पूरी दुनिया इस समय एक ऐसी महामारी के दौर से गुजर रहा है जिसमें संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। चीन से फैला कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तबाही ला चुका है । इसे देखते हुए बीते गुरुवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की है।
जनता कर्फ्यू क्या है ?
जनता कर्फ्यू एक ऐसी स्थिति है जिसमें लोग अपने घरों तक सीमित रहते हैं और बहुत ही जरूरी काम होने पर ही परिवार में से कोई एक या दो लोग बाहर निकलते हैं।
यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की है कि जनता कर्फ्यू के दौरान घर से तभी निकला जाए जब काम बेहद जरूरी हो। इन जरूरी कामों में सिर्फ अस्पताल जाना, काम पर जाना जैसे काम ही शामिल हो सकते हैं।
बीते गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से रविवार 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का पालन करने की अपील करते हुए सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक अपने घरों में रहने की सलाह दी है।
जानिए क्या है थाली और ताली का इंडियन कनेक्शन
22 मार्च रविवार को शाम पांच बजे अपने अपने घरों में से ही ताली बजाकर, थाली बजाकर, घंटी बजाकर एक-दूसरे का आभार जताएं और इस वायरस से लड़ने के लिए एकजुटता दिखाएं। पीएम मोदी की इस अपील को हल्के में कतई न लें। उन्होंने जो कहा और समझाया, उसके मायने सभी को समझ में आए। लेकिन एक बात, जो उन्होंने नहीं समझाई, वह हमने भारतीय संस्कृति और विज्ञान के जानकारों से समझी।
दरअसल, सनातन धर्म-संस्कृति में करतल ध्वनि, घंटा ध्वनि, शंख ध्वनि का अपना महत्व है। मंदिर हों या घर, इन ध्वनियों का पूजा पद्धति में विशेष स्थान है। आयुर्वेद में इनके चिकित्सकीय महत्व का वर्णन है।
घंटियां इस तरह से बनाई जाती हैं कि जब वे ध्वनि उत्पन्न करती हैं तो यह हमारे दिमाग के बाएं और दाएं हिस्से में एक एकता पैदा करती हैं। जिस क्षण हम घंटा-घंटी बजाते हैं, यह एक तेज और स्थायी ध्वनि उत्पन्न करते हें, जो प्रतिध्वनि मोड में न्यूनतम 7 सेकंड तक रहता है।
ताली का एक्यूप्रेशर कनेक्शन

इंडियन योगा एसोसिएशन और इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन की मेंबर डॉ. चारू शर्मा का कहना है कि हमारे हाथों में एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स अधिक होते हैं. ताली बजाने के दौरान हथेलियों के एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स पर अच्छा दबाव पड़ता है, जिससे हृदय और फेफड़ों की बीमारियां में फायदा पहुंचता है. हमारे शरीर के 30 से ज्यादा एक्यूप्रेशर पॉइंटस हथेलियों में ही होते हैं. प्रेशर पॉइंट को दबाने से उससे कनेक्टेड अंग तक रक्त और ऑक्सीजन का संचार अच्छे से होने लगता है. इन सभी दबाव बिंदु को सही तरीके से दबाने का सबसे आसान तरीका ताली बजाना ही है.
यह भी पढ़ें – सरकार ने तय की मास्क और सैनिटाईज़र की कीमत, कालाबाजारी को लगाम
ताली से इम्युनिटी बेहतर
डॉ. शर्मा के मुताबिक, हथेली पर दबाव तभी अच्छा माना जाता है जब ताली बजाते-बजाते हथेलियां लाल हो जाएं और शरीर से पसीना आने लगे. ताली बजाने से हमारे नर्वस सिस्टम पर असर पडता है और इम्युनिटी बेहतर होती है.
वहीं, घंटा-घंटी, थाली बजाने से मंत्र के उच्चारण जैसा प्रभाव होता है. ये भी हमारे नर्वस सिस्टम को अच्छा महसूस कराकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है.
वहीं, शंख बजाने से हमारे रेसपिरेटरी सिस्टम की एक्सरसाइज होती है. ये सभी चीजें कोरोना वायरस से मुकाबले में मददगार साबित हो सकती हैं.
क्या है इटली से इसका कनेक्शन
पीएम मोदी ने अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में जुटे डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, मीडियाकर्मियों को धन्यवाद अर्पित करने का आह्वान किया।
अब सवाल है कि पीएम को ये आयडिया आया कहाँ से। इस पर कई लोगों का मानना है कि शायद प्रधानमंत्री धन्यवाद ज्ञापन के लिए पूरे देश को जागरूक करना चाहते हैं। ताली या थाली बजाने का तरीका बहुत ही आसान है।
वहीं कई लोगों ने इसे इटली कनेक्शन भी बताया। दरअसल, चीन के बाद अगर कोरोना ने कहीं सबसे ज्यादा कहर बरपाया है तो उस देश का नाम इटली है। यहां मौतों का आंकड़ा 3500 पार कर गया है। पूरा इटली लॉकडाउन है। कोरोना वायरस से फैले डर के बीच मनोबल बढ़ाने के लिए लोग इस तरह के नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं।
इन दिनों जो लोग अपने घरों में कैद हैं उनके लिए समय काटना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में लोग अलग-अलग तरह से समय काट रहे हैं, दिन में वो अपने घरों में बंद रहते हैं मगर शाम को घर की बालकनी में आकर समय पास करते हैं।
https://twitter.com/religionworldin/status/1241358006350036993?s=21
बालकनी से संगीत की धुनें, खिड़कियों से तालियों की गड़गड़ाहट और फिर पड़ोस के अपार्टमेंट से एक साथ कोई गीत गुनगुनाने की आवाज… इटली में यह नजारा इन दिनों आम हो चुका है।
तो शायद प्रधानमंत्री मोदी भी चाहते हैं कि देश के लोग एक दिन एक शाम ताली या थाली बजाकर कोरोना के डर दूर भगाएँ। साथ ही साथ कोरोना के खिलाफ जंग लड रहे लोगों को धन्यवाद भी कहें।
You can send your stories/happenings here: info@religionworld.in
Editorial Review Note
Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.