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मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान : योग प्रशिक्षण और योग चिकित्सा एक स्थान पर

मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान : योग प्रशिक्षण और योग चिकित्सा एक स्थान पर

मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान : योग प्रशिक्षण और योग चिकित्सा एक स्थान पर
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मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान : योग प्रशिक्षण और योग चिकित्सा एक स्थान पर

मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान : योग प्रशिक्षण और योग चिकित्सा एक स्थान पर

मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तहत आता है. यह भारत एवं दुनिया के प्रमुख योग संस्थानों में से एक है, जो मुख्य रूप से योग शिक्षा, योग प्रशिक्षण, योग चिकित्सा और योग अनुसंधान से जुड़ा हुआ है. यह दिल्ली, भारत में स्थित है. मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 20 किलोमीटर और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किमी दूर है.

कब मिली इस संस्थान को इस नाम की उपमा

वर्ष 1966 में केंद्रीय अनुसंधान संस्थान और 1970 में विश्वायतन योगाश्रम के नाम से चलने वाले योग संस्थान को 1997 में मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की उपमा मिली. 1997 से लेकर साल 2014 तक योग के प्रति लोगों में उतना उत्साह और जागरूकता देखने को नहीं मिली मगर मोदी सरकार द्वारा योग को 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के बाद लोगों में काफी जागरूकता आ गयी.

संस्थान में होते हैं कई प्रकार के कोर्स

इस योग संस्थान में कार्य करने वाली एक योग शिक्षिका बताती हैं कि हमारे संस्थान में कई डिप्लोमा कोर्स योग में कराए जाते हैं. योग द्वारा लोगों में शारीरिक स्वस्थता को लेकर जागरूकता बढ़े इसलिए दिल्ली के स्टेडियमों में जेएल नेहरू, ध्यान चंद्र, इंदिरा गांधी और तालकटोरा में भी योग शिविर चलाए जा रहे हैं.

योग की वैश्विक लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि २ वर्ष पूर्व ही आईसीसीआर द्वारा 200 योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति विभिन्न देशों की मांग पर वहां की गई. इससे एक तो शरीर स्वस्थ, दूसरा अगर आप इसमें प्रवीण हो गए तो ये कमाई का अच्छा साधन है.

योग चिकित्सा से हो रहे इलाज

मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की बात करें तो यहां हर रोज कई मरीज तमाम शारीरिक बीमारियों से ग्रसित होकर आते हैं और योग से वो ठीक होकर ही यहां से जाते हैं. यहाँ कार्य कर रहीं डॉ. हिमानी शौखंद यहाँ आ रहे मरीज को इनकी बीमारियों के अनुसार योग के अभ्यास बताती हैं जिससे मरीजों को लाभ होता है.

डायबिटीज, कमर दर्द, सर्वाइकल, माइग्रेन, अर्थराइटिस, पैरालिसिस, अस्थमा, मस्कुलर डिस्ऑर्डर, पैरीफेरल न्यूरोथेरेपी, एडीएचडी आदि बीमारियों से ग्रसित बच्चे, युवा और वयोवृद्ध जन यहां आकर योग द्वारा अपनी बीमारी से निजात पाते हैं.

यह भी पढ़ें – बिहार स्कूल ऑफ योग : जानिये दुनिया के पहले योग विद्यालय के बारे में

योग शैक्षिणिक कार्यक्रम

इस योग संस्थान में निम्नलिखित योग शैक्षणिक कार्यक्रम होते हैं

बीएससी (योग विज्ञान)

अवधि: 3 वर्ष में छह सेमेस्टर

समय : सभी कार्य दिवसों पर प्रातः सात बजे से अपराह्न तीन बजे तक

एलिजिबिलिटी : सीबीएसई की १०+२ प्रणाली से विज्ञान (भौतिक, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान) के साथ ५० प्रतिशत अंक लेकर कक्षा 12 उत्तीर्ण

इन्टेक: 60

स्नातकों के लिए योग विज्ञान में डिप्लोमा

अवधि: 1 वर्ष में दो सेमेस्टर (अगस्त से जनवरी और फरवरी से जुलाई)

समय : पूर्णकालिक सभी कार्य दिवसों पर प्रातः सात बजे से अपराह्न तीन बजे तक

एलिजिबिलिटी : 50 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी विषय में स्नातक, 1 अगस्त को 30 वर्ष से कम आयु

इन्टेक: 11+5

विशेष रूचि वाले समूहों हेतु योग विज्ञान में सर्टिफिकेट कार्यक्रम

अवधि: साढ़े तीन माह

समय : सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 10 बजे से सायं 5 :30 बजे तक और शानिवार को प्रातः सात बजे से 11 बजे तक

एलिजिबिलिटी : सरकार के आमंत्रण /प्रतिनयोक्ति पर

इन्टेक: एक बैच में अधिकतम 50 कैंडिडेट

——————

योग प्रशिक्षण कार्यक्रम

इसके अंतर्गत निम्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आते हैं-

स्वास्थ्य हेतु योग विज्ञान में आधार पाठ्यक्रम

अवधि: 1 माह

समय : प्रातः 7:00 बजे से 9 :00 बजे तक अपराह्न 3:30 से सायं 5. 30 तक

एलिजिबिलिटी : मान्यता प्रापत बोर्ड अथवा समकक्ष संस्था से मैट्रिकुलेशन परीक्षा

इन्टेक: एक बैच में अधिकतम 50 कैंडिडेट

स्वास्थ्य संवर्द्धन हेतु योगासन में सर्टिफिकेट

अवधि: 3 माह

समय : एक दिन छोड़कर एक दिन अपराह्न 4 :30 से सायं 7:30 तक

एलिजिबिलिटी : मान्यता प्राप्त बोर्ड अथवा समकक्ष संस्था से कम से कम 10 +2 परीक्षा उत्तीर्ण

इन्टेक: एक बैच में अधिकतम 50 कैंडिडेट

स्वास्थ्य संवर्द्धन हेतु प्राणायाम एवं ध्यान साधना में सर्टिफिकेट

अवधि: 3 माह

समय : एक दिन छोड़कर एक दिन अपराह्न 4 :30 से सायं 7:30 तक

एलिजिबिलिटी : मान्यता प्राप्त बोर्ड अथवा समकक्ष संस्था से कम से कम 10 +2 परीक्षा उत्तीर्ण

इन्टेक: एक बैच में अधिकतम 50 कैंडिडेट

स्वास्थ्य संवर्द्धन कार्यक्रम

अवधि: 1 माह

समय : प्रात: 6 :00 से 7:00 बजे , प्रात: 7 :00 से 8 :00 बजे , प्रात: 8 :00 से 9 :00 बजे और सायं 5 :30 से 6 :30 बजे

एलिजिबिलिटी : सभी के लिए खुला

इन्टेक: एक बैच में अधिकतम 50 कैंडिडेट

प्राणायाम एवं साधना कार्यक्रम

अवधि: 1 माह

समय : प्रात: 7 :00 से 8 :00 बजे , प्रात: 8 :00 से 9 :00 बजे

एलिजिबिलिटी : सभी के लिए खुला

इन्टेक: एक बैच में अधिकतम 30 कैंडिडेट

सप्ताहांत योग प्रशिक्षण कार्यक्रम

अवधि: केवल शनिवार एवं रविवार

समय : प्रात: 7 :00 से 9 :00 बजे तक

एलिजिबिलिटी : सभी के लिए खुला

इन्टेक: एक बैच में अधिकतम 30 कैंडिडेट

बच्चों के लिए योग कार्यशाला

अवधि: एक माह

समय : प्रात: 7 :00 से 9 :00 बजे तक

एलिजिबिलिटी : बच्चों के लिए

इन्टेक: 100 बच्चे

—————-

योग चिकित्सा कार्यक्रम

योग चिकित्सा कार्यक्रम के अंतर्गत नीचे दिए गए कार्यक्रम आते हैं-

योग ओपीडी

समय: प्रात: 9 :30 से 5 :30 बजे तक

प्रतिदिन योग चिकित्सा कार्यक्रम

अवधि: 1 माह

समय : प्रात: 9 :00 से 10 :00 बजे तक , प्रात: 10 :00 बजे से 11 :00 बजे तक , प्रात: 11 :00 बजे से 12 :00 बजे तक, 12 :00 बजे से 1:00 तक,  सायं 3:30 से 4 :30 बजे तक और 4 :30 बजे से 5:30 बजे तक

एलिजिबिलिटी : मरीजों के लिए

इन्टेक: 30 कैंडिडेट

व्यक्ति विशेष हेतु योग चिकित्सा

अवधि: 45 मिनट से 1 घंटा

समय : प्रात: 10 :00 बजे से सायं 4 :0 0 बजे तक

एलिजिबिलिटी : मरीजों के लिए

यह भी पढ़ें – शिवानंद कुटीर ने दिलाई योग को विश्वस्तर पर पहचान

विदेशियों के लिए योग

विदेशी पर्यटकों भी मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में योग सीख सकते हैं. इस तरह से पर्यटक घूमने के साथ साथ योग जैसी बहुमूल्य प्रशिक्षण से भी लाभान्वित्त हो सकतें हैं. विदेशी नागरिकों की एक बड़ी संख्या इस तरह के कार्यक्रमों से लाभान्वित हो रहे हैं.

सूचना साभार – http://www.yogamdniy.nic.in/

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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June 8, 2019 6 min read
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