आस्था चैनल के एप्प का शुभारंभ : स्वामी रामदेव ने किया एप लॉन्च

आस्था चैनल के एप्प का शुभारंभ : स्वामी रामदेव ने किया एप लॉन्च

आस्था चैनल के एप्प का शुभारंभ : स्वामी रामदेव ने किया एप लॉन्च

देश के सबसे बड़े और प्रसिद्ध धार्मिक चैनल ने आज तकनीक को साथ लेकर हर घर और हर हाथ में आस्था को पहुंचाने की शुरुआत की है। आसंथा चैनल आज धर्म की दुनिया का आईना है, जहां कथा, सत्संग, आध्यात्मिक आयोजन से लेकर धर्म प्रचार प्रसार से जुड़े सारे आयोजनों को लाइव और प्रोग्रामिंग करके पेश किया जाता है। आस्था ने सन् 2000 में अपनी शुरूआत से ही एक नई राह बनाई है। आज देश के साधु संतों के बीच और दुनिया के सौ से ज्यादा देशों में आस्था चैनल भारतीय धर्म, आध्यात्म और कथा-प्रवचन को लेकर पहुंचता है। आज दिल्ली में पूरी आस्था टीम के साथ सवामी रामदेव ने इसे विधिवत लान्च किया। ये एप एंड्राएड और आईओएस प्लेटफार्म पर उपलबध है।

Photo : Aastha TV

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आज का दिन आस्था के लिए खास है। तकनीक के नए नए प्लेटफार्म को अपनाने के हिमायती रहे स्वामी रामदेव ने आज आस्था टीवी के एप्प को लॉन्च किया, जिससे कल ही उनके नए अभियान हरिद्वार से हर द्वार तक पहुंचने की सोच जुड़ी है। अब आस्था चैनल और साथ ही साथ आस्था भजन, अरिहंत और वैदिक चैनल इस एक एप पर एक साथ देखने को मिलेंगे। ये एक नई शुरूआत है, जिससे अब कोई भी, कहीं भी एक टच से अपने धर्म की प्यास को पूरा कर सकेगा। साथ ही कोई भी कार्यक्रम कभी भी देखा जा सकेगा। इस मौके पर आस्था चैनल के सीईओ प्रमोद जोशी, सीएफओ प्रदीप जोशी, टेक्निकल हेड किशोर, डिस्ट्रीब्यूशन हेड अरविंद जोशी और एस के तिजारावाला मौजूद रहे।

Photo : Aastha TV

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स्वामी रामदेव ने इस मौके पर कई और सवालों को भी उठाया। हाल ही में आस्था चैनल दूरदर्शन के फ्री डिश से हट गया था, जिसके लिए स्वामीजी ने सरकार की नीतियों को जिम्मेदार माना। एक चैनल के सालाना फीस को आठ करोड़ करने से वैदिक ब्रॉडकास्टिंग पर बत्तीस करोड़ को बोझ आने की बात स्वामीजी ने कही। साथ ही स्वामीजी ने हाल में Information and Broadcasting Ministry के आदेश के बाद Non-News Channels को लाइव करने के लिए एक लाख रोजाना का शुल्क देने की बात को गंभीरता से लिया। उन्होंने इसे साधु संतों पर जजिया कर की तरह करार दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए स्वामीजी कहा कि, ये विषय धयान देने योगय है कि साधु संत अपने कार्यक्रम दिखाने के लिए आस्था के काम के लिए रोजाना एक लाख रूपए दें।

Post By Religion World