RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

काशी में परम धर्म संसद 1008 के आयोजन की तैयारियां जोरों पर

काशी में परम धर्म संसद 1008 के आयोजन की तैयारियां जोरों पर

काशी में परम धर्म संसद 1008 के आयोजन की तैयारियां जोरों पर
Visual Archive

काशी में परम धर्म संसद 1008 के आयोजन की तैयारियां जोरों पर

काशी में परम धर्म संसद 1008 के आयोजन की तैयारियां जोरों पर

नवंबर 21, 2018 – काशी में आगामी 25, 26, 27 नवंबर को आयोजित होने वाले परमधर्मसंसद 1008 की तैयारियां जोरों पर है। जिसमें राम मंदिर समेत सनातन धर्म से संबंधित सभी विषयों पर चर्चा के बाद ‘धर्मादेश’ आएगा ज्ञात हो की इस आयोजन में विश्व भर से 1008 सनातनी प्रतिनिधि भाग ले रहे है जिनके द्वारा परस्पर विचार बिमर्श कर बिभिन्न विषयो पर चर्चा के साथ प्रमुख  विषयो को रेखांकित कर धर्मादेश दिया जायेगा। तीन दिवसीय यह सनातन वैदिक हिंदू परम धर्म संसद शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के शिष्य प्रतिनिधि और धर्मसंसद के संयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंनद के सानिध्य में काशी के सीरगोवर्धन गांव में हो रहा है।

धर्मसंसद के संयोजक व शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंनद ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म संक्रमण काल से गुजर रहा है. सनातनी परंपराओं और मूल्यों पर अनवरत प्रहार किया जा रहा है. चूंकि धर्म की रक्षा का दायित्व सर्वप्रथम संतों का है इसलिए यह धर्मसंसद बुलाई जा रही है. इस धर्मसंसद में देश के सभी 543 जिलों के 1008 साधू-संत हिस्सा लेंगे और इसके संचालन के लिए स्वयं शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद तीन दिनों तक काशी में मौजूद रहेंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार राममंदिर पर धर्मसंसद में चर्चा होगी साथ ही  उन्होंने कहा कि काशी में आयोजित होने वाली धर्मसंसद महज राम मंदिर पर केंद्रित नहीं होगी इसमें गंगा की दुर्दशा समेत सनातन धर्म से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा होगी और जिस मुद्दे को सबसे ज्यादा वरियता दी जाएगी उसको प्राथमिकता के आधार पर सबसे ऊपर रखते हुए धर्मादेश पारित होगा. उन्होने कहा कि इस धर्मादेश की चर्चा प्रयाग में होने वाले महाकुंभ में भी होगी।

सीरगोवर्धन में होने वाले आयोजन की तैयारियों को लेकर लोगो मे अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। 20 बीघे में अस्थायी परमधर्मसंसद 1008 के भवन का निर्माण हो रहा है । 180 x 180 फुट में बन रहे इस भवन में कुल 5 द्वार है। उपस्थित होने वाले परम धर्मासदों, प्रवर धर्मासदों व धर्मासदों के बैठने हेतु त्रिस्तरीय व्यवस्था की गयी है । इसके अतिरिक्त परमधर्मसंसद भवन में प्रथम तल पर गैलरी का निर्माण किया जा रहा है जिसमें पत्रकार दीर्घा होगी । इसी  स्थान सै सनातनी जनता परमधर्मसंसद के भीतर चल रही धर्म -चर्चा को सुनने के साथ ही साथ आगत विशिष्ट सन्तों के दर्शन भी प्राप्त कर सकते  है । इसके अतिरिक्त परिसर में अस्थायी धर्मंध्वजा स्थल, गोशाला, यज्ञशाला, अन्नपूर्णालय, कंप्यूटर कक्ष अदि का भी निर्माण किया जा रहा है।

परमधर्मसंसद की इन जोरदार तैयारियों को देखने हेतु आस-पास गांवों के ग्रामीण भी आयोजन स्थल पर पहुँचा कर अपनी जिज्ञासाओ का समाधान पा रहे हे।  सनातनी जनता में धर्मसंसद को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा हे।  जनता इसलिये भी प्रसन्न हे क्योकि एक साथ सनातनधर्म के इतने शीर्ष व सिद्ध सन्तों का दर्शन प्राप्त होगा और उनके मन में उठ रही धार्मिक जिज्ञासाओ का समाधान भी प्राप्त होगा।
आयोजन 20 नवंबर से धार्मिक कार्यक्रमों को आयोजन आरम्भ हो गया जिसमे  गड़वाघाट से माताएं कलश में जल भरकर धर्मसंसद स्थल पर बने यज्ञ मण्डप पर पहुंचे। आज सप्तदिवसीय पंचदेव प्रीतिकर महा यज्ञ किया गया।

वेबसाईट के माध्यम से भी आ रहे प्रश्न परमधर्मसंसद् में आए धर्माचार्यों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाने के लिए जनता अपने प्रश्न वेबसाईट www.paramadharmasansad1008.in के माध्यम से प्रेषित कर रही है । अब तक हजारों की संख्या में देश ही नही अपितु विदेश से भी प्रश्न आ रहे है । एक ही विषय के आए प्रश्नो का वर्गीकरण कर उसे वेबसाईट पर प्रकाशित भी किया जा रहा है । प्रश्न के साथ ही साथ लोग अब परमधर्मसंसद् में किस विषय पर चर्चा हो यह भी सुझाव दे रहे हैं ।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

November 22, 2018 4 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *