कुंभ मेले में बनाए गए हैं 300 हाई टेक टेंट

प्रयागराज, 20 जनवरी; प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले में वर्ल्ड क्लास सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. देश विदेश से आने वाले मेहमानों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने रहने और ठहरने की उत्तम व्यवस्था की है. कुंभ मेला में बने टेंट सिटी में हिंदू श्रद्धालुओं और साधू संतों के लिए हाई टेक टेंट बनाए गए हैं. अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस ये टेंट बाहर और अंदर दोनों तरफ से काफी सुंदर बनाया गया है.
टेंट सिटी को वैदिक टेंट सिटी नाम दिया गया है. इसके अलावा अलग-अलग टेंट को अलग-अलग नाम भी दिया गया है जैसे नर्मदा कुटी, साबरमती कुटी औऱ सरस्वती कुटी. बता दें कि हिंदू श्रद्धालुओं और साधू-संतों के ठहरने के लिए ऐसे कुल 300 हाई टेक टेंट बनाए गए हैं. इनके अलावा टेंट सिटी में एक ओपन रेस्तरां भी बनाया गया है.
कुंभ में आम भक्तो के लिए जहां समान्य व्यवस्था के साथ टेंट हाउस बने हैं वहीं वीआईपी और वीवीआईपी श्रद्धालुओं के लिए 5 स्टार वाला सुईट के साथ लग्जरी टेंट भी बनाए गए हैं.
दिल्ली की हितकारी प्रोडक्शन एंड क्रिएशन्स कंपनी लग्जरी टेंट सिटी इंद्रप्रस्थम बसा रही है. इसमें सबसे महंगे टेंट का किराया करीब 35 हजार रुपए है. कुल 600 टेंट हैं, जिनमें से 200 लग्जरी (किराया 16 हजार रुपए) और 250 डीलक्स (किराया 12 हजार रुपए) टेंट हैं.
ऐसी 5 कंपनियां यूपी सरकार के साथ टेंट सिटी बसाने को लेकर काम कर रही हैं. कल्पवृक्ष, वैदिक टेंट सिटी की वेबसाइट्स से भी बुकिंग की जा सकती है. मेले में सरकार की ओर से 1 लाख 22 हजार टॉयलेट बनवाए गए हैं. बता दें कि अर्द्ध कुंभ मेले की तैयारी में करीब 4200 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं. यूपी सरकार ने इसके लिए केंद्र से एक तिहाई से ज्यादा राशि मांगी है, जो 2013 के कुंभ मेले की राशि से तीन गुना ज्यादा है.
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सीआईआई ने लगाया कुम्भ से 1200 अरब रुपये की आमदनी का अनुमान

प्रयागराज, 20 जनवरी; कुंभ से उत्तर प्रदेश सरकार को 1,200 अरब रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है. उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने यह अनुमान लगाया है. सीआईआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक 15 जनवरी से 4 मार्च तक आयोजित होने वाला कुंभ मेला, हालांकि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन है मगर इसके आयोजन से जुड़े कार्यों में छह लाख से ज्यादा कामगारों के लिए रोजगार उत्पन्न हो रहा है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 दिन तक चलने वाले कुंभ मेले के लिए आयोजन के लिए 4,200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं जो वर्ष 2013 में आयोजित महाकुंभ के बजट का तीन गुना है.
सीआईआई के अध्ययन के मुताबिक कुंभ मेला क्षेत्र में आतिथ्य क्षेत्र में करीब ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके अलावा एयरलाइंस और हवाई अड्डों के आसपास से करीब डेढ़ लाख लोगों को रोजी-रोटी मिलेगी. वहीं, करीब 45,000 टूर ऑपरेटरों को भी रोजगार मिलेगा. साथ ही इको टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म क्षेत्रों में भी लगभग 85,000 रोजगार के अवसर बनेंगे.रिपोर्ट के मुताबिक इसके अलावा टूर गाइड टैक्सी चालक द्विभाषिये और स्वयंसेवकों के तौर पर रोजगार के 55 हजार नए अवसर भी सृजित होंगे. इससे सरकारी एजेंसियों तथा वैयक्तिक कारोबारियों की आय बढ़ेगी.
सीआईआई के अनुमान के मुताबिक कुंभ मेले से उत्तर प्रदेश को करीब 12 सौ अरब रुपये का राजस्व मिलेगा. इसके अलावा पड़ोस के राज्यों राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को भी इसका फायदा होगा.
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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