बसंत पंचमी कब और कैसे मनाई जाती है?

बसंत पंचमी कब और कैसे मनाई जाती है?

बसंत पंचमी क्या है? जानिए इसका धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक पावन पर्व है, जो ज्ञान, विद्या और ऋतु परिवर्तन से जुड़ा होता है। यह दिन माँ सरस्वती की पूजा के लिए समर्पित है। बसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है और नई शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है। भारत की संस्कृति में हर त्योहार का अपना विशेष अर्थ और उद्देश्य होता है। बसंत पंचमी भी ऐसा… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/basant-panchmi-kab-aur-kaise-manayi-jaati-hai/">Continue reading <span class="screen-reader-text">बसंत पंचमी कब और कैसे मनाई जाती है?</span></a>

 January 22, 2026
बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?

बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?

बसंत पंचमी भारत की सांस्कृतिक परंपराएँ केवल त्योहारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जीवन को समझने और संतुलित ढंग से जीने की सीख देती हैं। बसंत पंचमी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो प्रकृति, ज्ञान और चेतना के संगम का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है और इसे ऋतुराज बसंत के आगमन का संकेत माना जाता है। लेकिन प्रश्न… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/basant-panchmi-kyon-manayi-jaati-hai/">Continue reading <span class="screen-reader-text">बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है?</span></a>

 January 22, 2026
क्या आज भी संत समाज को दिशा देते हैं?

क्या आज भी संत समाज को दिशा देते हैं?

भारत में संत परंपरा सदियों से समाज का मार्गदर्शन करती रही है। संत केवल आध्यात्मिक शिक्षक नहीं होते, बल्कि समाज सुधारक, नैतिक मार्गदर्शक और मानवता के प्रचारक भी होते हैं। प्रश्न उठता है कि क्या आधुनिक युग में भी संत समाज को दिशा दे सकते हैं? उत्तर स्पष्ट है—हाँ। आज भी संत समाज को नैतिकता, करुणा, शिक्षा और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से मार्गदर्शन देते हैं। आध्यात्मिक मार्गदर्शन का युग आज की दुनिया तेज़ी से… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/kya-aaj-bhi-sant-samaj-ko-disha-dete-hain/">Continue reading <span class="screen-reader-text">क्या आज भी संत समाज को दिशा देते हैं?</span></a>

 January 22, 2026
संत परंपरा भारत में कैसे विकसित हुई?

संत परंपरा भारत में कैसे विकसित हुई?

भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन में संत परंपरा का विशेष स्थान है। यह परंपरा केवल धार्मिक साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सुधार, नैतिक शिक्षा और मानवता के संदेश का भी वाहक रही है। संतों ने न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया, बल्कि समाज में समानता, करुणा और सत्य के मूल्यों को भी स्थापित किया। यह परंपरा सदियों में धीरे-धीरे विकसित हुई और आज भी भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा है। वैदिक और उपनिषद… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/sant-parampara-bharat-mein-kaise-viksit-hui/">Continue reading <span class="screen-reader-text">संत परंपरा भारत में कैसे विकसित हुई?</span></a>

 January 22, 2026
क्या विविधता भारत की ताकत है?

क्या विविधता भारत की ताकत है?

भारत को अक्सर “एकता में विविधता” वाला देश कहा जाता है। यहाँ विभिन्न भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ, जातियाँ और परंपराएँ coexist करती हैं। यह भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता ही भारत की सबसे बड़ी विशेषता और ताकत मानी जाती है। लेकिन क्या यह विविधता वास्तव में भारत की शक्ति है, और इसका हमारे समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर क्या प्रभाव है? यह समझना जरूरी है। सांस्कृतिक और भाषाई विविधता भारत में 22 आधिकारिक भाषाएँ और सैकड़ों… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/kya-vividhta-bharat-ki-taakat-hai/">Continue reading <span class="screen-reader-text">क्या विविधता भारत की ताकत है?</span></a>

 January 21, 2026
भारत को आध्यात्मिक देश क्यों कहा जाता है?

भारत को आध्यात्मिक देश क्यों कहा जाता है?

भारत को विश्वभर में केवल एक भौगोलिक राष्ट्र के रूप में नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक चेतना की भूमि के रूप में पहचाना जाता है। यहाँ की संस्कृति, परंपराएँ और जीवन-दर्शन सदियों से आत्मा, सत्य और मोक्ष जैसे गहरे विषयों पर केंद्रित रहे हैं। यही कारण है कि भारत को अक्सर “आध्यात्मिक देश” कहा जाता है। लेकिन यह पहचान कैसे बनी और इसके पीछे कौन-से कारण हैं, यह समझना आवश्यक है। प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं की जन्मभूमि… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/bharat-ko-adhyatmik-desh-kyun-kaha-jaata-hai/">Continue reading <span class="screen-reader-text">भारत को आध्यात्मिक देश क्यों कहा जाता है?</span></a>

 January 21, 2026
विश्व शांति केंद्र मिशन हेतु मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, दिल्ली (17–25 जनवरी 2026)

विश्व शांति केंद्र मिशन हेतु मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, दिल्ली (17–25 जनवरी 2026)

भूमिका भारतीय संस्कृति में रामकथा केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और मानवता का संदेश है। जब-जब समाज में अशांति, तनाव और वैचारिक भ्रम बढ़ता है, तब-तब रामकथा मार्गदर्शन का दीपक बनकर प्रकट होती है। इसी पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मोरारी बापू एक बार फिर दिल्ली की धरती पर ऐतिहासिक रामकथा का वाचन करने जा रहे हैं। यह दिव्य आयोजन 17 से 25 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम, दिल्ली… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/vishv-shanti-kendra-mission-hetu-morari-bapu-ki-aitihasik-ram-katha-delhi-17-25-january-2026/">Continue reading <span class="screen-reader-text">विश्व शांति केंद्र मिशन हेतु मोरारी बापू की ऐतिहासिक रामकथा, दिल्ली (17–25 जनवरी 2026)</span></a>

 January 17, 2026
आज है या कल 14-15? मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख यहां जानें

आज है या कल 14-15? मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख यहां जानें

भूमिका जनवरी का महीना आते ही भारत में एक सवाल सबसे ज़्यादा सुनाई देता है — “मकर संक्रांति आज है या कल?” हर साल इस पर्व की तारीख को लेकर लोगों के मन में भ्रम रहता है। मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सूर्य की चाल, धर्म, विज्ञान और भारतीय परंपराओं से जुड़ा हुआ पावन पर्व है। वर्ष 2026 में भी यही प्रश्न लोगों को उलझा रहा है, इसलिए इस लेख में हम आपको… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/aaj-hai-ya-kal-14-15-makar-sankranti-2026-ki-sahi-tareekh-yahan-jaanen/">Continue reading <span class="screen-reader-text">आज है या कल 14-15? मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख यहां जानें</span></a>

 January 14, 2026
मकर संक्रांति क्या है? महत्व, इतिहास और परंपराएं

मकर संक्रांति क्या है? महत्व, इतिहास और परंपराएं

भूमिका भारत पर्वों की भूमि है, जहाँ हर त्योहार के पीछे कोई न कोई आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक कारण छिपा होता है। मकर संक्रांति ऐसा ही एक पावन पर्व है, जो न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि प्रकृति और जीवन के बदलाव का भी प्रतीक है। यह त्योहार सूर्य देव की उपासना और सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति क्या है? मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/makar-sankranti-kya-hai-mahatva-itihaas-aur-paramparayein/">Continue reading <span class="screen-reader-text">मकर संक्रांति क्या है? महत्व, इतिहास और परंपराएं</span></a>

 January 13, 2026
Happy Lohri 2026: सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में उजाला फैले।

Happy Lohri 2026: सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में उजाला फैले।

प्रस्तावना लोहड़ी भारत के उत्तर भाग में मनाया जाने वाला एक प्रमुख लोक-धार्मिक पर्व है, जो विशेष रूप से सूर्यदेव, अग्नि देव और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व, पौष माह की पूर्णिमा के आसपास मनाया जाता है। लोहड़ी 2026 केवल उत्सव और आनंद का अवसर नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश भी देता… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/happy-lohri-2026-surya-dev-ki-kripa-se-aapke-jeevan-mein-ujala-phailay/">Continue reading <span class="screen-reader-text">Happy Lohri 2026: सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में उजाला फैले।</span></a>

 January 13, 2026
लोहड़ी में आग की पूजा क्यों होती है? इसका धार्मिक कारण क्या है?

लोहड़ी में आग की पूजा क्यों होती है? इसका धार्मिक कारण क्या है?

भूमिका भारत में त्योहार केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि वे जीवन और प्रकृति के गहरे संबंध को दर्शाते हैं। लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो हर वर्ष 13 जनवरी को मनाया जाता है। लोहड़ी 2026 में भी परंपरा के अनुसार अग्नि प्रज्वलित कर उसकी पूजा की जाएगी। प्रश्न यह उठता है कि लोहड़ी में आग की पूजा क्यों की जाती है? क्या यह केवल एक लोक परंपरा है या इसके पीछे कोई… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/lohri-mein-aag-ki-pooja-kyun-hoti-hai-iska-dharmik-kaaran-kya-hai/">Continue reading <span class="screen-reader-text">लोहड़ी में आग की पूजा क्यों होती है? इसका धार्मिक कारण क्या है?</span></a>

 January 12, 2026
लोहड़ी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस अग्नि पर्व का रहस्य

लोहड़ी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस अग्नि पर्व का रहस्य

भूमिका भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर मौसम और फसल के साथ एक पर्व जुड़ा हुआ है। लोहड़ी उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में मनाया जाने वाला एक प्रमुख लोक पर्व है। यह त्योहार हर वर्ष 13 जनवरी को मनाया जाता है और शीत ऋतु के अंत तथा नई फसल के आगमन का संकेत देता है। लोहड़ी 2026 न केवल उत्सव का अवसर है, बल्कि प्रकृति, अग्नि और जीवन के प्रति… <a class="more-link" href="https://www.religionworld.in/lohri-kyun-manayi-jaati-hai-jaaniye-is-agni-parv-ka-rahasya/">Continue reading <span class="screen-reader-text">लोहड़ी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस अग्नि पर्व का रहस्य</span></a>

 January 12, 2026