देहरादून, 26 अप्रैल; सादे समारोह के बीच गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा से गंगा की डोली शनिवार को गंगोत्री के लिए रवाना कर दी हई । गंगा की विग्रह डोली यात्रा में देश में लॉकडाउन के चलते केवल 21 लोग ही शामिल हुए।
जिनमें दो बाजगी (ढोल वादक) और 19 तीर्थ पुरोहित व श्री गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारी शामिल थे। इनके अलावा इस आयोजन में शारीरिक दूरी का पालन करवाने के लिए प्रशासन और पुलिस के लोग भी शामिल हुए।
रात्रि विश्राम शनिवार को भैरव घाटी में करने के बाद रविवार सुबह को डोली गंगोत्री पहुंचेगी और दोपहर 12.35 बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट छह महीने के लिए खोल दिए जायेंगे।
इसके साथ ही उत्तरकाशी जिले की यमुना घाटी में रविवार की दोपहर 12.41 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट खोलें जाएंगे। शनिवार की सुबह गंगा के चल विग्रह डोली को गंगोत्री के लिए तैयार किया गया इसके लिए तीर्थ पुरोहितों ने गंगा की डोली का पहले पूजन कर फिर उसे गंगोत्री चलने के लिए तैयार किया।
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सोशल डिस्टेंसिंग का रखा गया ध्यान
डोली के साथ दो ढोल वादकों समेत कुल इक्कीस लोगों को प्रशासन ने गंगोत्री जाने की अनुमति दी है, जिनमे उन्नीस तीर्थ पुरोहित हैं। इस बार सेना के बैंड की धुनों के बीच भी गंगा की डोली को रवाना नहीं किया जा सका।
जबकि पिछले सालों तक यह परम्परा थी कि गंगा डोली को सैनिक बैंड कि धुनों के बीच रवाना किया जाता था। गंगा की डोली के रवाना होने के दौरान रस्ते में मुखवा गांव निवासियों सहित हर्षिल, धराली, बगोरी के ग्रामीणों ने घरों से ही मां गंगा को हाथ जोड़े और फूल चढ़ाए।
इस डोली के साथ सीमित मात्रा में पुलिस और प्रशासन के लोग भी डोली के साथ भेजे गए ताकि सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य जरूरी सावधानियों का पालन कराया जा सके।
अभिजीत मुहूर्त में खुलेंगे कपाट
यह पहली हुआ कि मान गंगा को विदा करने उनके मायका माना जाने वाले मुखबा गांव के ग्रामीण गंगा को विदा देने मुखू मठ मंदिर परिसर भी नहीं पहुँच सके। डोली के दर्शन उन्होंने राह चलते हुए दूर से हाथ जोड़कर ही किए। रविवार को यमुना घाटी में मान यमुना की डोली भी अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली से यमुनोत्री को प्रस्थान करेगी। अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12.41 बजे पर यमुनोत्री के कपाट खोल दिये जाएंगे। यमुनोत्री धाम में कपाट उद्घाटन पर यमुनोत्री जाने वाले 18 तीर्थ पुरोहितों को अनुमति दी गई है।
कम लोगों को ही दी गई पूजा की अनुमति
इसके अलावा चारधाम के एक अन्य महत्वपूर्ण धाम केदारनाथ की की पंच मुखी डोली चल विग्रह डोली के पंचकेदार गद़्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से 26 अप्रैल को अपने धाम प्रस्थान कराने को शनिवार देर सांय को बाबा केदार के क्षेत्रपाल भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
तहसील प्रशासन ने पूजा में शामिल होने के लिए चार पुजारियों समेत 15 लोगों को ही इस पूजा में शामिल होने की अनुमति दी। रविवार 26 अप्रैल को वाहन से ऊखीमठ से गौरीकुंड तक पहुंचाया जाएगा।
जहां से 27 अप्रैल को डोली के पंचमुखी विग्रह को उनके मुख्य धाम केदारनाथ पहुंचाया जायेगा। 29 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर धाम के कपाट खोले जाएंगे।
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