जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज ने किया परम धर्म संसद 1008 का उद्घाटन, 144 नावों पर निकाली गई प्रणामी यात्रा

- परम् धर्मसंसद 1008 के 3 दिवसीय धर्मसंसद सत्र का आरम्भ प्रात: 9 से 4 दो सत्रों मे
- धर्मसंसद मे सनातन धर्म से जूडे समस्त महत्वपूर्ण मुद्दों पर संतो द्वारा विमर्श
- सत्र के अंतिम दिन परम आराध्य परम धर्माधीश जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज 100 करोड से अधिक सनातनी जनता हेतू धर्मादेश पारित करेंगे
- आखिरी दिन सायं 4 से 7 बजे तक संतो द्वारा प्रवचन किया जायेगा
काशी में परम धर्म संसाद १००८ का आज शाम 6 बजे विधिवत उद्धाटन हो गया। शंकराचार्य महाराज सीरगोवर्धन पहुँचे जहाँ उनका डमरू एवं शंखनाद के साथ हजारों लोगों ने स्वामि:श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के साथ हर हर महादेव का उद्घोष करते हुये धर्म ध्वजा स्थल पे लाया गया जहाँ उनके चरण पादुका का आरती एवं पूजन किया गया, तत्पश्चात महाराज जी ने धर्मधावजात्तोलन किया एव परम् धर्मसंसद का उद्घाटन किया।
उसके पश्चात धर्मसंसद मे आसन पे विराजने के पश्चात वैदिक मंगलाचरण किया गया, तत्पश्चात परमधर्माधीश जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर संसद सत्र का शुभारंभ किया।

धर्म संसद में उपस्थित सनातनी धर्मप्राण जनमानस को आशीर्वचन प्रदान करते हुए की अयोध्या में कोई मस्जिद नही था। मन्दिर को ही तोड़ कर मस्जिद घोषित कर दिया गया। अब अगर हम राम मंदिर बनाएंगे तो मुस्लिमों को लगेगा मस्जिद तोड़ कर मन्दिर बना दिया गया। जबकि वास्तविकता ये है कि रामजन्म भूमि पर कोई मस्जिद नही था।

सरकार कहती है हम धर्मनिरपेक्ष है और कोई धर्मनिरपेक्ष नही हमलोग बनायेंगे अयोध्या में राम मंदिर, भारत गौ मांस का सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। गौ माता काटी जा रही है सरकार उस पर क्यो नही ध्यान देती, कहा जाता है कि एक नारी ब्रम्हचारी और सुप्रीम कोर्ट पर पुरुष गमन के संवैधानिक बना दिया है। जिससे हमारी संस्कृति नष्ट हो जायेगी सबरीमाला में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देकर सनातन परम्परा पर कुठाराघात का प्रयास किया गया है। हमलोग का विचार है समाज के आचरण को ऊंचा उठाना चाहिये।

परमधर्माधीश ने स्वामिश्री:अविमुक्तेश्वरानंद धर्मसंसद का प्रवर धर्माधीश नियुक्त किया और साथ ही पूर्व विधानसभा के मुख्यसचिव श्री राजेन्द्र पाण्डेय को धर्मसंसद का प्रथम मुख्य सचिव नियुक्त किया।
धर्मसंसद उद्घाटन के दौरान ब्रह्मचारी सुबुद्धानंद महाराज, स्वामी नारायणानंद जी महाराज, जलकुमार साई मसंद, स्वामी इंदूभवानंद महाराज,महंत श्री सुभाष दास जी महाराज, स्वामी राम देवानंद सरस्वती जी महाराज, स्वामी प्रज्ञानंद जी महाराज, स्वामी राजीव लोचन दास जी महाराज, स्वामी वेदानंद जी महाराज, महंत अशोक दास जी,आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।
परम् धर्मसंसद 1008 के प्रभारी संजय पांड़े जी ने बताया कल से 3 दिवसीय धर्मसंसद सत्र का आरम्भ प्रात: 9 से 4 दो सत्रों मे चलेगा धर्मसंसद मे सनातन धर्म से जूडे समस्त महत्वपूर्ण मुद्दों पर संतो द्वारा विमर्श किया जायेगा सत्र के अंतिम दिन परम आराध्य परम धर्माधीश जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज 100 करोड से अधिक सनातनी जनता हेतू धर्मादेश पारित करेंगे । तत्पश्चात सायं 4 से 7 बजे तक संतो द्वारा प्रवचन किया जायेगा ।
वहीं आज दोपहर 2 बजे, भैंसासुर घाट से 144 नावों पर निकाली गई प्रणामी यात्रा। यात्रा में 108 देशों व 36 प्रदेशों की मनोरम झांकी निकाली गई। यात्रा भैंसासुर घाट से रविदास घाट पर जाकर समाप्त हुई। यात्रा के दौरान बीच मे केदारघाट के बगल मे स्थित श्रीमद शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्या मठ में परम् आराध्य परम् धर्माधीश ज्योतिष व द्वारका शारदा पीठाधीश्वर पूज्यपाद अनंतश्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज विराजे थे वहाँ से गुजरने वाले समस्त झांकी दल के सदस्यों ने उनको प्रणामी दी प्रणामी यात्रा स्वामीश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में निकाला गया।


देखिए पूरी प्रणामी यात्रा…
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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