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दिव्य एवं भव्य कुम्भ में स्वच्छता की मिसाल इतिहास के पन्नों में अविस्मरणीय – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

दिव्य एवं भव्य कुम्भ में स्वच्छता की मिसाल इतिहास के पन्नों में अविस्मरणीय – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

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दिव्य एवं भव्य कुम्भ में स्वच्छता की मिसाल इतिहास के पन्नों में अविस्मरणीय – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

दिव्य एवं भव्य कुम्भ में स्वच्छता की मिसाल इतिहास के पन्नों में अविस्मरणीय – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

दिव्य एवं भव्य कुम्भ का अयोजन आस्था, आध्यात्म एवं आधुनिकता की त्रिवेणी के रुप में जाना जायेगादिव्य एवं भव्य कुम्भ का अयोजन आस्था, आध्यात्म एवं आधुनिकता की त्रिवेणी के रुप में जाना जायेगा

  • दिव्य एवं भव्य कुम्भ में स्वच्छता की मिसाल इतिहास के पन्नों में अविस्मरणीय रुप में जाना जायेगा
  • माननीय प्रधानमंत्री जी ने 5 सफाईकर्मियों का चरण धोकर स्वच्छता के कर्मयोगियों का किया सम्मान
  • स्वच्छताकर्मियों के आर्थिक मदद के लिए ”स्वच्छता सेवा सम्मान कोष“ स्थापना की घोषणा की

कुम्भ/प्रयागराज/24 फरवरी 2019/साधु-संतों, करोड़ों श्रद्धालुओं का साक्षी बने कुम्भ-2019 में आज भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का मुख्य मंत्री उ.प्र. श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ आगमन हुआ। प्रयागराज कुम्भ के गंगा पण्डाल में ”कुम्भ मेला-2019 को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने वाले स्वच्छताकर्मियों, पुलिस कर्मियों व नाविकों के सम्मान“ में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने प्रधानमंत्री जी हेतु डी.पी.एस. हेलीपैड पर सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा पधारे। हेलीपैड पर उ.प्र. के मुख्यमंत्री जी, उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, नगर विकास मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित जिला एवं मेला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री जी को पुष्प भेंट कर स्वागत किया।

हेलीपैड से चलकर प्रधानमंत्री जी संगम तट पर आये जहॉ उन्होंने संगम के पवित्र जल में स्नान किया और तीर्थ पुरोहितों के वैदिक मन्त्रोच्चारण के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ मॉ गंगा का दुग्धाभिषेक तथा आरती की। प्रधानमंत्री जी ने पूजा-अर्चना के बाद पुरोहितों को दक्षिणा भी दिये साथ ही दिव्य कुम्भ भव्य कुम्भ सेल्फी प्वॉइट पर उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गंगा पण्डाल में स्वच्छता के मामले में विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने वाले इस कुम्भ-2019 में स्वच्छता के कर्मयोगी बने सफाईकर्मी/स्वच्छाग्रहियों में से श्रीमती चौबी व श्रीमती ज्योती 2 महिला तथा श्री प्यारे लाल, होरी लाल, नरेश कुमार 3 पुरुष सफाई कर्मियों का पॉव पखार कर तथा कपड़े से पॉव पोंछ कर उनका सम्मान किया तथा अंगवस्त्र पहना कर अभिनन्दन किया। मंच पर मा० प्रधानमंत्री जी के आगमन के उपरान्त स्कूली छात्राओं ने मा० प्रधानमंत्री जी सहित अन्य सम्मानित मंत्रियों को अंगवस्त्रम पहना कर तथा बैज़ लगाकर स्वागत किया।

https://twitter.com/narendramodi/status/1099646962901622784

तपोभूमि प्रयागराज में आयोजित दिव्य एवं भव्य कुम्भ में रविवार को शामिल होते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने स्वच्छता की मिसाल कायम करने वाले सफाई कर्मियों में से 5 सफाई कर्मियों का चरण पखार कर कहा कि, उन्हें इसमें जो अनुभूति हुयी है वह उनके जीवन में एक अविस्मरणीय क्षण के रुप सदैव याद रहेगा। इस अवसर पर गंगा पण्डाल में आयोजित ”स्वच्छ कुम्भ स्वच्छ आभार“ कार्यक्रम में सफाईकर्मियों, स्वच्छाग्रहियों तथा पुलिस एवं नाविकों व अन्य लोगों को सम्बोधित करते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी ने कहा कि तपोभूमि प्रयागराज में आकर आज वे बहुत ही सुखद क्षण की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने दिव्य एवं भव्य कुम्भ के आयोजन में लगे हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, सफाईकर्मियों, स्वच्छाग्रहियों, नाविकों, पुलिस एवं अर्द्ध सैनिक बलों के अलावा अन्य विभागों के योगदान की भूरि-भूरि सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में कुम्भ पर्व के माध्यम से स्वच्छता की अलख जगाने वाले स्वच्छाग्रही एवं सफाईकर्मी बधाई के पात्र हैं जिनपर हर देशवासी को गर्व है। उन्होंने दिव्य एवं भव्य कुम्भ के आयोजन में पूरी निष्ठा से लगे हुए सभी कर्मयोगियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस जनसैलाब में साफ-सफाई की जो अद्वितीय मिसाल सफाईकर्मियों ने कायम की है वह सिद्ध करता है कि कोई भी कार्य नामुमकिन नहीं है। सफाईकर्मियों की दिनचर्या में जल्दी उठना, रात में देर से सोना, दिनभर कूड़ा उठाना, शौचालय साफ करना, बिना किसी की ओर देखे हुए चुपचाप अपने कार्य को सम्पादित करते रहना उनकी रोज की दिनचर्या रही है। उनका यह सेवा भाव सफाई कार्य के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
प्रधानमंत्री जी ने सफाईकर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस कुम्भ को सफल और स्वच्छ बनाने में आप सभी लोगों ने कोई कोर कसर नहीं छोड़़ी है जिसके फलस्वरुप यह कुम्भ, स्वच्छ कुम्भ की पहचान के रुप में पूरी दुनिया में जाना जा रहा है। प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा दिव्य एवं भव्य कुम्भ को सफल बनाने में दिन-रात किये गये परिश्रम की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनके अहर्निश प्रयास से ही यह महान आयोजन सकुशल सम्पन्न हो रहा है।

उन्होंने कहा कि गंगा की निर्मलता की चर्चा आज चारां तरफ हो रही है, जिसके कर्णधार उ.प्र. के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ही है। उन्होंने कहा कि गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के लिए 32 नालों को बन्द किया गया। आशा व्यक्त की कि इस अभियान को आगे भी सफल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता एवं पूरी तन्मयता के साथ कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस बार का कुम्भ देश में ही नहीं विश्व में आस्था, आध्यात्म एवं आधुनिकता की त्रिवेंणी के रुप में जाना जायेगा साथ ही साथ डिजिटल कुम्भ के रुप में भी याद किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस बार के कुम्भ आयोजन में कई स्थाई निर्माण कार्य भी कराये गये हैं जो आगे भी प्रयागराज वासियों की सुविधा के साथ-साथ इस आयोजन को पुनः सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।

इस अवसर पर नाविकों के कार्य की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री जी ने कहा कि दिव्य एवं भव्य कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं की जो सेवा नाविकों ने की है वह प्रशंसनीय है इसके लिए मैं नाविकों को तहे दिल से नमन करता हूॅ। इनका इतिहास ऐसा रहा है कि श्री राम जी को भी इन्होंने पार उतारा था। नाविक मॉ गंगा की साधना करने वाले कर्मयोगी हैं। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस बल एवं अर्द्धसैनिक बलों द्वारा दिन-रात लग कर किये गये सराहनीय कार्य की प्रशंसा की और कहा कि श्रद्धालुओं को बड़े ही सौम्य और मधुर व्यवहार से उनका मन जीता है। इस अवसर पर, डूबते हुए एक श्रद्धालु को बचाने में एन.डी.आर.एफ. के जवान श्री राजेन्द्र गौतम द्वारा अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया जाना उत्कृष्ट सेवा के मिसाल के रुप में जाना जायेगा। उन्होंने स्व. राजेन्द्र गौतम जी के परिवार के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गंगा पण्डाल के मंच पर सफाई कर्मचारियों में श्रीमती शीतल, श्रीमती सुमन देवी, श्रीमती चुनकी, श्री कल्लू, श्री सूरज एवं श्री किशोरी लाल तथा राज कुमार व नम्रता सिंह स्वच्छाग्रही, जल पुलिस के श्री मुनीश कुमार सिंह, सिविल पुलिस के श्री संतोष, अग्निशमन के सुरेन्द्र कुमार, होमगार्ड के नागेन्द्र कृष्ण पाण्डेय, सी.आर.पी.एफ. के जवान विकास चन्द्र, एन.डी.आर.एफ. के जवान देवप्रकाश तथा नाविकों में श्री राजू निषाद व लल्लन निषाद का प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने स्वच्छता सेवा सम्मान कोष के स्थापना की घोषणा की। इस कोष से कुम्भ में लगे हुए सफाई कर्मियों, स्वच्छाग्रहियों तथा अन्य निम्न आयवर्ग के कार्मिकों को विशेष परिस्थितियों में आर्थिक मदद किया जायेगा।

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में स्वच्छता का अलख जगाने वाले व दुनिया के सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रयागराज के कुम्भ में एक स्वच्छ और सुरक्षित कुम्भ मेले की कल्पना ने साकार रुप लिया है। जिसके फलस्वरुप यहॉ पर मानवता का विशाल समागम हुआ। दिव्य एवं भव्य कुम्भ का आयोजन जिस रुप में प्रस्तुत हुआ है वह दुनिया के लिए एक यादगार बन गया है। प्रयागराज के कुम्भ में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगायी जिससे यह साबित हो गया कि इतना विशाल आयोजन बिना किसी बाधा के पार कर लिया है। समय-समय पर वैश्वीकरण मानचित्र पर पूरे आयोजन के लिए प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन रहा है। प्रधानमंत्री जी स्वयं इस विशाल आयोजन के भागीदार बने और पूरे कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। नमामि गंगे मिशन के कारण ही गंगा नदी को निर्मल और अविरल बनाने में निरंतर योगदान मिल रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब वो गुजरात में थे तो उन्होंने स्वयं अपने 30 लाख रुपयों की धनराशी से सचिवालय के सफाई/चतुर्थ श्रेणीं के कर्मचारियों के लिए एक कोष की स्थापना कर उनके पुत्रियों की शादी आदि के लिए व्यय किया था। विभिन्न अवसरों पर मा. प्रधानमंत्री जी को मिले विभिन्न पुरस्कारों आदि की धनराशि भी वे गरीब कन्याओं की शादी के लिए दिये थे। मा. प्रधानमंत्री जी ने 12.50 करोड़ रुपये की नीलाम हुयी अपनी वस्तुओं की धनराशि को नमामि गंगे में दान कर दिया है और यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने सियोल में प्राप्त सियोल शान्ति पुरस्कार की धनराशि भी नमामि गंगे योजना के लिए दान किया है। मुख्यमंत्री जी ने स्वच्छताग्रहियों, सफाई कर्मियों को दिव्य व भव्य कुम्भ बनाने में सहयोग करने पर कर्मयोगी बताते हुए उनका स्वागत करते हुए कहा कि इस दिव्य एवं भव्य कुम्भ में वे स्वच्छता के प्राण रुप में रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को कुम्भ कलश एवं कुम्भ का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती ने अपने सम्बोधन में कहा कि सफाई कर्मचारियों ने जो सेवा की है उनकी सेवा और साधना से ईश्वर स्वयं उनसे मिलने आयेंगे। सारे संसार ने कुम्भ मेले की व्यवस्था की तारीफ की है और इस सर्वोत्तम व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री जी का सहयोग और प्रधानमंत्री जी का आशिर्वाद बताया।

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कुम्भ मेला की दिव्यता और भव्यता की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसा दृश्य कुम्भ मेले में पहले कभी देखने को नहीं मिला है। पूरे विश्व में इसकी जय जयकार हो रही है। इस अवसर पर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, नगर विकास मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना सहित भारी संख्या में सफाईकर्मी, स्वच्छाग्रही, पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बल, नाविक आदि उपस्थित रहे।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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February 24, 2019 9 min read
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