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आर्थिक परेशानी और ज्योतिष का संबंध 

आर्थिक परेशानी और ज्योतिष का संबंध

हमारे हिंदू धर्मशाास्त्रों में बहुत सारे ऐसे नियम बताए गए हैं जिनका रोजमर्रा के जीवन में बहुत महत्व है। रात के लिए हमारे शास्त्रों में कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं जिनका पालन स्त्री हो या पुरुष सभी को करना चाहिए। इन नियमों का पालन न करने वालों के घर में आर्थिक एवं मानसिक परेशानी बनी रहती है। यह उपाय अगर अपने ईष्ट का स्मरण कर भक्ति भाव से पूजन और नियमितता से किए जाएं तो अवश्य ही धन संकट का समाधान होता है और हां हमारे वेदों और पुराणों में भी कर्म की आवश्यकता के बारे में बताया गया है तो धर्म के साथ कर्म अवश्य करें। सफलता जरूर मिलेगी। ज्योतिष शास्त्र में सभी राशियों में ग्रह-नक्षत्र की अलग-अलग स्थिति होती है। ज्योतिष शास्त्र में हर राशि के लिए समस्याओं से बचने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं।

पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भारतीय धार्मिक शास्त्रों में माँ लक्ष्मी को अत्याधिक महत्व दिया गया है। वेद और पुराण इनकी गाथा गाते नहीं रुकते है। माँ लक्ष्मी सम्पूर्ण संसार का पालन पोषण कर व्यक्ति के कर्म का निचोड़ धन के रूप में करती है। पूरा संसार माँ लक्ष्मी के आभाव में अर्थ विहीन है।

अक्सर मेरे (पंडित दयानन्द शास्त्री ) पास कई जातको की समस्याएं आती रहती है जिनमे अक्सर धन समस्या भी होती है, जब उनकी जन्म पत्रिका का अवलोकन किया जाता है, तब जितनी समस्या उस जातक को जीवन मे आ रही होती उतनी उस कुंडली मे दिखाई नही पढ़ती। फिर क्या कारण होता है जो वो परेशान हो रहा है? उसके हर कार्य मे विघ्न और धन प्राप्ति मे रुकावट आ रही है। आप या हम जिस घर मे रहते है वँहा वास्तु अनुसार कुछ नकारात्मक वायु रहती है, जो सकारात्मक वायु के प्रवेश को रोक देती है।

आजकल ख़र्चे दिन पर दिन बढ़ते जा रहे है। ऐसे में आप भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे होंगे। अगर मेहनत के बाद भी आपको मेहनत के अनुरूप फल नहीं मिल रहा और आपकी जेब हमेशा खाली रहती है तो आज हम आपको कुछ विशेष उपाय बताने जा रहे हैं। जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी।

धन को आदर दें : संसार का नियम है कि आप जब किसी को आदर देते हैं तभी वह आपके पास ठहरता है। यही बात धन के साथ लागू है। कुछ लोगों की आदत होती है कि वह रूपया गिनते समय खूक लगाकर गिनती करते हैं जो अनुचित तरीका है। ऐसे करने से धन का अपमान होता है।

  • पहली रोटी गाय की और अंतिम रोटी कुत्ते को देने से आर्थिक परेशानियां दूर रहती है । 
  • अपने घर की दहलीज़ को नित्य धोना चाहिए । 
  • सोते समय ऐसी गलती नहीं करें 

शयन/निद्रा/सोना सिर्फ आपके आराम के लिए और शरीर की थकान मिटाने के लिए नहीं है। शास्त्रों में शयन को योग क्रिया कहा गया है जो व्यक्ति के मस्तिष्क और बौद्धिक क्षमता को प्रभावित करता है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है। जो व्यक्ति धन और देवी लक्ष्मी की कृपा चाहते हैं उन्हें सोने से पहले बिस्तर को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए। बेहतर तरीका यह है कि सोने से पहले बिछावन पर साफ चादर बिछा लें। गंदे और अपवित्र स्थान पर शयन करने से नकारात्मक उर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। रात को जिस बिस्तर पर आप सोते हैं उस पर नई बैडशीट बिछा कर सोएं सारे दिन की बिछी बैडशीट पर न सोएं क्योंकि उस पर नकारात्मक ऊर्जा अपना वास बना लेती है और दिन भर की धूल और मिट्टी से नींद में भी विध्न पड़ता है। इससे मन में नकारात्मक विचार आते हैं, शरीर में उर्जा की कमी महसूस होती है।

रात को कपड़ा बाहर न सुखाएं: रात को बाहर कपड़े सुखाने से कपड़ों पर मृत ‘ची’ का प्रभाव पड़ता है जो ठीक नहीं है। धूप में कपड़े सुखाने से कपड़ों पर यांग ऊर्जा का प्रभाव पड़ता है जो शरीर और सौभाग्य के लिए अच्छा होता है।

पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की रात को सोते समय सिर या पैर दरवाजे की ओर न करें। दरवाजे की ओर पैर या सिर करके सोना ‘चिन’ स्थिति में है जो मृत्यु की सूचक मानी जाती हैं इसलिए इस स्थिति से बचें।

भोजन का आदर करें

पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की  लक्ष्मी का एक स्वरूप अन्न भी है। इस रूपसे देवी लक्ष्मी शरीर का पोषण करती है। भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में लक्ष्मी के इस स्वरूप की पूजा होती है। इसलिए जब भोजन सामने आए तब उसे आदर पूर्वक प्रसाद समझकर ग्रहण करना चाहिए। भोजन करते समय पूरा भोजन करने के बाद उठना चाहिए। एक बार उठ जाने के बाद फिर से वही भोजन करना जूठन खाना कहलाता है जिससे लक्ष्मी नाराज होती हैं। भोजन करते समय पैर भोजन की ओर नहीं हो इसका ध्यान रखें। पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की कुछ लोग क्रोध आने पर भोजन की थाली फेंक देते हैं, इस तरह की आदत धन वैभव एवं पारिवारिक सुख के लिए नुकसान दायक होता है।

यदि आप पूजा कर रहे है और आपके घर में मेहमान आया है तो ऐसे व्यक्ति को खिला-पिला कर ही भेजें, ऐसा करना शुभ होता है

पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की घर में जितने भी दरवाज़े है उनमे तेल डालते रहे, उनमें से आवाज़ नहीं आनी चाहिए ।

झाडू का उपयोग भले ही घर की गंदगी साफ करने के लिए किया जाता है लेकिन इसका आपकी समृद्धि में बड़ा ही महत्व है। शास्त्रों में कहा गया है कि झाडू को हमेशा छुपाकर रखना चाहिए। ताकि बाहर से आने वाले व्यक्ति की नजर इस पर नहीं जाए।

पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की झाडू को हमेशा आदर के साथ रखना चाहिए। कभी भी पटकर कर या पैरों मारकर झाडू का अपमान नहीं करें। अगर आप किराए के मकान में रहते हैं तो घर बदलते समय झाडू को साथ जरूर लेकर जाएं।

ऐसे सिर नहीं खुजाएं : आमतौर पर सिर में खुजाहट होने पर सभी व्यक्ति सिर खुजा लेते हैं। इसमें कुछ बुराई भी नहीं है लेकिन अगर आप अपने दोनों हाथों से सिर में खुजली करना शुरूकर देते हैं तो यही शास्त्रानुसार गलत हो जाता है। दोनों हाथों से सिर खुजाना शुभ नहीं माना जाता है। इससे लक्ष्मी अप्रसन्न होती हैं।

धन की देवी देवी को प्रसन्न करने के लिये प्रत्येक गुरुवार की सुबह उठकर घर में झाडू लगा कर उसके बाद घर में हल्दी मिले पानी के घोल का छिड़काव करें। इस उपाय को करते समय इस बात का ध्यान रखें की घर के किसी भी कोने में गंदगी ना हो।

हल्दी के छिड़काव करने से घर में सकारात्मकत ऊर्जा बनी रहती है, घर से नकारात्मक उर्जा दूर होती है। इसलिए प्रत्येक गुरूवार को इस उपाय को करने से घर में कभी भी धन की कमी नहीं रहती।

पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की लक्ष्मी के आगमन के लिए अपना घर साफ़ रखे और रोजाना श्रीसूक्त का पाठ अवश्य करें। श्रीसूक्त का पाठ करने से लक्ष्मी जी अतिशीघ्र प्रसन्न होती हैं और निवास करती हैं।

इस समय कंघी नहीं करें : बालों को संवारने के लिए दिन में भले ही आप जितनी बार चाहें कंघी कर लें, लेकिन शाम ढ़लने के बाद कंघी नहीं करें। रात में कंघी करना और सोते समय इत्र लगाना धन के लिए नुकसानदायक माना गया है।

पत्नी और बेटी के साथ ऐसा नहीं करें : पत्नी को शास्त्रों में गृहलक्ष्मी कहा गया है। जबकि बेटी और अविवाहित कन्याओं को देवी का स्वरूप माना गया है। जो व्यक्ति इनका अपमान करते हैं। इन पर हाथ उठाते हैं उनके घर की सुख शांति चली जाती है। धन का क्षय भी लगातार होता रहता है।

धन लाभ के लिए शमशान के पास किसी शिवलिंग पर दूध और शहद चढ़ाएं।

ऐसे बढ़ाएं अपना धन : लक्ष्मी की कृपा बनी रहे इसके लिए गैर जरूरी खर्चों पर अंकुश रखें और संचय की आदत डालें। संचय का मतलब सिर्फ बैंक में जमा करना नहीं है। संचय का तात्पर्य है कि अपनी आय से कुछ धन जरूरत मंदों को दान दें। असली संचय इसे कहा गया है। जो व्यक्ति इस प्रकार का संचय करता है उसकी जमा पूंजी में निरंतर वृद्घि होत है।

आपके पर्स में अगर पैसे नहीं रुकते हैं तो आप शनिवार को पीपल के एक पत्ते पर दही और हल्दी लगाकर अपने पर्स में रख लें। यही प्रक्रिया आप प्रत्येक शनिवार को अपनाये।

घर में दैवीय शक्तियों वाले पेड़-पौधों का रोपण करें जैसे तुलसी, मणि प्लांट आदि कांटे वाले, दूध निकलने वाले और विषैले पेड़-पौधों का रोपण न करें। इन पौधों से धन और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं।

घर का ईशान कोण साफ और स्वच्छ रखें। भगवान लक्ष्मी-नारायण का चित्र अथवा स्वरूप स्थापित कर सकते हैं। इससे आर्थिक उन्नति होती है।

आर्थिक परेशानी निवारण हेतु यह उपाय शनिवार या मंगलवार के दिन करना चाहिए। इनमें किसी भी दिन सुबह स्नान के बाद किसी शनि या हनुमान मंदिर से पीपल के 11 पत्ते तोड़कर घर लाएं। पत्ता कहीं से भी टूटा या खराब नहीं होना चाहिए। अब इन पत्तों को गंगाजल से अच्छी प्रकार साफ करें। सभी पत्तों पर अनामिका अंगुली से लाल चंदन का प्रयोग करते हुए ‘राम’ नाम लिखें। फिर इन पत्तों की माला बना लें। घर के पूजाघर में हनुमान जी के सामने इस माला को रखकर हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद 108 बार ‘राम’ नाम का जाप करें। पूजा समाप्त होने के बाद किसी हनुमान मंदिर में जाकर उन्हें सिंदूर तथा चमेली का फूल अर्पित करते हुए इस माला को उन्हें पहनाएं। ऐसा लगातार 7 मंगलवार करने से विशेष रूप से आपकी धन संबंधी समस्या बहुत जल्दी दूर होगी और आर्थिक संपन्नता आएगी है।

  • पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की  किचन में कोई भी दवा न रखें इससे रोग समाप्त नहीं होता अथवा आए दिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहती हैं।
  • रात को जल्दी सोना चाहिए और सवेरे जल्दी उठना चाहिए। सुबह देर तक सोने से शरीर में रोग और शोक अपना बसेरा बना लेते हैं। जहां रोग और शोक होगा वहां लक्ष्मी का बसेरा नहीं हो सकता।
  • रात को कमरे में अंधेरा करके न सोएं हल्की रोशनी अवश्य रखें। इससे सकारात्मकता बनी रहती है।
  • वॉशरुम और शौचालय के दरवाजों को बंद रखें।
  • पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की यदि आप 7 शनिवार तक लगातार शाम में किसी मंदिर स्थल पर या किसी भी पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल से मिट्टी का दीया जलाते हैं तो आर्थिक समस्या से छुटकारा मिल सकता  है।
  • जिस स्थान पर घर का कीमती सामान रखें वहां प्रतिदिन सफाई करें। उस स्थान पर गंदगी जमा रहेगी तो धन की हानि होगी।

धन समस्या दूर करने के लिए या करियर, व्यवसाय में सफलता पाने के लिए आपको यह उपाय रविवार के दिन करना चाहिए। इसके लिए आपको किसी भी शनिवार रात अपने सिर के पास बिस्तर के नीचे किसी तांबे के पात्र में दूध रखें। फिर रविवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठें और  स्नान आदि से निवृत्त होकर इस दूध को किसी बबूल वृक्ष की जड़ में डाल दें। इस कार्य को करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए। इस विधि को लगातार 7 रविवार तक करें। ऐसा करने से आपको धन संबंधी हर समस्या दूर होगी, साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी। इसके अलावा व्यापार और व्यवसाय में भी तरक्की होंगे।

पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की घर की दीवारों में पड़ी दरारों को अनदेखा न करें। इससे तुरंत भरवाएं अन्यथा बचत में कमी आने लगती है।

बच्चों को घर की दीवारों एवं फर्श पर पेंसिल, चॉक या कोयले से कुछ भी लिखने न दें। इससे परिवार पर ऋण चढ़ता है।

हिंदू पंचाग के अनुसार विशेष तिथियों को संभोग न करें।

अश्लील सहित्य पढ़ना अथवा फिल्में देखने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है।

धन लाभ के लिए ज्योतिषशास्त्र में कमल गट्टे को बहुत महत्व माना गया है। कमल गट्टे का इस्तेमाल मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। कमल गट्टे कमल के पौधे में से निकलते हैं और काले रंग के होते हैं। कमल गट्टे के उपाय से माता लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। इनसे माला बनाकर मंत्र जाप किया जाता है।21 दिनों तक कमल गट्टे की यज्ञ में आहुती देने से माता लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न होती है। ऐसा करने वाले व्यक्ति को आर्थिक तंगी नहीं होती है। दुकान में कमल गट्टे की माला के ऊपर मां लक्ष्मी की तस्वीर स्थापित करने से कारोबार में नुकसान नहीं होता और लाभ की संभावना अधिक होती है। मां लक्ष्मी के चित्र पर कमल गट्टे की माला पहनाने से घर में हमेशा सुख शांति बनी रहती है। हर बुधवार 108 कमल गट्टे के बीज की आहुती देने से घर से दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। जो इंसान कमल गट्टे के बीजों से बनी माला गले में धारण करता है उसे कभी धन की कमी महसूस नहीं होती है। कमल गट्टे की माला से श्री जगतप्रसूते नम मंत्र का जाप करने से अटूट संपत्ति प्राप्त हो सकती है। घी में कमल गट्टे मिलाकर मां लक्ष्मी को भोग लगाने से व्यक्ति के जीवन में परेशानियां खत्म हो जाती है। मखाने की खीर मां लक्ष्मी को चढ़ाने से देवी प्रसन्न होकर धन की कमी दूर कर सकती है। कहा जाता है कि कमल और शहद से तांत्रिक हवन करने से गरीब व्यक्ति अमीर बन सकता है।

हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में गाय का थोडा सा शुद्ध कच्चा ढूध डालें, तो घर में लक्ष्मीजी हमेशा स्थायी रहती है. जिस प्रकार से गुरुवार को व्रत करके गुरु की पूजा करने वाले के दिल में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है, उसी प्रकार तुलसी की पूजा करने वाले के घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती है.

जानिए वो कारण जिनसे वास्तु दूषित होकर धन वृद्धि को रोक देता है।

पानी का टपकना :

अगर आपके घर के किसी भी नल्के या फिर टंकी मे से पानी टपकता है तो इसका आश्य है कि आपके घर से धन का अत्याधिक व्यय हो रहा है। इन्हे हमेशा बंद रखे और टंकियो मे से पानी का टपना ठीक करवाएं। धर्म शास्त्रो मे जल को देव कहा गया है, जब कोई बिना कारण जल का अपव्यय करता है तो उसके घर धन नही रुक पाता, वैसे एक बात और बताता हूँ आप जब भी जल पीये उतना ही ग्लास मे ले जितने की आवश्यकता हो, यदि जल गिलास मे बच जाए तो उसे बहा दीजिये, उसे फेंके नही।

पेड़ों पर सुखी पत्तियां :

अगर आपके घर मे लगे पौधो पर सूखी पत्तियां नजर आने लगी है तो उनकी कटाई करने मे समय ना लगाएं। घर मे लगे पौधों को हमेशा हरा-भरा रखें।घर मै पेड़ो पर सुखी पत्ती रहने से बुध ग्रह खराब होता है और कर्ज की स्थिति बनती है।

पूजा और सजावट के फूल :

घर की सजावट के लिए कभी सूखे फूलो का प्रयोग नहीं करना चाहिए। अगर आपको फूल पसंद है तो हमेशा प्राकृतिक खुशबूदार फूलों को ही घर मे रखे। जब पूजा की माला सुख जाए तो उसे घर से बाहर कर देना चाहिये।

बिजली का सामान :

अगर बिजली का कोई सामान कार्यरत नहीं है या खराब है तो उसे जल्द से जल्द ठीक करवाएं या घर से बाहर कर दे। घर मे अक्सर बिजली के पुराने तार या सामान बेवजह बरसो से पढ़े रहते है, जिससे राहू ग्रह प्रबल हो जाता है ,और घर की नकारात्मकता बढ़ जाती है।

बिल्ली का प्रवेश :

जिस घर मै बिल्ली का प्रवेश अक्सर होने लगता है, अथवा जिस घर पर आकर बिल्ली रोती है या उनमे झगड़ा होता है, उस घर मै परेशानी के साथ धन का आवागमन रुक जाता है।

छत की सफाई :

अकसर घरों मे छत का उपयोग बेकार पड़े सामान को रखने के लिए किया जाता है। लेकिन ऐसा करना धन के आगमन के लिए बाधक साबित होता है। छत हमेशा साफ रखने का प्रयत्न करना चाहिए। कई लोग घर पर ईशान कोण मै अटाला रखते है जो धन के आवागमन को रोक देता है ।

दीवारों पर निशान :

घर के बच्चे कई बार घर की दीवारो पर पेन या पेंसिल से कुछ निशान बना देते है अगर आपके घर की दीवारो पर निशान पड़ गए है, उनकी पपड़ी उतरने लगी है तो जल्द से जल्द उसे ठीक करवाएं। यह दुर्भाग्य और निर्धनता को आकर्षित करते है।

घर में चमगादड़ का प्रवेश :

चमगादड़ का दिखना बहुत अशुभ माना जाता है। अगर घर मे यह प्रवेश कर जाए तो यह दुर्भाग्य, निर्धनता के साथ-साथ बुरे स्वास्थ्य का भी परिचायक है।

टूटा हुआ शीशा :

घर मे टूटा हुआ शीशा ना सिर्फ वास्तु के नियमो के विरुद्ध है बल्कि ये पूरे प्रभाव के साथ नकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने के लिए रास्ता भी देता है। यदि खिड़कियो के कांच भी टूटे हो तो तुरन्त बदले ।

मकड़ी का जाला :

घर मे मकड़ी का जाल बुनना दुर्भाग्य की निशानी है। इसे जल्द से जल्द हटवाएं और आगे से ऐसा ना हो इसके लिए घर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखे। कई घरो मे मकड़ी घर के मन्दिर और भगवान की फोटो और मूर्ति पर भी अपना जाला बना लेती है, जो सबसे ज्यादा खराब होता है।

कबूतर का घोंसला घर मे होना :

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर मे कबूतर का घोंसला अस्थिरता के हालात पैदा करता है और साथ ही निर्धनता को भी आमंत्रण देता है। अगर आपके घर मे ऐसा कुछ है तो जल्द से जल्द इसे हटाने का प्रयास करे।

यंत्रों पर धूल का जम जाना :

हम अक्सर घर मे श्री यन्त्र, वास्तु यन्त्र , आदि यन्त्र रखते है, लेकिन अभी आप मन्दिर मे जाकर देखिये की वो यन्त्र कितने गन्दे और काले पढ़ गए है, जब से आप घर लाये एक बार भी उन्हें साफ़ नही किया, उनसे प्राप्त होने वाली ऊर्जा समाप्त हो जाती है।

मधुमक्खी का छत्ता घर पर लगना :

शहद की मक्खी का डंक तो वैसे ही खतरनाक होता है, लेकिन घर मे इसका बनाया हुआ घोंसला नकारात्मक परिणाम देता है। घर के भीतर इसकी मौजूदगी एक अशुभ संकेत है।

 

पंडित दयानन्द शास्त्री,
(ज्योतिष-वास्तु सलाहकार)
Post By Religion World