आस्था और डर में फर्क कैसे करें? — विश्वास, भय और विवेक की पहचान
मानव जीवन में आस्था और डर दोनों ही गहराई से जुड़े हुए भाव हैं। कई बार व्यक्ति यह समझ ही नहीं पाता कि वह जिस विश्वास का पालन कर रहा है, वह सच्ची आस्था है या केवल डर से उपजा हुआ व्यवहार। यही भ्रम व्यक्ति की स्वतंत्र सोच, निर्णय क्षमता और मानसिक शांति को प्रभावित करता है। इसीलिए यह समझना बेहद ज़रूरी है कि आस्था और डर में फर्क कैसे किया जाए। आस्था क्या है?… Continue reading आस्था और डर में फर्क कैसे करें? — विश्वास, भय और विवेक की पहचान





