5वें वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ साइन्स, रिलिजन एंड फिलोसोफी सभा का आयोजन
पुणे, 4 अक्टूबर 2019: विश्व के सबसे बड़े डोम – वर्ल्ड पीस डोम, विश्वराजबाग, लोणी, पुणे में 2-4 ऑक्टोबर, MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी द्वारा 5 वाँ वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ साइंस, रिलिजन एंड फिलोसोफी सभा का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। MIT-WPU के संस्थापक और युनेस्को चेअर मेम्बर माननीय श्रीमान विश्वनाथ कराड, पद्मविभूषण गांधीवादी नेता श्री रमन सिंह, बोर्ड मेम्बर एवं कंप्यूटर साइंटिस्ट श्रीमान विजय भटकर, श्रीमान रघुनाथ माशेलकर, कार्याध्यक्ष श्रीमान राहुल कराड आदि मान्यवरों ने बेल बजाकर विश्वप्रार्थना का समूहगान करते हुए कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ ।

सभा के तीसरे दिन के प्रथम सत्र में देवी वैभवीश्री समेत रामकृष्ण मिशन के स्वामी निखिलेश्वरानंद, ऑल इंडिया इमाम आर्गेनाइजेशन के चीफ इमाम उमर अहमद इलियासी, फर्स्ट लेडी आईपीएस ऑफिसर-महाराष्ट्र मीरा बोरवणकर, इंडियन योग असोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. हंसा योगेंद्र, अजमेर शरीफ दर्गा से सुफी संत सईद सलमान चिस्ती, डॉ. राजेश भुतकर – क्वांटम मेकैनिक्स किताब के लेखक, संजीवनी हॉस्पिटल से विश्वविख्यात न्यूरो सर्जन डॉ. दीपक रानडे आदि व्यासपीठ पर विराजमान मान्यवर वक्ताओं ने उपस्थित 3000 से अधिक विद्यार्थियों और सभी सम्मिलितों को मार्गदर्शन किया।
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देवी वैभवीश्री ने अपने वक्तव्य में मन के 5 स्वभाव के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए कहा कि, जैसे अगर रास्ते में ट्रैफिक ज्यादा है, तो गंतव्य तक पोहचने में ज्यादा समय लगता है, ठीक वैसे ही मन में आनेवाले नकारात्मक विचार और भावनाओं के ट्रैफिक के कारण हम अपने लक्ष्य तक पहुँच नही पाते।
मन को तनावपूर्ण परिस्थितियों और नकारात्मक विचार तथा भावनाओं से बचाने में योग, प्राणायाम, मंत्रोच्चार एवं ध्यान का विशेष महत्व है। ध्यान की एक प्रक्रिया द्वारा विद्यार्थिदशा में ही ज्ञानयोग, भक्तियोग और कर्मयोग के महत्व और उपयोग को बहुत सरल और अनुकरणीय भाषा में सबके सामने रखा।

देवी वैभवीश्री 2003 से श्रीमद्भागवत, देवी भागवत, रामायण और शिवपुराण आदि कथाओं के द्वारा दैनंदिन जीवन को उन्नत कराने के सूत्रों को बड़ी सरलता से हर साल पूरे महाराष्ट्र सहित भारत के कई शहरों में हजारो लोगों को सम्बोधित करते हुए उन्हें सेवा में भी प्रेरित करते है। आज भी उन्होंने सभी को एक-बार-उपयोग में आनेवाले (सिंगल-यूज़) प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने का आवाहन किया।
आज समारोपिय सत्र में पधारें भूतपूर्व लोकसभा स्पीकर एवं मंत्री श्रीमती सुमित्रा महाजन जी की करकमलों द्वारा MIT-WPU के फाऊंडर श्रीमान विश्वनाथ कराड जी को “विश्व-विज्ञान-दार्शनिक पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
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