पतंजलि योगपीठ : सेवा, सोच और विभिन्न आयामों की दुनिया

 In Ayurveda, Meditation, Reiki, Spiritualism, Yoga

पतंजलि योगपीठ : सेवा, सोच और विभिन्न आयामों की दुनिया

संतों से समाज की क्या अपेक्षा होती है, ये अबतक उनके ज्ञान और परमार्थ की भावना से समझा जाता था। लेकिन देश में कई ऐसे संत भी हुए जो समाज के लिए वो करने का माद्दा रखते हैं, जो हमारे जीवन को पल-पल प्रभावित करता है। किसी ने शिक्षा की बुनियाद में मदद की तो किसी ने रूढ़ियों को बदल डाला। सामाजिक विकास के लिए समाज के हर वर्ग की सेवा मायने रखती है। आज देश के संतों की बात की जाए, तो वो बिना इस खास संत और उनके सखा के बिना पूरी नहीं होती। योग की क्रांति, आयुर्वेद की अग्नि और स्वदेशी की ज्वाला को घर-घर पहुंचाने वाले स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण – राम लक्ष्मण और कृष्ण-बलराम की तरह एक आंदोलन को आगे ले जा रहे हैं।

1995 में जन्मा पतंजलि योगपीठ दिव्य योग मंदिर के रूप में। मानवता को तन, मन शरीर एवं विचारों से निरोगी करने के विशाल संकल्प को लिए यह योगपीठ कार्य करने लगा। स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण जी ने मिलकर योग और आयुर्वेद में एक मिसाल कायम की हैं।

पतंजलि योगपीठ में कई सेवा प्रकल्प किये जाते हैं। वे कुछ इस प्रकार के हैं…

औषध दर्शन

परम्परागत उपचार पद्धतियों को प्रमुख उपचार पद्धति बनाने के संकल्प से संकल्पित आचार्य श्री बालकृष्णजी द्वारा रचित औषध दर्शन(2007)आयुर्वेदिक चिकित्सा पर एक संक्षिप्त एवं लोकप्रिय पुस्तक है. इस आयुर्वेद पर सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तक के रूप में प्रसार संख्या की दृष्टि से world record का गौरव प्राप्त है.

आयुर्वेद सिद्धांत रहस्य

यह आयुर्वेदीय परम्परा का अनेक देशी विदेशी भाषाओँ में प्रकाशित होने वाला विश्वस्तरीय ग्रन्थ है. यह विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति, आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों एवं उनकी वैज्ञानिकता को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है.

योग विश्वकोष

योग विश्वकोष केवल शब्दों का संग्रह मात्र नहीं है बल्कि योग के रहस्यों को हजारों ग्रंथों के मंथन से निकालकर तैयार किया गया सोम है.

विश्व भैषज संहिता

यह अद्वितीय पुस्तक प्राचीन काल से लेकर आज तक होने वाले गंभीर रोगों के लिए सामान्य एवं विशिष्ट उपचार पद्धति को दर्शाती है.

 पतंजलि योगपीठ आयुर्वेद अस्पताल:

पतंजलि अस्पताल एक बहुत ही सुंदर हरे भरे वातावरण में स्थित है। वहाँ विशिष्ट रोगों के लिए अलग अलग केंद्र हैं। यहाँ  सुसज्जित विश्व स्तर के मशीनों और तकनीकों के साथ सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

आचार्यकुलम् शिक्षण संस्थानम्-

इस संस्थान में  वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा का दिव्य संगम हैं। हर जिले मे ऐसा संस्थान खोलने की योजना बनाई गई हैं।

आचार्यकुलम का मुख्य उद्देश्य हैं के बच्चों में ऐसे संस्कारों की नीव देना चाहते हैं, की चाहे वे पतंजलि विद्यापीठ में हो या दुनिया के किसी भी विश्वविद्यालय में जाए, पश्चिम की हवा उन्हें छु भी न पाया।

वैदिक गुरुकुलम् (वैदिक आचार्य विद्वान)

 

 पतंजलि आयुर्वेद कालेज

परिसर के भीतर ही अलग से एक पतंजलि आयुर्वेद कालेज भी चलाया जाता है। कालेज योग और आयुर्वेद विषय में डिग्री प्रदान करता।

पतंजलि गोशाला एवं गोसेवा

पुरे देश में पहले समय में 113  जाती की गाय का वर्णन हैं दुर्भाग्य से उनमें से केवल 38 रह गए हैं। इसके अलावा उनमें से केवल 38 का ही दूध अच्छा माना जाता है। दुनिया के सबसे आधुनिक गाय आश्रय का निर्माण किया जा रहा है और इसी तरह के केन्द्र देश के बाकी हिस्सों में स्थपित किए जायेंगे। नस्ल चयन, वीर्य चयन,भ्रूण प्रत्यारोपण, आदि तरीकों जिसके माध्यम से हम नस्लों में सुधार कर सकते हैं और इस तरह गाय 50-60 किलो दूध देने में सक्षम हो जाएगी। पतंजलि ने इस सेवा पर 500 ​​करोड़ खर्च करने के लिए योजना बनाई है। इस परियोजना साथ लगभग नौ करोड़ घरेलू गायों की नस्लों में सुधर होगा और गौ माता का खोया गौरव देश में फिर से स्थापित किया जाएगा।

पतंजलि योगशालाएँ

पतंजलि योगशाला के द्वारा करीब 200000 लोगो को निशुल्क सेवा प्रदान की जाती हैं।

वानप्रस्थ आश्रम

योगी स्वामी रामदेवजी ने काले धन, भ्रष्टाचार और व्यवस्था में बदलाव के खिलाफ आवाज़ उठाई थी।

पचास वर्ष की आयु के स्वस्थ और सक्षम व्यक्ति जो इस आंदोलन में शामिल होना चाहते हैं और मातृभूमि की सेवा करते हैं, उन्हें सामान्य राशि दान करके पतंजलि योगपीठ के परिसर में एक फ्लैट प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। हरिद्वार के पवित्र भूमि पर, पवित्र और प्राकृतिक वातावरण के बीच, इस वैष्ठप्रस्थ आश्रम में सेवा, ध्यान, सत्संग, यज्ञ, प्राणायाम और एच। एच। योगी स्वामी रामदेवजी के आशीर्वाद से आध्यात्मिक उत्थान पाने  के लिए सबसे अच्छी जगह है।

पतंजलि जडी़ बुटी उद्यान

स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण जी एवं योगी मुक्तानन्द जी के मार्गदर्शन से यह जड़ी बूटी का उद्यान की शुरुआत हुई।

इन हर्बल गार्डन में 200 से अधिक औषधीय जड़ी-बूटियों, झाड़ियों, पेड़ और सजावटी पौधों के सुंदर संग्रह है। 1997 में यह उच्च भावना के साथ एक महान प्रयास बहुमूल्य औषधीय पौधा एकत्र करने के लिए और गार्डन में विकसित करने के लिए वनस्पति विज्ञान और कृषि और स्वयं सेवक के एक नंबर से वैज्ञानिकों के एक दल ने अनुसंधान और प्रबंधन के लिए लगे हुए हैं।

पतंजलि आयुर्वेद

इस चिकित्सालय में लगभग 15000 लोगो कप निशुल्क सेवा दी जाती हैं।

पतंजलि विश्वविद्यालय

इस विश्वविद्यालय मे योग,आयुर्वेद, वेद संस्कृत, यज्ञ ज्ञान को आलोकित करना ही परम उद्देश्य हैं।

संस्कृत गुरुकुलम्

पतंजलि के संस्कृत गुरुकल द्वारा वेद संस्कृत को पूनः जीवित करने की दॄढ इच्छा रखते हुए, संस्कृत का अभ्यास किया जाता हैं।

वैदिक चैनल

जिस तरह से आज कल पौराणिक, तांत्रिक, भविष्यवेता के ढोंग आडम्बर, पाखंड, अंधविश्वास फैल रहे हैं , उस सब से मुक्ति दिलाने के लिए व  वेद व वैदिक विचारधारा के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से नया वैदिक चैनल खोला गया है।

पतंजलि अनुसंधान संस्थान

योग, आयुर्वेद, वैदिक बिज्ञान पर शोध करने के लिए पतंजलि अनुसंधान संस्थान बनाया गया हैं।

पशु से मानव तक कई प्रकार के शोध किये जायेंगे। अनुसंधान की एक गहन प्रक्रिया होगी किसी भी दवा का परीक्षण पहले प्रयोगशाला में किया जाएगा, तो या तो चूहों और खरगोशों पर इस्तेमाल किया जाएगा और जानवरों के सफल उपयोग के बाद यह मनुष्य पर इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रकार की प्रक्रिया आयुर्वेद के वैज्ञानिक तथ्यों को स्पष्ट करेगी और उन मरीजों के लिए एक नई आशा पैदा करेगी जो लंबे समय तक एलोपैथ उपचार के बाद दी हैं।

इस संस्थान का शुभारम्भ हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हुआ था। इस संस्थान पर प्रांती वर्ष 5 हजार करोड़ का खर्च होता हैं।

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड व दिव्य फार्मेसी

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की प्रतिष्ठापना व प्रत्यक्ष रुप से 1 लाख युवाओं को रोजगार और परोक्ष रुप से 5 लाख किसानों को रोजगार दिये है

पराक्रम सुरक्षा प्राईवेट लिमिटेड

आपकी रक्षा पराक्रम सुरक्षा लगभग 1 लाख स्नातक संस्कारवान युवक युवतियों को स्वरोजगार देना कार्य प्रारंभ हो गया है।

निरामयम योगग्राम :

विश्व के सबसे बडे़ योग ध्यान , प्राकृतिक चिकित्सा, एक्युप्रेशर चिकित्सा मनोचिकित्सा, यज्ञ चिकित्सा संस्थान भोगी रोगी यहाँ पूर्ण स्वस्थ व योगी बनकर जाते है |

पतंजलि सेवाश्रम

उत्तराखंड नेपाल आदि जगहों मे आये प्राकृतिक देवीय आपदा मे अनाथ हुये बच्चों को शिक्षा, संस्कार, स्वरोजगार प्रदान किया जाता है | कई तरह के दुख से पीड़ित लोगों की मदद की जाती है।

पतंजलि के संगठन

पतंजलि के पाँच संगठन देश, धर्म, समाज, संस्कृति के लिए रात दिन अहर्निश काम कर रहे है। वे पांच  संगठन भारत स्वाभिमान, पतंजलि योगसमिति, महिला पतंजलि योगसमिति, यूवा भारत, किसान समिति।

पतंजलि के भविष्य की योजनाएँ

आने वाले समय मे पतंजलि बहुत बडा़ काम करने जा रहा है!

आचार्यकुलम् शिक्षण संस्थानम्

पुरे देशभर मे मैकाले की शिक्षा पद्धति को उखाड़ फेकने के लिए 1000 आचार्यकुलम् खोले जाएगें vedic & Modern education दिया जाएगा जिसमे 30 हजार करोड़ खर्चा आएगा_

वैदिक विज्ञान विश्वविद्यालय

विश्व की सबसे बडी़ विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय खोलने का एक सपना जो जल्द हकीकत में बदल जायेगा। दिल्ली के समीप 1500 एकड़ जमीन खरीद ली गयी है जिसमे खर्चा 25 हजार करोड़ रु खर्चा आएगा।

चार गोरक्षापीठ या गव्य अनुसंधान केन्द्र

चार शंकराचार्य पीठों के समानांतर चार दिशाओं मे चार गोरक्षापीठ की स्थापना करना गोरक्षा, गोसंवर्धन पंचगव्य चिकित्सा जैविक खाद का आदि कार्य होगा भारतीय नस्लो की गायो को जो 3 से 5 किलो दूध देती है आने बाले समय मे 25 से 50 किलो दूध देगी ऐसा तकनीक का सफल प्रयोग हो गया है इस योजना मे 2000 करोड़ रु खर्चा करेगी प्रथम चरण मे | तब हम गोमाता की रक्षा नहीं गोमाता हमारी रक्षा करेगी |

दिव्य महामानव निर्माण

पतंजलि 50 वर्षो की योजना बनाकर चल रहा है। संस्कार विधि मे उल्लेख सोलह संस्कारों का बारे मे बताया गया है। गर्भाधान से लेकर मृतुपर्यन्त के बीच जो महामानव का निर्माण होगा ये महामानव वैदिक व आध्यात्मिक विश्व का निर्माण करेगें।

पतंजलि योगपीठ की शाखाएं

हर प्रांत व विश्व मे पतंजलि योगपीठ की शाखाएं खोलने की प्रबल इच्छा हैं। इसमे कई प्रकार की शिक्षा दी जाएंगी जैसे योगसाधना, आयुर्वेद प्राकृतिक एक्युप्रेशर चिकित्सा निशुल्क प्रदान करना यज्ञ हवन सन्ध्या वैदिक उपासना पद्धति का प्रशिक्षण देना, गोसाला गोपालन पंचगव्य जैविक कृषि आदि का प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।

इसके अतरिक्त पतंजलि योगपीठ निम्न सेवा प्रकल्पों पर भी कार्य कर रहा है

पांडुलिपियों का प्रकाशन…

योग सन्देश

दिव्य प्रकाशन

दिव्य योग साधना

पतंजलि औषधीय उद्यान

प्रथम आयुर्वेदिक संग्रहालय

अष्टांग आयुर्वेदिक वृक्ष

प्राकृतिक आपदाओं के लिए करुना और सहनुभूति

पतंजलि योगपीठ(ट्रस्ट)

दिव्य योग मंदिर (ट्रस्ट)

पतंजलि विश्वविद्यालयपतंजलि ग्रामोद्योग न्यास

पतंजलि सेवाश्रम, मूल्या

स्वामी शंकरदेव वानप्रस्थाश्रम

आचार्य बालकृष्ण जी महाराज द्वारा अनुसंधित औषधियां

अष्टवर्गीय पादपों की पहचान

आचार्यकुलम

योगग्राम एवं निरामयम

भारत स्वाभिमान ट्रस्ट

पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज

पतंजलि आयुर्वेद लिमेटेड

पतंजलि फ़ूड एवं हर्बल पार्क प्राइवेट लिमेटेड

पतंजलि गौशाला एवं गौ अनुसंधान

दिव्य फार्मेसी

औषधीय पौधों के चित्रों का सबसे विशाल संग्रह

हिमालिक हेर्बो प्राइवेट लिमेटेड

भारत स्वाभिमान का मासिक पात्र

शहीद सम्मान

महर्षि वाल्मीकि धर्मशाला

संत रविदास लंगर

गुरुकुल किशनगढ़ घासेड़ा

वैदिक गुरूकुलम

पतंजलि आयुर्वेदिक विज्ञानं अनुसन्धान संस्थान

योगपीठ फेज 2, योग भवन

योगसाधना केंद्र गंगोत्री

योग की वैश्विक पहल

पतंजलि आरोग्य केंद्र/पतंजलि चिकित्सालय/पतंजलि मेगा स्टोर

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