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महिषासुर के वध पर होते हैं दुखी यहां के लोग 

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महिषासुर के वध पर होते हैं दुखी यहां के लोग 

महिषासुर के वध पर होते हैं दुखी यहां के लोग

नवरात्रि के दौरान जहां पूरा देश मां दुर्गा के आगमन की तैयारी में दिन रात जुटा रहता है वहीँ इस देश के एक शहर में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो असुरराज महिषासुर के मरने का दुख मनाने में लगे हैं. हम बात कर रहे हैं बंगाल के उत्तरी हिस्से में स्थिति पुरुलिया की.

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कौन है यह लोग

ये लोग कोई और नहीं बल्कि खुद को महिषासुर के वंशज बताने वाले हैं. ये लोग बंगाल के उत्तरी हिस्से में स्थित पुरुलिया समेत कुछ और स्थानों पर असुर उत्सव मनाते हैं. कई स्थानों पर इसे महिषासुर की स्मरण सभा का भी नाम दिया गया है. इस साल बाकायदा इस समुदाय के लोगों ने कमेटी के गठन करने का फैसला लिया है. इस साल असुर उत्सव को काफी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी है. पूरे राज्य में करीब साढ़े आठ सौ से नौ सौ के बीच में असुर स्मरण सभाएं आयोजित की जाएंगी.

यह भी पढ़ें – नवरात्रि : 9 शक्तिशाली दिन दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती के : सद्गरु जग्गी वासुदेव

इतना ही नहीं, किसी प्रकार का विरोध झेलने के लिए भी ये लोग कमर कस चुके हैं. वेस्ट बंगाल स्टेट महिषासुर स्मरण सभा समिति की पहली बैठक हो चुकी है. इनकी सभा दमदम के दुर्गानगर में भी होने वाली है. बोधन से लेकर विसर्जन तक ये लोग दुखदर्द में डूबे रहते हैं. पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक इनके यहां माहौल गमगीन रहता है.

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September 23, 2017 • 2 min read
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