नवरात्रि के नौ दिन : जीवन की सभी समस्याओं का समाधान
शैल पुत्री

भूमि-भवन वाहन की प्राप्ति हेतु क्या उपाय करें ?
संपूर्ण प्रयासों के बावजूद भी भूमि-भवन वाहन की प्राप्ति नहीं हो रही है तो नवरात्र के पहले दिन यानी मां शैलपुत्री के दिन रात्रि में 8 बजे के बाद चौकी पर लाल कपड़ा बिछा कर उस पर दुर्गा जी का यंत्र स्थापित करें। तत्पश्चात 1 लौंग, 1गोमती चक्र, एक साबुत सुपारी, एक लाल चंदन का टुकड़ा, 1 रक्त गुंजा, इन समस्त सामग्री को एक पानी से भरे लोटे में रखें। घी का दीपक जला लें। 3 माला ॥ ॐ ह्लीं फट्ï॥ की करें और एक माला ऐं ह्लीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे शैलपुत्री देव्यै नम: की जाप करें। प्रत्येक माला के बाद लोटे पर एक फूंक मारे। फिर उस लोटे के जल को पीपल वृक्ष की जड़ में चढ़ा दें, उन लौंग एवं सुपारी को भी वहीं मिट्टी में दबा दें। लाल चंदन का टुकड़ा और रक्त गुंजा का अपने ऊपर से उसार करके बहते पानी में बहा दें। अनावश्यक कोर्ट-कचेहरी के मामलों से छुटकारा मिल जाएगा।
यदि अनावश्यक रूप से कोर्ट-कचहरी के मामलें परेशान कर रहे हो तो हर रोज 40 दिन तक 108 मोगरे के पुष्प ॐ ह्लीं श्रीं क्रीं शैलपुत्रिये नम:। मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करें। प्रारंभ प्रथम नवरात्र को यह उपाय शुभ मुहुत्र्त में प्रारंभ करें।
ब्रह्मचारिणी

शिक्षा में सफलता हेतु क्या उपाय करें ?
यदि विद्यार्थी को शिक्षा में परेशानी आ रही हो, स्मरण शक्ति कमजोर हो, पाठ याद नहीं होते हो तो यह उपाय करके देंखे। गुरुवार के दिन 5 पीले पेड़े अपने ऊपर से 7 बार उसार कर और 7 बार ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं मंत्र का जाप करके गाय को खिला दें।
अपने अध्ययन कक्ष में पीले कपड़े में 9 हल्दी की गांठ ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं। मंत्र का जाप करते हुए बांध कर पोटली बना दें और अपने कक्ष में रख दें। शिक्षा में सफलता मिलेगी।
चंद्रघंटा

कर्जें से मुक्ति के लिए क्या उपाय करें ?
संपूर्ण प्रयासों के बावजूद भी ऋण से पीछा नहीं छुट रहा हो तो 108 गुलाब के पुष्प ऐं ह्रीं श्रीं चं फट् स्वाहा। भगवती चंद्रघंटा के श्री चरणों में अर्पित करें।
सवा किलो साबुत मसूर लाल कपड़ें में बांधकर अपने सामने रख दें। घी का दीपक जलाकर ऐं ह्रीं श्रीं चंद्रघण्टे हुं फट् स्वाहा। इस मंत्र का जाप 108 बार करें। मसूर को अपने ऊपर से 7 बार उसार कर सफाई कर्मचारी को दान में दे दें। कर्जें से छुटकारा मिल जाएगा।
कुष्माण्डा

प्रयासों के बावजूद भी मनोनुकूल सफलता नहीं मिल रही हो तो क्या उपाय करें?
सम्पूर्ण परिश्रम, प्रयास और कठिन महनत के बावजूद बदनामी का सामना करना पड़ रहा हो, समाज में जग हसाई हो रही हो, व्यापार वृद्धि के लिए किए गए सम्पूर्ण प्रयास विफल हो रहे हो, तो आज का दिन उन लोगों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। चार कुम्हड़े (काशीफल या कद्दे), चौकी पर लाल कपड़ा बिछा कर इन सबको उसे पर रख दें। धूप, दीप, नेवैद्य, पुष्प अर्पित करने के बाद पांच माला ऐं ह्रीं क्लीं चामूण्डाय विच्चे कूष्माण्डा देव्यै नम:, एक माला शं शनैश्चराय नम: की जाप करें। तत्पश्चात इनको अपने ऊपर से 11 बार उसार लें, उसारने के बाद छोटे-छोटे टुकड़े करके किसी तालाब में डाल दें। सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिल जाएगी।
स्कंद माता

हमेशा कार्य में बाधा आ रही हो तो बाधा निवारण के लिए क्या उपाय करें?
यदि किसी के भी साथ अनावश्यक, बार-बार कोई भी कारण नहीं और परेशानी आ रही हो, मन बेचेन रहता हो, अनहोनी दुर्घटनाएं घट रही हों और एक्सीडेंट होता हो तो 800 ग्राम चावल दूध से धो कर पवित्र पात्र में अपने सामने रख लें। और एक माला ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे स्कन्द माता देव्यै नम: और एक माला मंगलकारी शनि मंत्र का जाप करें। तत्पश्चात इस सामग्री को अपने ऊपर से 11 बार उसार करके किसी तालाब अथवा बहते पानी में प्रवाह करें। और दूध किसी कुत्ते को पीला दें। यह उपाय लगातार 43 दिन तक करें। इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
कात्यायनी

ग्रह कलह निवारण के लिए क्या उपाय करें?
लकड़ी की चौकी बिछाएं। उसके ऊपर पीला वस्त्र बीछाएं। चौकी पर पांच अलग-अलग दोनो पर अलग-अलग मिठाई रखें। प्रत्येक दोनों में पांच लौंग, पांच इलायची और एक नींबू रखें। धूप-दीप, पष्प अक्षत अर्पित करने के उपरांत एक माला ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। कात्यायनी देव्यै नम: और एक माला शनि पत्नी नाम स्तुति की करें। तत्पश्चात यह समस्त सामग्री किसी पीपल के पेड़ के निचे चुपचाप रखकर आना चाहिए। बहुत जरूरी है ग्रह प्रवेश से पहले हाथ-पैर अवश्य धो लें।
कालरात्रि

प्रयासों के बावजूद भी सुख और सौभाग्य में वृद्घि नहीं हो रही है। इसके लिए क्या उपाय करें?
यह प्रयोग चैत्र नवरात्र की सप्तमी प्रात: 4 से 6 दोपहर 11:30 से 12:30 के बीच और रात्रि 10:00 बजे से 12:00 के बीच शुरु करना लाभकारी होगा। चौकी पर लाल वस्त्र बिछा कर माँ कालरात्रि की तस्वीर और दक्षिणी काली यंत्र व शनि यंत्र स्थापित करें। उसके बाद अलग-अलग आठ मुट्ठी उड़द की चार ढेरीयां बना दें। प्रत्येक उड़द की ढेरी पर तेल से भरा दीपक रखें। प्रत्येक दीपक में चार बत्ती रहनी चाहिए। दीपक प्रज्वलित करने के बाद धूप-नैवेद्य पुष्प अक्षत अर्पित करें। शुद्ध कम्बल का आसन बिछा कर एक पाठ शनि चालीसा, एक पाठ माँ दुर्गा चालीसा, एक माला ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। कालरात्रि देव्यै नम: और एक माला शं शनैश्चराय नम: की जाप करें। संपूर्ण मनोकामनाएं पूरी होगी।
महागौरी

लाख कोशिश के बावजूद भी शादी-विवाह मसलें नहीं हल हो रहे हो तो क्या उपाय करें?
यदि आपका विवाह न हो रहा हो या आपके परिवार में किसी का विवाह विलम्ब से हो रहा हो या आपके वैवाहिक जीवन में तनाव है तो यह उपाय बहुत लाभदाय होगा। यह उपाय किसी भी शुक्ल पक्ष की अष्टमी को या नवरात्र की अष्टमी को रात्रि 10 बजे से 12 बजे के बीच में शरु करना चाहिए और नियमित 43 दिन तक करें। अपने सोने वाले कमरे में एक चौकी बिछा तांबे का पात्र रख उसमें जल भर दें। पात्र के अंदर आठ लौंग, आठ हल्दी, आठ साबुत सुपारी, आठ छुआरे, इन सारे सामान को डाल दें। आम के पांच पत्ते दबा कर जटा वाला नारियल पात्र के ऊपर रख दें। वहीं आसन बिछा कर घी का दीपक जलाएं, श्रद्धापूर्वक धूप-दीप अक्षत पुष्प और नैवेद्य अपिर्त करने के उपरांत पांच माला माँ गौरी के मंत्र ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। महागौरी देव्यै नम: की और एक माला शनि पत्नी नाम स्तुति की करें और रात्रि भूमि शयन करें। प्रात: काल मौन रहते हुए यह सारी सामग्री किसी जलाशय या बहते हुए पानी में प्रवाह कर दें। वैवाहिक समस्याओं का निवारण हो जाएगा।
सिद्घिदात्री

मेहनत और परिश्रम के उपरांत भी धन लाभ नहीं हो रहा, मां लक्ष्मी की प्राप्ति नहीं हो रही हो तो क्या उपाय करें?
मां भगवती सिद्घदात्री को हर रोज भगवती का ध्यान करते हुए पीले पुष्प अर्पित करें। मोती चूर के लड्डुओं का भोग लगाएं ओर श्री विग्रह के सामने घी का दीपक जलाएं। ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै: ऊँ सिद्घिदात्री विच्चै: नम:। मंत्र का जाप करें। धन की कमी नहीं रहेगी।
धन लाभ के लिए मां भगवती के मंदिर में गुलाब की सुगंधित धूपबत्ती शुक्रवार के दिन दान करें।
प्रत्येक शुक्लपक्ष की नवमी को 7 मुट्ठी काले तिल पारिवारिक सदस्यों के ऊपर से 7 बार उसार कर उत्तर दिशा में फेंक दे। धन हानि नहीं होगी।
लेख – पं. दयानंद शास्त्री, उज्जैन
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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