीट्यूट के चेयरमैन लार्ड दिलजीत राणा ने दी। श्री मनु जगमोहन सिंह जी द्वारा स्वागत भाशण दिया गया। एन आर आई बिजनेस फोरम के लार्ड स्वराज पाल जी ने ’जीवन को कैसे बदले’ विशय पर उद्बोधन दिया। हिन्दुजा ग्रुप के उपाध्यक्ष, श्री जी पी हिन्दुजा, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता डाॅ अरूण मोहन, मोण्टकाम लक्जरी होटल लन्दन के एम डी श्री रमेष अरोरा द्वारा लोयड्स के निदेषक डा कामेल होथी, सुश्री के कौर, अमेरीका, सुश्री आषना सेने, अमेरीका, एस बैंक के सी ई ओ श्री राना कपूर एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

थेम्स नदी के तट पर ब्रिटिष पार्लियामेंट में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों को सम्बोधित करते हुये पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा, ’अब प्रत्येक व्यक्ति को जल, पर्यावरण तथा प्रकृति के महत्व को समझना होगा। उन्होेने कहा कि थेम्स भी कभी प्रदूशित नदी के रूप में जानी जाती थी परन्तु ब्रिटिष सरकार एवं वहां की जनता के प्रयत्नों से आज उसका कायाकल्प हो गया उसी प्रकार भारत में भी गंगा के लिये सारे भारतीयों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।’

स्वामी जी ने ’सभी भारतीय एवं अप्रवासी भारतीयों से आहृवान किया कि अपना टाइम, टैलेंट एवं टेक्नालोजी को भारत की सेवा में लगायें। उन्होने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी भारतीय अपनी योग्यता, सम्पति एवं समय का उपयोग भारत के रचनात्मक आन्दोलन के लिये करें; अपने परिवारो एवं बच्चें को भारत लेकर आये और उन्हें अपनी जड़ों से भारतीय संस्कारों से परिचित करायें।’

स्वामी जी ने कहा कि ’भारत में इस समय सक्षम और चिंतनषील सरकार है, भारत के यषस्वी एवं ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है और इसमें अप्रवासी भारतीयाों की एक विषेश भूमिका हो सकती है। उन्होने कहा कि ’इण्डिया डेवलपमेण्ट फाउण्डेषन’ के माध्यम से तन, मन, धन से नये भारत के निर्माण में सभी भारतीय रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं।’

जीवा की अन्तर्राश्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी ने सम्बोधित करते हुये कहा, मेरा जन्म तो अमेरीका में हुआ है, लेकिन भारत मंे जैसे ही मैं आई मुझे भारतीय संस्कृति ने बहुत आकर्शित किया परन्तु आपके रगो में तो भारतीय लहू है; भारतीय संस्कार है। उन्होने सभी से अपील करते हुये कहा कि अपने बच्चों को यदि आप कुछ दें सकते है तो ’कार नहीं संस्कार दे’  कार तो अपने आप ही खरीद सकते हैं लेकिन संस्कार किसी बाजार से नहीं खरीदे जा सकते, संस्कार तो परिवार से ही मिल सकते हैं इसलिये जो परिवार संस्कार से परिपूर्ण है वही परिवार सफल परिवार; षान्त एवं सुखी परिवार है उसी परिवार में षान्ति का वास हैं। उन्होने कहा कि अगर परिवारों में संस्कार नहीं हैं तो जीवन में षाष्वत षान्ति, आन्नद एवं सम्पति प्राप्त नहीं हो सकती है। इस अवसर पर एन आर आई वल्र्ड पत्रिका का विमोचन हुआ। इस सम्मान समारोह में ’काफी टेबल पुस्तक’ 100 गोल्डेन ग्लोबल पन्जाबी का प्रस्तुतीकरण किया गया।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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September 18, 2017 4 min read
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