परमार्थ निकेतन में 5 वें राष्ट्रीय सम्मेलन ’यूथ इन एक्शन’ का आयोजन
- ’यूथ इन एक्शन’ दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक जी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो रविकांत जी, राष्ट्रीय संयोजक यूथ इन एक्शन, श्री शतरूद्र प्रताप, प्रभारी उत्तराखण्ंड, डाॅ विनोद, सचिव उत्तराखण्ड, हिमांकुर चैहान एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया शुभारम्भ
- शिवप्रकाश जी, राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री भारतीय जनता पार्टी 16 जून को यूथ इन एक्शन सम्मेलन में सहभाग करेंगे
नशा, नाश करता है - जाॅब सीकर्स नहीं बल्कि जाॅब सप्लायर बने
- यूथ है तो मुमकिन है – स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 15 जून। परमार्थ निकेतन में यूथ इन एक्शन दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देश की महान विभूतियां धर्म, शिक्षा, समाज और राजनीति आदि के विषय में छात्रों की समझ को बढ़ाने हेतु इस कार्यशाला में उद्बोधन देंगे। इस अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रवाद और विश्व बन्धुत्व, विधायिका का कार्यपालिका पर नियंत्रण-बदलता स्वरूप, भारतीय समाज का धर्म और इसकी राजनीति, यूथ इन एक्शन-संलग्नता, क्रियाशीलता, उद्यमीता से उपजती आशा विषयों पर विशद चर्चा हुई।
’यूथ इन एक्शन’ दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक जी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो रविकांत जी, ’यूथ इन एक्शन’ दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक जी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो रविकांत जी, राष्ट्रीय संयोजक यूथ इन एक्शन, श्री शतरूद्र प्रताप, प्रभारी उत्तराखण्ंड, डाॅ विनोद, सचिव हिमांकुर चैहान एवं अन्य विशिष्ट अतिथियांे ने दीप प्रज्जवलित कर किया शुभारम्भ एवं अन्य विशिष्ट अतिथियांे ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारम्भ किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि हमंे सेवा, साधना और समर्पण की त्रिवेणी से अपने जीवन को आगे बढ़ाना है। जीवन को नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर लेकर जाये तथा अपने जीवन को संवेदनशील, सृजनशील और संस्कारशील बनायें। हमें इन तीन सकारों को पूरे जीवन भर महत्व देना है। मुझे तो लगता है ’’यूथ है तो मुमकिन है’’; युवा है तो मुमकिन है। आज इस देश में सब कुछ मुमकिन है, यदि हमारे देश के युवा आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी को सम्भालें, अपने कर्तव्य को समझें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्राणस्वरूप आदणीय गुरूजी के इस दिव्य मंत्र इद्म राष्ट्राय स्वाहा! इद्म् नमम को अपने जीवन का मंत्र बनायंे तथा अपने जीवन को आगे बढ़ायें। स्वामी जी ने कहा कि राष्ट्र है तो हम है; राष्ट्र है तो संस्कृति है; राष्ट्र है तो धर्म है; राष्ट्र है तो समाज है। हमारे लिये राष्ट्र पहले हो, इस बात का हमेशा ध्यान रखें।
स्वामी जी ने कहा कि समाज में नशे की प्रवृति काफी बढ़ती जा रही है और युवाओं का तो नशा, नाश ही कर रहा है। नशा, नाश करता हंै युवाओं को इस पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है। अपने आप को नशे की ओर नहीं बल्कि नवोदित आयामों की ओर बढ़ें; जीवन को विध्वंस की ओर नहीं बल्कि निर्माण की ओर; उत्थान की ओर लेकर जायंेे। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि जाॅब सीकर्स नहीं बल्कि जाॅब सप्लायर बने। उन्हांेने कहा कि जैसा आपका संकल्प होगा वैसे ही आप बनेंगे। संकल्प से ही सिद्धि होती है, संकल्प से बहुत शक्ति मिलती है, संकल्प, बलवान तो आप महान। ’यूथ इन एक्शन इज यूथ इन परफेक्शन’ अगर हम अपने जीवन को सक्रिय रखे तभी हम सम्पूर्ण बन पाते हंै। सक्रियता ही जीवन को सम्पूर्णता प्रदान करती है।
मानस कथा की पूर्णाहुति करके श्रद्धालुगण जब आज परमार्थ निकेतन से प्रस्थान करने लगे तब उनके आखांे में अश्रु थे और कह रहे थे कि हम स्वर्ग को छोड़कर जा रहे है फिर उसी दुनिया में, फिर उसी दुनिया की झंझटों में और फिर जीवन की उन्ही मुसीबतों का करेंगे सामना। लेकिन परमार्थ निकेतन में किये गये सत्संग के माध्यम से अपने तनाव भरे जीवन को स्वर्गमय बनाने का प्रयास करेंगे। श्रद्धालुओं ने कहा कि आगामी वर्ष फिर गंगा तट पर आयेंगे और फिर इस स्वर्ग का आनन्द लेंगे। स्वामी जी महाराज ने बताया कि वर्ष 2020 में भी 16 मई से 14 जून तक दिव्य मानस कथा का आयोजन परमार्थ गंगा तट पर किया जायेगा।
शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक जी ने युवाओं को संदेश दिया कि आप डाॅक्टर, सीए, इंजीनियर जैसी बड़ी-बड़ी डिग्री लेकर अपने राष्ट्र की सेवा करे और राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान प्रदान करे।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो रविकांत जी ने कहा कि हमें बच्चांे में बचपन से ही जिज्ञासा उत्पन्न करना होगा बिना जिज्ञासा के वे अच्छे विचारक नहीं बन सकते। उन्होने महिला सशक्तिकरण के विषय में अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि महिलाओं को रोजगार मिलेगा तो वह अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करेगी।
श्री शतरूद्र प्रताप जी ने बताया कि यूथ इन एक्शन संस्था का जन्म 2014 को हुआ। इसमें भारत के अनेक प्रमुख शिक्षण संस्थान आई आई टी, आई आई एम, मेडिकल, एनआईटी जैसे अनेक संस्थानों के छात्रों और प्रोफेसरों के द्वारा इस संस्था का गठन हुआ। छात्रों की सामाजिक और राजनीतिक समझ बढ़ाने के लिये तथा अपने दायित्वों की समझ पैदा करने के लिये तथा हमें क्या करना चाहिये इस हेतु युवाओं के द्वारा बनाया गया यह संगठन है। अब तक इस संस्था ने 100 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किये। छात्रों की समझ बढ़ाने के लिये, कर्तव्य बोध के लिये हमने धर्म, शिक्षा, समाज और राजनीति चार विषय रखे है। इस हेतु संस्था प्रतिवर्ष कार्यशालाओं का आयोजन करते है। इस बार बहुत सौभाग्य की बात है कि पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में हमने यूथ इन एक्शन कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें भारत के 8 राज्यों के 250 से अधिक युवाओं ने सहभाग किया। दो दिवसीय कार्यशाला में चार सत्र होंगे।
यूथ इन एक्शन कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर स्वामी चिदानन्द सारस्वती जी महाराज ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प कराया।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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