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नवरात्रि कब हैं ? किस दिन करें किस देवी की पूजा ?

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नवरात्रि कब हैं ? किस दिन करें किस देवी की पूजा ?

नवरात्रि कब हैं ? किस दिन करें किस देवी की पूजा ?

मां दुर्गा की आराधना का सबसे पावन पर्व शारदीय नवरात्रि आने को है। इस बार 10 अक्टूबर से इसकी शुरूआत हो रही है। दशहरे तक नौ दिनों में हिंदू धर्म के मानने वाले देवी मां दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना करेंगे। पहले दिन से शुरू होकर नवमी तक हरसदन देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा विधि विधान से की जाती है। मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री के रूप में देवी दुर्गा की आराधना का ये पर्व खास होता है। साल में दो बार नवरात्रि आती है, एक आषाण में और दूसरी आश्विन में जिसे शारदीय नवरात्रि कहते हैं। इसका प्रारम्भ आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होता है तथा विजयादशमी के दिन पहले नवमीं आती है। 

 

शारदीय नवरात्रि 2018

10 अक्टूबर – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी पूजा

11 अक्टूबर – चंद्रघंटा पूजा

12 अक्टूबर – कुष्मांडा पूजा

13 अक्टूबर – स्कंदमाता पूजा

14 अक्टूबर – सरस्वती पूजा

15 अक्टूबर – कात्यायनी पूजा

16 अक्टूबर – कालरात्रि, सरस्वती पूजा

17 अक्टूबर – महागौरी, दुर्गा अष्टमी ,नवमी पूजन

18 अक्टूबर -नवमी हवन, नवरात्रि पारण

19 अक्टूबर- विजयादशमी, दुर्गा विसर्जन

नवरात्रि पूजा विधि : कलश स्थापना के लिए नवरात्रि के दौरान घर में एक साफ जगह का चुना करें। उस स्थान को मिट्टी या गोबर से लीप सकते हैं। लकड़ी की एक चौकी को स्थापित करके इसपर लाल रंग का एक कपड़ा बिछाएं। इसके बाद मिट्टी के एक बड़े दिए में जौ लगाकर इसे पानी भरे कलश के ऊपर रखें। साथ में एक दीपक लगाएं, जिसे नौ दिन तक घी से जलाएं। हर दिन सुबह स्नान करके तिथि के अनुसार मां की पूजा करें। हर दिन दुर्गा शप्तसती का पाठ करें और मां की आरती करें। 

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: प्रथमा के दिन यानि 10 अक्‍टूबर को प्रात: 6.22 से 7:25 बजे तक नवरात्रि का कलश स्थापित कर सकते हैं। आप 10 अक्‍टूबर को ही सुबह 11:36 बजे से लेकर दोपहर 12:24 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में भी कलश की स्‍थापना कर सकते हैं।

@religionworldbureau

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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October 4, 2018 2 min read
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