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गंगा को अपशिष्ट मुक्त, प्रदूषण मुक्त करने हेतु विशद वार्ता

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गंगा को अपशिष्ट मुक्त, प्रदूषण मुक्त करने हेतु विशद वार्ता

ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी, सुलभ इण्टरनेशनल संस्था के संस्थापक, पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार प्राप्त डाॅ बिन्देश्वर जी पाठक एवं ’पाॅल्यूशन टू वाॅटर’ के सीईओ, श्री पारमख जेवी के मध्य गंगा स्वच्छता हेतु विशद वार्ता

ऋषिकेश, 23 जनवरी; परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, सुलभ इण्टरनेशनल संस्था के संस्थापक, पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार प्राप्त विश्वविख्यात सामाजिक कार्यकर्ता डॉ बिन्देश्वर जी पाठक एवं ‘पोल्यूशन टू वाटर’ के सीईओ, श्री पारमख जेवी  के मध्य विशिष्ट वार्ता दिल्ली में सम्पन्न हुई।

‘पोल्यूशन टू वाटर’, इजरायल की प्रमुख विश्वविख्यात कम्पनी है जिसे औद्योगिक अपशिष्ट जल को संशेधित करने में विशिष्टता प्राप्त है। इसका उद्देश्य है कि अपशिष्ट जल को संशेधित करने की बेहतर तकनीकी विकसित करना और सतत समाधान निकालना। इजराइल, घाना और दक्षिण अफ्रीका में पी 2 डब्ल्यू कम्पनी ने अपनी टेक्नोलॉजी से औद्योगिक अपशिष्ट का उपचार कर जल में से साइनाइड, सल्फेट, भारी धातुयें, कैडमियम, कोबाल्ट, निकेल, आर्सेनिक, काॅपर, आयरन को हटाकर जल को पूर्ण पर्यावरणीय अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। पी 2 डब्ल्यू, प्रदूषित नदियों और झीलों की पुनस्र्थापना और पूर्ण स्वच्छ बनाने हेतु सक्षम है। इस संस्था द्वारा घाना, अफ्रीका में भी जल स्वच्छता के लिये उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है अब यह जल स्वच्छता यात्रा घाना, दक्षिण अफ्रीका से गंगा की ओर बढ़ रही है।
सुलभ इण्टरनेशनल संस्था, मानव अधिकार, पर्यावरण स्वच्छता, ऊर्जा के गैर परम्परागत स्रोतों एवं स्वच्छता को सर्वसुलभ बनाने तथा शिक्षा द्वारा सामाजिक परिवर्तन लाने में विलक्षण कार्य कर रही है।
‘पोल्यूशन टू वाटर’, सुलभ इण्टरनेशनल संस्था और गंगा एक्शन परिवार, जीवा संस्थायें मिलकर गंगा नदी के जल में मिले अपशिष्ट पदार्थो का उपचार कर जल को स्वच्छ बनाने के लिये कार्य करने हेतु विशद चर्चा हुई।
‘पोल्यूशन टू वाटर’ के सीईओ, श्री पारमख जेवी और उनकी पत्नी श्रीमती येल जेवी ने परमार्थ निकेतन आकर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से मुलाकात की तथा परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया था। बस वहीं से गंगा की प्रेरणा से गंगा सेवा के संकल्प की शुरूआत हुई और फिर एक समाधान में बदल गयी।
पूज्य स्वामी जी के साथ एक सप्ताह के भीतर पोल्यूशन टू वाटर के सीईओ, श्री पारमख जेवी के मध्य तीन महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। तत्पश्चात दिल्ली में सुलभ इण्टरनेशनल संस्था के संस्थापक डॉ बिन्देश्वर जी पाठक जी और उनके सुपुत्र श्री दिलीप पाठक जी से गंगा की स्वच्छता हेतु अनेक बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। यह ऐतिहासिक बैठक इसलिये भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी समय इजरायल के प्रधानमंत्री श्री बेंजामिन नेतान्याहू जी एवं श्रीमती सारा नेतान्याहू जी भारत के दौरे पर थे।  भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और इजरायल के प्रधानमंत्री श्री बेंजामिन नेतान्याहू जी के मध्य अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी जिसमें एक मुद्दा स्वच्छता का भी था।

यह भी पढ़ें-स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने दादा जेपी वासवानी जी से की मुलाकात

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’’घाना, दक्षिण अफ्रीका से गंगा की ओर बढ़ेगी स्वच्छता की यात्रा। उन्होने कहा कि गंगा के लिये पोल्यूशन टू वाटर की तकनीकी,  सुलभ इण्टरनेशनल संस्था का अनुभव और गंगा एक्शन परिवार, जीवा वैश्विक आध्यात्मिक संगठन मिलकर भारत की नदियों के लिये शीघ्र ही बेहतर योजना बनायेंगे। उत्तराखण्ड राज्य में गंगा नदी में औद्योगिक अपशिष्ट की मात्रा अत्यधिक नहीं है परन्तु सूखा और गीला अपशिष्ट अधिक मात्रा में है इस हेतु एक ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है। स्वामी जी ने कहा, तकनीकी, स्वच्छता का अनुभव एवं धार्मिक आस्था तीनों  मिलकर एक मजबूत, बेहतर और कारगर योजना को अंजाम दे सकते है। साथ ही श्री बिन्देश्वर पाठक जी का स्वच्छता के क्षेत्र में दीर्घ काल का अनुभव भी इस योजना को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।’’

पोल्यूशन टू वाटर के सीईओ, श्री पारमख जेवी ने कहा कि ’’जल से मेरा सम्बंध अत्यधिक प्रगाढ़ है। भारत आकर मैने परमार्थ गंगा आरती में सहभाग करने का मन बनाया। पहले दिन मैने गंगा आरती में सहभाग कर स्वामी जी महाराज के श्री मुख से ’’शलोम’’संकीर्तन को सुनकर भावविभोर हो गया बस यही से मेरे हृदय में गंगा के प्रति कुछ करने के भाव जाग्रत हुये और स्वामी जी से चर्चा के दौरान मेरे विचारों को संबल प्राप्त हुआ। मेरी, स्वामी जी के साथ हुई तीनों मुलाकात में मैने जाना की धार्मिक आस्था भी पर्यावरणीय परिवर्तन में अभुतपूर्व योगदान निभा सकती है यह गंगा आरती उसका सबसे बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करती है।’’

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि पोल्यूशन टू वाटर और सुलभ इण्टरनेशनल संस्था के साथ गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा की समस्याओं एवं समाधान के विषय में लगभग तीन सप्ताह में भीतर एक विशेष योजना तैयार की जा रही है। इसी परिपेक्ष्य में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री भारत सरकार श्री नितिन गड़करी जी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी, संसदीय कार्य मंत्री विधायी, वित्त, व्यवसायिक कर एवं पेयजल स्वच्छता मंत्री उत्तराखण्ड सरकार श्री प्रकाश पंत जी, वन, पर्यावरण, सेवायोजन एवं कौशल विकास मंत्री डॉ  हरक सिंह रावत जी, शहरी विकास मंत्री श्री मदन कौशिक जी, प्रमुख सचिव उत्तराखण्ड सरकार श्री उत्पल कुमार जी व अन्य सम्बंधित विभागों के साथ रिपोर्ट बनने के बाद शीघ्र ही चर्चा होगी और गंगा के लिये आगे के समाधानों पर विचार किया जायेगा।

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January 23, 2018 5 min read
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