- पहलवान लाभांशु शर्मा पहुंचे परमार्थ निकेतन
- हरित भागवत कथा में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने किया ’माँ मेरी माँ’ कृति का विमोचन
- लाभांशु शर्मा ने के डी जाधव मेमोरियल कुश्ती प्रतिस्पर्धा में सहभाग से पहले पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से भेंट कर लिया आशीर्वाद
- भागवताचार्य संजयकृष्ण सलिल की भागवतकथा परमार्थ निकेतन में जारी
- पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने लाभांशु शर्मा की विजय की कामना करते हुये रूद्राक्ष का पौधा किया भेंट
- माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं, जीवन निर्मात्री भी-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 21 अगस्त। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के सह-संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से आज इण्टरनेशनल स्टूडेंट गेम्स प्रतियोगिता में देश को गोल्ड पदक दिलाने वाले पहलवान लाभांशु शर्मा ने भेंट की तथा आगामी ’के डी जाधवा मेमोरियल कुश्ती प्रतिस्पर्धा’ में विजय के लिये आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पहलवान लाभांशु शर्मा को बधाई देते हुय कहा कि ’तीर्थ नगरी ऋषिकेश की पहचान पूरे विश्व में योग की नगरी के रूप में हैैैै अब इसे खेल के रूप में भी जाना जायेंगा, यह हम सब के लिये गर्व का विषय है। उन्होने कहा कि कुश्ती हमारे देश का अति प्राचीन खेल है। प्राचीन खेलों के साथ देश के युवाओं के हमारे पौराणिक संस्कार, सभ्यता और संस्कृति को आत्मसात करना चाहियें। साथ ही उन्होेेने पर्यावरण प्रदूषण जैसी वैश्विक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुये कहा कि हमें अपनी धरोहर नदियाँ, ग्लेश्यिर, जल, जंगल और जमीन को शुद्ध एवं निर्मल रखने के लिये भी प्रयत्नशील रहना होगा।’
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने ’माँ मेरी माँ’ नामक वृहद कृति का विमोचन किया। इस कृति का संकलन, लेखन एवं सम्पादन श्री बींजराज रांका जी ने किया है। इस अनुपम कृति की सराहना देश के ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी की है। साथ ही इस कृति के लिये देश के अनेक मूर्धन्य विद्ववानों ने संदेश प्रेषित किये है।
विमोचन के अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि माँ की कोई उपमा नहीं है। माँ ही प्रेम की पराकाष्ठा है; माँ शब्द में प्रेम की असीम समग्रता और विराटता है। माँ से जीवन है; माँ प्राण है; करूणा है; शक्ति है, प्रथम गुरू एवं मार्गदर्शक भी है। माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं, जीवन निर्मात्री भी है। माँ है तो प्रकृति है और प्रकृति भी माँ है, माँ का ममत्व हमें प्रकृति से भरपूर मिला है। माँ को प्रेम करें साथ ही प्रकृति को भी संरक्षित करें क्योकि प्रकृति है तो जीवन है।’
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं भगवत कथा व्यास वृन्दावन वाले श्री कृष्ण सलिल जी महाराज ने पहलवान लाभांशु शर्मा को रूद्र्राक्ष का पौधा भेंट किया।
पूज्य स्वामी जी ने पहलवान लाभांशु शर्मा को आगामी ’के डी जाधव प्रतियोगिया’ के लिये विजय की कामना के साथ आशीर्वाद प्रदान किया।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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