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चन्दन यात्रा महोत्सव : भगवान कृष्ण को 21 दिन लगेगा चंदन का लेप

चन्दन यात्रा महोत्सव : भगवान कृष्ण को 21 दिन लगेगा चंदन का लेप

चन्दन यात्रा महोत्सव : भगवान कृष्ण को 21 दिन लगेगा चंदन का लेप
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चन्दन यात्रा महोत्सव : भगवान कृष्ण को 21 दिन लगेगा चंदन का लेप

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी तिथि तक चंदन यात्रा महोत्सव आयोजित किया जाता है। ये 21 दिन वैष्णव भक्तों के लिए वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण दिन होते हैं ।



इन दिनों में समस्त वैष्णव भक्त अपने आराध्य भगवान कृष्ण के पूरे शरीर पर चंदन का लेप लगाकर रखते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि वैशाख-ज्येष्ठ की भीषण गर्मी से भगवान को बचाया जा सके।

इस वर्ष यह महोत्सव 25 अप्रैल से 15 मई 2020 तक मनाया जाएगा। इस बार लॉकडाउन के चलते संभव है कि मंदिरों में भव्य पैमाने पर यह उत्सव ना मनाया जाए, लेकिन घरों में तो समस्त वैष्णव भक्त अपने आराध्य पर चंदन का लेप अवश्य करेंगे।

यह भी पढ़ें-लॉकडाउन के दौरान 12 ज्योतिर्लिंगों से भगवान खुद पहुंच रहे भक्तों तक

क्या है चंदन यात्रा की मान्यता

चंदन यात्रा महोत्सव के संबंध में मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ ने स्वयं राजा इंद्रद्युम्न को यह आदेश दिया था कि वैशाख माह में चंदन महोत्सव मनाया जाए।

भक्ति के विभिन्न् अंगों में भगवान के शरीर को चंदन सहित अन्य सुगंधित लेप लगाना भी शामिल है। वैशाख का महीना बहुत गर्म होता है। इसलिए चंदन का लेप लगाकर भगवान को शीतलता प्रदान की जाती है।

वृंदावन के सभी मंदिरों में अक्षय तृतीया के दिन भगवान के विग्रहों को चंदन के लेप से पूरा ढंक दिया जाता है। यह उत्सव 21 दिनों तक चलता है।

चैतन्य महाप्रभु से जुड़ी कथा

भगवान को चंदन लगाने के पीछे एक और कथा कही जाती है। उसके अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त चैतन्य महाप्रभु के गुरु ईश्वर पुरी के गुरु माधवेंद्र पुरी, भगवान कृष्ण को वैशाख माह में चंदन का लेप लगाया करते थे।



उनका मानना था कि भगवान कृष्ण सृष्टि के कण-कण में विद्यमान हैं। इसलिए जब भगवान को चंदन लगाकर शीतलता प्रदान की जाती है तो उसका प्रभाव प्रत्येक जीव पर पड़ता है और उन्हें भी शीतलता की गहरी अनुभूति होती है। अक्षय तृतीया के दिन से शुरू होने वाले इस चंदन लेप की परंपरा ने अब ‘चंदन यात्रा महोत्सव” का रूप ले लिया है।

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By Shweta April 28, 2020 2 min read
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