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कुम्भ 2019 के तीसरे एवं अंतिम शाही स्नान पर श्रद्वालुओं की भारी भीड़

कुम्भ 2019 के तीसरे एवं अंतिम शाही स्नान पर श्रद्वालुओं की भारी भीड़

कुम्भ 2019 के तीसरे एवं अंतिम शाही स्नान पर श्रद्वालुओं की भारी भीड़
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कुम्भ 2019 के तीसरे एवं अंतिम शाही स्नान पर श्रद्वालुओं की भारी भीड़

कुम्भ 2019 के तीसरे एवं अंतिम शाही स्नान पर श्रद्वालुओं की भारी भीड़

  • कुम्भ 2019 के तीसरे एवं अंतिम शाही स्नान पर 1.50 करोड श्रद्वालुओं ने लगाई डुबकी
  • 8 किमी की लम्बाई में फैले 40 से अधिक घाटों पर स्नान किया

प्रयागराज, 10 फरवरी। कुम्भ 2019 के तीसरे एवं अंतिम शाही स्नान पर भी श्रद्वा एवं आस्था का जनसैलाब एक दिन पूर्व से ही प्रयागराज में उमड पडा। मेलाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार बसंत पंचमी के महास्नान में अपरान्ह 3 बजे तक 1.50 करोड से अधिक श्रद्वालुओं ने 8 किमी की लम्बाई में फैले 40 से अधिक घाटों पर स्नान किया। सभी अखाडों ने प्रशासन की सुव्यवस्थित देखरेख में बडे आनन्द और उल्लास के साथ शाही स्नान कर कुम्भ 2019 को अभूतपूर्व ऐतिहासिक बना दिया।

धर्म और अध्यात्म की इस दिव्य, भव्य, सुन्दर और स्वच्छ कुम्भ नगरी में आज जहॉ श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ा, वहीं 13 अखाड़ों के  साधु-संतों ने भी गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम पर भव्य आकर्षक और गाजे बाजों के साथ हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ तीसरा शाही स्नान किया। सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी/श्री पंचायती अटल अखाड़ा ने पूर्वान्ह 6ः15 बजे स्नान किये। उसके बाद पंचायती निरंजनी अखाड़ा, तपोनिधि श्री पंचायती आनन्द अखाडा ने पूर्वान्ह 7.05 बजे संगम तट पर पहुंचकर स्नान किया। उसके बाद श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा/श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा/श्री शम्भू पंच अग्नि अखाड़ा ने पूर्वान्ह 8 बजे संगम घाट पर स्नान किया। उसके बाद अखिल भारतीय श्री पंचनिर्मोही अनी अखाड़ा ने पूर्वान्ह 10.40 बजे, अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा ने पूर्वान्ह 11.20 बजे, अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा ने अपरान्ह 12.20 बजे, श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन ने अपरान्ह 1.15 बजे, श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन ने अपरान्ह 2.20 बजे तथा श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल ने अपरान्ह 3.40 बजे संगम घाट पर पहुॅचकर स्नान किया।

इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ स्नानार्थियों को सुगमता एवं सरलता के साथ स्नान घाटों तक पहुॅचने के लिए यातायात की खासी रणनीति तैयार की थी और इसके साथ ही घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ रूककर एकत्र न हो तथा उनके वापसी व गन्तव्य तक पहुॅचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गयी थी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जहॉ पुलिस के आला अधिकारी स्नान व शाही शोभा यात्रा के दौरान स्वयं उपस्थित रहे, वहीं फोर्स के जवान, पुलिस, वालंटियर्स, मजिस्ट्रेट आदि सचेत रहे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व्यवस्था सतर्क रही और स्नानार्थियों/श्रद्वालुओं को स्नान करने के उपरान्त गंतव्य तक जाने हेतु दिशा निर्देश देते रहें। संगम नोज सहित सभी घाटों स्नानार्थियों/श्रद्वालुओं की काफी भीड रही। भीड नियंत्रित करने हेतु बनाये गये टावरों से लगातार निगरानी एवं लाउडस्पीकर, लाउडहेलर के माध्यम से निर्देशन दिया जाता रहा। हेलीकाप्टर द्वारा पूरे मेले की निगरानी के साथ-साथ शाही स्नान के लिये जाते हुये साधु-संतों एवं श्रद्वालुओं पर पुष्पवर्षा भी की गयी। मेले की व्यवस्था को देखकर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के कोने-कोने से आये कई श्रद्वालुओं ने बताया कि ऐसी दिव्य, भव्य, स्वच्छ और सुन्दर कुम्भ उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी। इस कुम्भ में उत्तर प्रदेश सरकार ने बडी ही अच्छी औैर सुव्यवस्थित व्यवस्था की है, इसके लिये वे बधाई के पात्र हैं।

शांत, ठण्डी मंद बयार, कटु-शीत को दूर करते हुए बसंत ऋतु, बसंत पंचमी के पर्व से शुरु हो जाती है। प्रकृति के कण-कण में नवप्राण, नवउत्साह, नवउमंग भर जाता है। साथ ही पेड़-पौधों में भी नई कपोलों का उद्भव होना शुरु हो जाता है। बसंत ऋतु एक प्रसिद्ध भारतीय त्योहार है। इस दिन विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा भी बड़े उल्लास के साथ की जाती है। इस अवसर पर आने वाले श्रद्वालुओं का उत्साह कुम्भ नगरी में देखते ही बन रहा था, लोग गंगा मैया का जयकारा लगाते हुये बडे उल्लास और उमंग के साथ स्नान घाटों कीं ओर बढ रहे थे और एक सौहार्द तथा सहयोग के वातावरण में आ-जा रहे थे। बसंत पंचमी का यह शाही स्नान भी शांति और सुगमता के साथ सम्पन्न होकर कुम्भ 2019 के दिव्य एवं भव्य स्वरूप में एक नया अध्याय जुड गया।

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Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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February 10, 2019 4 min read
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