नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के अष्टम स्वरूप की पूजा की जाती है। महाअष्टमी पर मां महागौरी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि उनकी उपासना से जीवन में शांति, सुख-समृद्धि और शुभता का संचार होता है। इस दिन गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी को नारियल का भोग अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है।
देवी के इस स्वरूप को राहु से संबंधित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, उनकी पूजा से राहु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं और जीवन में संतुलन आता है। जब जीवन में अव्यवस्था, भ्रम या अस्थिरता बढ़ती है, तब देवी की आराधना मन को स्थिरता और शुभता की ओर ले जाने वाली मानी जाती है।
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा
पूजा, भोग और शुभता
महाअष्टमी के दिन नारियल का भोग लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। कई लोग इस दिन कन्या पूजन के बाद पूरी, हलवा और चना भी अर्पित या वितरित करते हैं, जो महाअष्टमी की लोकप्रिय परंपराओं से जुड़ा हुआ है।
माना जाता है कि इस उपासना से संतान सुख और पारिवारिक कल्याण की कामना की जाती है। श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा साधक के जीवन में सकारात्मकता, सौभाग्य और मानसिक शांति लाने वाली मानी जाती है।
कल्याणकारी मंत्र
ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
सौंदर्य, शांति और करुणा का स्वरूप
महागौरी का अर्थ है वह दिव्य रूप जो प्रकाश, सौंदर्य और शुद्धता से परिपूर्ण हो। उनका स्वरूप शांत, दैदीप्यमान और करुणामयी माना जाता है।
प्रकृति के दो छोर बताए जाते हैं—एक ओर मां कालरात्रि का उग्र और प्रलयंकारी स्वरूप, और दूसरी ओर मां महागौरी का शांत, सौम्य और आशीर्वादमयी रूप। इसी कारण यह स्वरूप भक्त के जीवन में कोमलता, आशा, पवित्रता और मनोकामना पूर्ति का प्रतीक माना जाता है।
पूजा का फल
महाअष्टमी पर इस स्वरूप की पूजा से साधक के जीवन में शांति, सौंदर्यबोध, करुणा और शुभ फल का संचार होता है। उनकी कृपा से नकारात्मकता कम होती है और जीवन में संतुलन, स्नेह तथा समृद्धि बढ़ती है। इसलिए मां महागौरी की आराधना को नवरात्रि के अत्यंत पुण्यदायी अनुष्ठानों में गिना जाता है।
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा
चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों की देवी और महत्व
देवी महागौरी का धार्मिक महत्व
नवरात्रि के रंगों का महत्व
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महाअष्टमी पर किस देवी की पूजा की जाती है?
महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा की जाती है।
मां महागौरी को कौन-सा भोग लगाया जाता है?
मां महागौरी को नारियल का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
मां महागौरी का मंत्र क्या है?
मां महागौरी का प्रमुख मंत्र है — ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
मां महागौरी की पूजा का क्या महत्व है?
मां महागौरी की पूजा से शांति, सुख-समृद्धि, शुभता और सकारात्मकता प्राप्त होने की मान्यता है।
लेख – पं. दयानंद शास्त्री, उज्जैन
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.
