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जैसा अन्न वैसा मन, जानिए कैसा हो हमारा आहार

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जैसा अन्न वैसा मन, जानिए कैसा हो हमारा आहार

जैसा अन्न वैसा मन, जानिए कैसा हो हमारा आहार

कहा जाता है जैसा खाओगे अन्न, वैसा होगा मन. इसी सिद्धांत का पालन करते हुए हमें अपनी दिनचर्या में सात्विक आहार ही लेना चाहिए. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मेडिकल विंग द्वारा 138वां थ्री डायमेंशल हेल्थ केयर प्रोग्राम के तहत वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश गुप्ता ने जानकारी दी कैसा हो हमारा आहार-

  • सात किलो गेहूं आटे में एक किलो काला चना, एक किलो सोयाबीन, डेढ़ किलो जौ का मिश्रण कर आटे की रोटी खाने की सलाह दी. इसके पहले सोयाबीन को 20 मिनट पानी में उबालकर सुखाने के बाद पिसवाना चाहिए. साथ ही चपाती बनाने के तीन घंटे पहले आटा भिगोना चाहिए.
  • पूरे दिन में दो चम्मच से ज्यादा तेल का इस्तेमाल नहीं करें. खाने में समय-समय पर तेल बदलते रहें. एक ही तेल को लंबे समय तक खाने में उपयोग नहीं करें. ज्यादा रिफाइंड वाले तेल को खाने से बचें. सोयाबीन, मक्का, सरसों, राई और जैतून के तेल का खाने में उपयोग करना चाहिए.
  • सब्जियों और फलों को खाने से पहले कम से कम 2-3 बार अच्छे पानी से धोना चाहिए. बाद में स्वच्छ कपड़े से पोंछे.
  • रात में सोयाबीन भिगो दें. सुबह मिक्की में चलाकर 150 ग्राम पाउडर एक लीटर पानी में डालकर इसे छाने लें. इससे निकले रस को 4 बार उबालने से सोयाबीन दूध तैयार हो जाएगा. इसका इस्तेमाल करने से हमें शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन मिल जाता है.
  • हृदय रोगियों को तली हुई चीजें, वनस्पति घी, क्रीम, मक्खन, मलाई युक्त दूध से बनी वस्तुएं, पनीर, मांसाहारी भोजन और अंडे नहीं खाना चाहिए.
  • रोजाना हरी सब्जी, अंकुरित अनाज, अंकुरित दालें, मैथी, गवार फली और सीजन का फल हमारे भोजन का हिस्सा हो.
  • विटामिन ए वाले फल जैसे गाजर, पपीता, आम, विटामिन बी बाले फल- आंवला, अमरूद, विटामिन सी- अंकुरित धान आदि लेना चाहिए.
  • भोजन हमेशा चबाकर खाएं. बातचीत नहीं करें. भोजन के दौरान न टीवी देखें और न ही अखबार पढ़ें.
  • भोजन में कभी भी अतिरिक्त नमक और चीनी नहीं लेना चाहिए क्योंकि ये अप्राकृतिक है.

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March 6, 2018 2 min read
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