सामाजिक सशक्तिकरण, शांति और सेवा का संदेश देंगी विश्वभर की महिला हस्तियां: Art of Living बैंग्लुरू में होगा अंतर्राष्ट्रीय आयोजन
महिलाएं आज ना सिर्फ हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला रही हैं बल्कि उनसे आगे भी निकल रही हैं। सेना की तीनों कमानों में भी अब महिलाओं का प्रतिनिधित्व देखा जा सकता है। घर की अर्थव्यवस्था से लेकर विश्व की इकोनॉमी, गृहस्थी की गाड़ी से लेकर बस, ट्रेन और हवाई जहाज तक उड़ा रही हैं महिलाएं। नारी आज मुख्य धारा में जुड़कर समाज और देश की तरक्की में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रही है।




धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं की ओर से महिला सशक्तिकरण के जरिए सामाजिक विकास के कई प्रयास किए जा रहे हैं जिनके बेहतर परिणाम भी नजर आ रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से अगले महीने ऐसा ही एक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन होने जा रहा है। बैंग्लुरू में 23 से 25 फरवरी तक होने वाली इंटरनेशनल वूमेंस कॉन्फ्रेंस में दुनियाभर की प्रमुख महिला हस्तियां जुटेंगी। कार्यक्रम का आयोजन आर्ट ऑफ लिविंग कई वर्षों से करता आ रहा है।
The #IWC2018 will be a platform to discuss critical social issues and look for solutions for them. Galina from Russia invites you for the Conference happening at @BangaloreAshram from 23 – 25 February 2018.#WomenWhoMatter pic.twitter.com/0HN8lOo2Hk
— International Women's Conference (@VoicesofIWC) January 13, 2018
कौन-कौन दिग्गज होंगे शामिल
कॉन्फ्रेंस में स्टेट बैंक और इंडिया की पूर्व चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य, उत्तरप्रदेश सरकार की प्रारंभिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल, अभिनेत्री मधु शाह, यूनिवर्सिटी ऑफ केलानिया, श्रीलंका के सेंटर फॉर जेंडर स्टडीज की फाउंडर-डायरेक्टर प्रोफेसर मैथ्री विक्रमसिंघे और ऑस्ट्रेलिया की लेखक रुथ ऑस्ट्रो समेत कई नामी हस्तियां अपने विचार रखेंगी। इनके साथ ही भारत ज्ञान के को-फाउंडर डॉ. डी के हरि और मशहूर लेखक अमीष त्रिपाठी भी शामिल होंगे।
सामाजिक विकास पर होगी चर्चा
कॉन्फ्रेंस में राजनीति, कला, कारोबार, मीडिया और शिक्षा जगत समेत अनेक क्षेत्रों की दिग्गज महिलाएं विचारों का आदान-प्रदान और समाज की बेहतरी के लिए मंथन करेंगी। एक दूसरे की प्रेरणादायक कहानियां शेयर होंगी। शांति, सशक्तिकरण और समाज की सेवा को लेकर विचार-विमर्श होगा। विश्व में महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही सकारात्मकता और समाज की भलाई के लिए आध्यात्मिक रास्ते खोजने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
तीन दिन चलेंगे सेशन, महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगा मंथन
हैप्पिनेस प्रोग्राम के साथ कॉन्फ्रेंस की शुरुआत होगी। दिनभर अलग-अलग विषयों पर सत्र चलेंगे और शाम को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर भी संवाद करेंगे।
दूसरे दिन ‘द गेम ऑफ लाइफ- ए प्ले और वॉर’ विषय पर पहला प्लेनरी सेशन होगा वहीं ‘द साइंस ऑफ लाइफ’ विषय पर वर्कशॉप होगी।
तीसरे दिन ‘मेकिंग स्प्रिच्युलिटी फैशनेबल’ और ‘गेम चेंजिंग एटीट्यूड्स फॉर दे नेक्स्ट जेनरेशन’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पैनल डिस्कशन और राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस होगी।
दूसरे और तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
पिछली कॉन्फ्रेंस की झलकियां और वीडियो का लिंक..
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.
Leave a Reply