31 वां अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज : 50 से अधिक देशों के 700 से अधिक रजिस्ट्रेशन
- 31 वां अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज
- अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में पहले से ही 50 से अधिक देशों के 700 से अधिक योग जिज्ञासु पंजीयन करा चुके है
- योग, केवल किसी एक देश के लिये नहीं है बल्कि पूरे विश्व के लिये है – स्वामी चिदानन्द सरस्वती
- योगी बने सहयोगी और उपयोगी – साध्वी भगवती सरस्वती
ऋषिकेश, 29 फरवरी। परमार्थ निकेतन के दिव्य प्रांगण में योग, अध्यात्म और ध्यान की दिव्य ऊर्जा से योग जिज्ञासुओं को जीवंत करने वाला 31 वां अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारम्भ 1 मार्च 2020 को उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री भारत सरकार श्री प्रहृलाद पटेल जी, विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल, आयुष मंत्री, उत्तराखण्ड श्री हरक सिंह रावत जी अन्य गणमान्य अतिथियों, भारत सहित विश्व के अनेक देशों से आये योगाचार्यो, योग जिज्ञासुओं एवं अध्यात्म जगत की शिखरस्थ दिव्य आत्माओं के पावन सान्निध्य में होगा।
भारतीय योग परम्परा से अभिभूत होने के लिये परमार्थ निकेतन में योग जिज्ञासु पहुंच रहे है। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों द्वारा भारतीय परम्परानुसार तिलक लगाकर योग जिज्ञासुओं का दिव्य स्वागत किया जा रहा है। इस बार अन्तर्राष्ट्रीय योग महापर्व में सम्मिलित होने के लिये सम्पूर्ण विश्व के 50 से अधिक देशों के 700 से अधिक प्रतिभागी पहले से ही पंजीयन करा चुके है।

शान्ति, सद्भाव और वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश देने वाले इस अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का शानदार आयोजन पूज्य महामण्डलेश्वर स्वामी असंगानन्द सरस्वती जी महाराज, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से किया जा रहा है। अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन अतुल्य भारत, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।


अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के बारे में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’भारत केवल एक भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि यह तो जीता-जागता शान्ति का संदेश प्रसारित करने वाला राष्ट्र है। योग, भारत की आध्यात्मिक विरासत है, योग और ध्यान के माध्यम से वैश्विक स्तर पर व्याप्त चुनौतियों को कम किया जा सकता है। योग एक ऐसी दुनिया के निर्माण की कुंजी है जिससे हम एकता, विश्वास, प्रेम और बंधुत्व का निर्माण कर सकते हैं। योग के क्षेत्र में भारत का नेतृत्व यह भी दर्शाता है कि हम प्रतिक्रिया नहीं करते बल्कि सचेत होकर कार्य करने में विश्वास करते हैं और योग केवल किसी एक देश के लिये नहीं बल्कि यह तो पूरे विश्व के लिये है।


अन्तर्राष्ट्रीय योग की निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि हमें इस बात पर ध्यान देना होगा कि ’एक योगी किस प्रकार उपयोगी बन सकता है’ और ’किसी प्रकार सहयोगी बन सकता है।’ आज दुनिया में जो भी हो रहा है उससे देखते हुये लगता है कि योग हम सभी के लिये कितना जरूरी और सहयोगी है। इस वर्ष योग की अवधारणा आपसी एकता और सद्भाव के रूप में विकसित करनी होगी ताकि हमारे देशी-विदेशी भाई-बहन, धरती माता और भावी पीढ़ियों के लिये मिलकर कार्य करें।

इस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में आध्यात्मिक व्याख्यान श्रंख्ला में विश्व प्रसिद्ध विभूतियाँ श्री श्री रविशंकर जी, योगगुरू स्वामी रामदेव जी महाराज, स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज, डाॅ प्रणव पण्ड्या जी, आचार्य बालकृष्ण जी – बू्रस लिप्टन, डाॅ वंदना शिवा, रेवा माइकल बेकविथ, पिईए, डाॅ एलेन्ड्रेंडो जुंगर, गौर गोपाल दास जी, डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती जी, गुरूमुख कौर खालसा, टाॅमी रोजेन, आहार विशेषज्ञ रूजुता दिवाकर, स्मिता नरम, किया मिलर, जेनेट एटवुड, स्टीवर्ट गिलक्रिस्ट, आनन्द मेहरोत्रा, आनन्द्रा जाॅर्ज, जोआना फासो, सियाना शर्मन, केटी बी हैप्पी और अन्य विश्व विख्यात वेलनेस मास्टर्स सहभाग कर रहे है।

विश्व विख्यात सूफी गायक, कैलास खेर अपने कैलाशा बैंड के साथ प्रेरणादायक संगीत प्रस्तुत करेंगे। प्रख्यात ड्रम एवं ताल वादक शिवमणि और रूना रिज़वी, मंत्रमुग्ध करने वाला संगीत प्रस्तुत करेंगे, ’प्रेम से परमानंद की यात्रा’ कीर्तनियों का आत्मा को छूने वाला कीर्तन, इज़रायल से विशेष रूप से आये संगीतकार गिल राॅन शामा का हिब्रु और हिन्दी भाषा के सम्मिश्रण वाला अद्भुत संगीत साथ ही अनेक राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय संगीतकारों और कलाकारों से सुशोभित होगा परमार्थ निकेतन कलामंच।

The World of Cultural Union : An Evening of Cultural Song, परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों द्वारा डांस एंड थिएटर परफाॅरमेंस, सूफी डांस मर्ट गुलर की टीम के द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा।
योग की कक्षायें प्रातः 4ः00 बजे से रात 9ः30 बजे तक सम्पन्न होंगी, जिसमें प्रमुख रूप से अष्टांग योग, अयंगार योग, हठ योग, राज योग, भक्ति योग, कर्मयोग, गंगा योग, विन्यास योग, कुण्डलिनी योग, जीवमुक्ति योग, सिन्तोह योग, सेमैटिक योग, लीला योग, डीप योग आदि एक सप्ताह तक प्रस्तुत किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त ध्यान, मुद्रा, वैदिक मंत्र, संस्कृतवाचन, आयुर्वेद, सांउड हीलिंग, रेकी, दर्शन, होम्योपैथी चिकित्सा तथा अनेक कार्यशालाएं, नाटक प्रदर्शन, व्याख्यान, प्रवचन तथा इंटरैक्टिव सत्रों का आयोजन किया जायेगा। देश-विदेश से आये हुये आध्यात्मिक महापुरूषों एवं धर्मगुरूओं द्वारा धार्मिक सवांद, जिज्ञासा समाधान एवं प्रश्नोŸारी का भी विशेष आयोजन इस अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में किया जायेगा।

प्राचीन भारतीय दर्शन, वेदान्त, मानव सशक्तिकरण, प्रेरक नृत्य, संगीत, तनाव नियंत्रण कार्यशाला, आहार विशेषज्ञ के साथ चर्चा जैसे अनेक सत्रों का आयोजन किया जायेगा। स्व से जुड़ने हेतु महर्षि आश्रम में विशेष ध्यान और मंत्र जप कार्यक्रम का आयोजन।
अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में भारत, स्पेन, ब्राजील, पुर्तगाल, पोलैंड, मैक्सिको, बेल्जियम, अमेरिका, कोलम्बिया, नीदरलैण्ड, पेरू, अर्जेन्टीना, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, इटली, नार्वे, जर्मनी, तिब्बत, भूटान, रूस, इजरायल, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, स्वीडन, हांगकाग, बेल्जियम, स्विट्जरलैण्ड, बहरीन, अफगानिस्तान, अफ्रीका, सिंगापुर, ताईबान, फिलिस्तीन, ईरान, जापान, केन्या, यमन, पेलस्टाईन, सिंगापुर, ताईबान, बैंकाक, नामीबिया, इक्वाडोर, कोलम्बिया, ग्वाटेमाला, आॅस्ट्रिया, क्यूबा, चिले, थाईलैण्ड, तुर्की, ब्रिटेन, दक्षिण अमेरिका सहित विश्व के विभिन्न देेशों के योग जिज्ञासु सहभाग कर रहे हैं।
योगाचार्य और योग जिज्ञासुओं के कथन
लंदन से आये योगाचार्य, स्टीवर्ट गिलक्रिस्ट ने कहा कि मैं पहली बार अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में आया हूँ। इसके पहले कई वर्षो से इस महापर्व के बारे में मैने सोशल मीडिया के माध्यम से सुना था आज मैं खुश हूँ कि मैं इस पर्व का हिस्सा हूँ मैं यहां पर सीखाने ही नहीं बल्कि सिखने भी आया हूँ।
सिंगापुर से आयी रेबेका स्टरे ने कहा कि मैं परमार्थ निकेतन योग महोत्सव में पहले भी सहभाग कर चुकी हूँ। क्या अद्भुत वातावरण है यहां का जिसे शब्दों से व्यक्त नहीं किया जा सकता। योग के साथ अध्यात्म और व्यवहारिक ज्ञान का जो समन्वय इस महोत्सव में है मुझे लगता है वह विश्व में और कहीं पर भी नहीं है।
जापान से आयी जुनको ने कहा कि योग की क्लास विश्व के हर जगह है परन्तु विनम्रता, आध्यात्मिकता और अपनत्व केवल परमार्थ निकेतन योग महोत्सव में ही है।
लंदन से आयी लुईस ने कहा कि माँ गंगा मेरी मेडिटेशन गुरू है और योग महोत्सव मुझे मेरे गुरू से मिलने का अवसर प्रदान कराता है।
नोट – परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव विश्व में अपनी उत्कृष्ट पहचान स्थापित कर चुका है, इसे प्रसिद्ध प्रकाशनों जैसे टाइम पत्रिका, न्यूयार्क टाइम्स, बीबीसी, सीएनएन और कई प्रतिष्ठित प्रकाशनों ने भी कवर किया है। विगत वर्ष विश्व के 100 से अधिक देशों से 2000 से अधिक योग जिज्ञासुओं ने सहभाग किया था।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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