30 अप्रैल 2018 को बन रहा है ये शुभ संयोग
हर माह आने वाली पूर्णिमा का बहुत महत्व है और इस माह जो पूर्णिमा आ रही है वो वैशाख पूर्णिमा है। इस पूर्णिमा तिथि पर व्रत करना बहुत शुभ माना जाता है। हमारे पुराणों में वैशाखी पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र एवं फलदायी तिथि माना गया है। इस दिन पिछले एक महीने से चला आ रहा वैशाख स्नान एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्ण आहूति की जाती है। मंदिरों में हवन-पूजन के बाद वैशाख महात्म्य कथा का परायण किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से चंद्र देव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा बनी रहती है। चैत्र पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं। इस दिन पवित्र नदियों में आरती का विशेष आयोजन भी किया जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. दयानन्द शास्त्री के अनुसार, इस दिन स्वाति नक्षत्र और तुला राशि का चंद्रमा समृद्धि व वैभव प्रदान करेगा। व्यापार में वृद्धि के लिए भी यह योग खास है। पूर्णिमा के दिन सोमवार होने से यह सोमवती पूर्णिमा भी कहलाएगी। स्वाति नक्षत्र 27 नक्षत्रों में दान में पुण्य प्रदान करने वाला है। इसके अधिपति वायुदेव हैं। इसी तरह सिद्धि योग के अधिपति गणेश है जो कि हर प्रकार के कार्य में सिद्धि प्रदान करने वाले हैं। तुला के चंद्रमा से वैभव में वृद्धि होगी।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र पूर्णिमा में तुलसी स्नान का भी रिवाज़ है और इस दिन स्नान के पानी में तुलसी का पत्ता डालकर स्नान करें। इस दिन अपनी सामर्थ्यानुसार दान करें। स्नान के समय इस मंत्र का उच्चारण भी करें – ऊं नमो नारायण
इस बार वैशाख पूर्णिमा 30 अप्रैल, 2018 को सोमवार के दिन मनाई जाएगी। इस बार की वैशाख पूर्णिमा बहुत खास होगी क्योंकि इस पूर्णिमा पर 3 साल के बाद सिद्धि योग जैसा संयोग बन रहा है। ये योग दान और खरीदारी दोनों के लिए ही बहुत शुभ माना जाता है। अगली बार ऐसा योग साल 2022 में बनेगा। इस बार पूर्णिमा पर बुद्ध जयंती का पर्व भी मनाया जाएगा।
विशेष योग बना हैं इस वैशाख पूर्णिमा 2018 पर शुभ योग
इस दिन स्वाति नक्षत्र और तुला राशि का चंद्रमा संपन्नता और वैभव प्रदान करेगा। इसमें व्यापार में लाभ के योग भी बन रहे हैं। चूंकि ये पूर्णिमा सोमवार के दिन पड़ रही है इसलिए इसे सोमवती पूर्णिमा भी कहा जा सकता है। स्वाति नक्षत्र 27 नक्षत्रों में दान करना पुण्य प्रदान करेगा। इसके अधिपति वायु देव हैं और सिद्धि योग के अधिपति भगवान गणेश हैं
वैशाख पूर्णिमा पूजन विधि
वैशाख पूर्णिमा के दिन व्रत एवं भगवान श्री सत्यनारायण की पूजा की जाती है और इस दिन उनकी कथा सुनने एवं पढ़ने से भी लाभ मिलता है। वैशाख पूर्णिमा के दिन धूप, दीपक, अगरबत्ती आदि से भगवान विष्णु की उपासना करें और प्रसाद में चूरमे का भोग लगाएं | कथा पढ़ने के पश्चात् प्रसाद का भोग लगाएं और वहां उपस्थित सभी लोगों में प्रसाद बांटें। इस दिन अपने सामर्थ्यानुसार दान भी करें। जो भी भक्त वैशाख पूर्णिमा के दिन व्रत एवं पूजन करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं।
इस वैशाख पूर्णिमा पर करें इन उपाय को…..
- पूर्णिमा के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल से चोला अर्पित करें। इससे आपको हनुमान जी की कृपा प्राप्त होगी।
- पूर्णिमा को शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उनके प्रसन्न होने पर आपको सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती चल रही है तो पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं। इससे आपके शनि से संबंधित सभी दोष दूर होंगें और आपको अपने प्रयासों में सफलता मिलेगी।
- भविष्य पुराण, आदित्य पुराण में वर्णित हैं कि इस दिन प्रातः नदियों एवं पवित्र सरोवरों में स्नान के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व कहा गया है। धर्मराज के निमित्त जल से भरा हुआ कलश, पकवान एवं मिष्ठान आज के दिन वितरित करना, गौदान के समान फल देने वाले बताए गए हैं।
- वैशाखी पूर्णिमा के दिन शक्कर और तिल दान करने से अनजान में हुए पापों का भी क्षय हो जाता है।
- पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने घी से भरा हुआ पात्र, तिल और शक्कर स्थापित कर पूजन करना चाहिए। यदि हो सके तो पूजन के समय तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए।
- पितरों के निमित्त पवित्र नदियों में स्नान कर हाथ में तिल रखकर तर्पण करने से पितरों की तृप्त होते हैं एवं उनका आशीर्वाद मिलता है।
- पुराणों के अनुसार वैशाख का यह पक्ष पूजा-उपासना के लिए विशेष महत्वपूर्ण कहा गया है।
- पूर्णिमा के दिन छोटी कन्याओं को भोजन करवाएं और उन्हें कुछ उपहार में दें। इस उपाय भाग्य का साथ मिलने लगेगा।
- पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रमा को अर्घ्य दें और नीचे बताए गए मंत्र का जाप करें। पैसों की तंगी या आर्थिक समस्या से बचने के लिए आप ये उपाय कर सकते हैं।
- ऊं ऐं क्लीं सोमाय नम: ।।
- अगर आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा बहुत कमज़ोर है और इस वजह से आप हमेशा तनाव में रहते हैं तो आपको वैशाख पूर्णिमा पर व्रत एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। इससे आपका मन शांत रहेगा। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा से संबंधित सफेद रंग की वस्तुओं का दान करने से भी लाभ होगा।
पंडित दयानन्द शास्त्री,
(ज्योतिष-वास्तु सलाहकार)
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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