सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों पर सर्वधर्म के संतों ने जताया गहरा ऐतराज

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सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों पर सर्वधर्म के संतों ने जताया गहरा ऐतराज

नई दिल्ली, 12 अप्रैल 2019: सर्वधर्म सद्भावना के क्षेत्र मे पिछले 35 वर्षों के कार्यरत अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश मुनि सहित अनेक धर्म गुरुओं के चित्र के राजनीतिकरण से उनको ठेस पहुंची। धर्मगुरुओं ने कहा की सर्वधर्म सद्भावना के क्षेत्र मे काम करते हुये वो सदैव राजनीति से दूर रहे है। उल्लेखनीय है कि चुनाव की सरगरमियों के बीच सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की बाढ सी आई हुई है। इन्ही में एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमे पाँच अलग अलग धर्मों के गुरु कॉंग्रेस पार्टी का झण्डा लिए नजर आ रहे है।

तस्वीर मे नजर आ रहे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जैन आचार्य डा. लोकेश बताते हैं कि, असली तस्वीर उस समय की है जब भारत-पाक अटारी बॉर्डर पर हिन्दु मुस्लिम सिक्ख जैन गुरू हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर राष्ट्र भक्ति जगा रहे है,बोर्डर पर जवानों का उत्साह वर्धन कर रहे है, सर्वधर्म सदभावना का संदेश दे रहे है। किन्तु चुनावी फ़ायदे के लिए राजनैतिक लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ छेडछाड कर अपनी पार्टी के झण्डे उनके हाथों में थमा दिये।

असली तस्वीर

तस्वीर मे धार्मिक सद्भावना का संदेश देते हुये हिन्दू धर्माचार्य गोस्वामी सुशील जी महाराज एवं स्वामी दीपांकर, जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि, इस्लाम धर्म से इमाम उमेर अहमद इलियासी, सिख धर्म से श्री परमजीत सिंह चंडौक ने कहा कि अंतरधार्मिक सद्भावना मुहिम का इस प्रकार से राजनीतिकरण करना बेहद निंदनीय है।

आचार्य लोकेश ने कहा कि उनके 35 वर्षों के सार्वजनिक जीवन मे उन्होने सदैव अपनी दल निरपेक्ष छवि को बनाए रखा है। जबकि मेरी संस्था अहिंसा विश्व भारती श्रेष्ठतम सामाजिक कार्य करते हुये भी किसी सरकारी एजेंसी से कोई आर्थिक अनुदान नहीं लिया। ऐसे में धर्म गुरुओं को दल विशेष से जोड़ना बेहद कष्ट प्रद है और इससे हमारी सामाजिक दलनिरपेक्ष छवि को ठेस पहुँचती है, यह बेहद गलत है। आचार्य लोकेश ने देशवासियों अपील की कि वे सशक्त व समृद्ध भारत के निर्माण तथा जातिवादी जुनून,साम्प्रदायिक कट्टरता से मुक्त देश के लिए योग्य उम्मीदवार को वोट देकर लोकतंत्र को मज़बूत बनायें।

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