RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

परमार्थ निकेतन में धूमधाम से मनाई गई हनुमान जयंती महोत्सव

परमार्थ निकेतन में धूमधाम से मनाई गई हनुमान जयंती महोत्सव

परमार्थ निकेतन में धूमधाम से मनाई गई हनुमान जयंती महोत्सव
Visual Archive

परमार्थ निकेतन में धूमधाम से मनाई गई हनुमान जयंती महोत्सव

परमार्थ निकेतन में धूमधाम से मनाई गई हनुमान जयंती महोत्सव

  • हनुमान महोत्सव के अवसर पर किया गया हवन, पूजन, सुन्दरकाण्ड का पाठ, गंगा आरती
  • राष्ट्र और राष्ट्र प्रेम हेतु जीने वालो की विजय के लिये समर्पित की पूजा, प्रार्थना, हवन और गंगा आरती
  • स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने देश के युवाओं से किया आह्वान हनुमान जी की तरह अपने राष्ट्र की करे निःस्वार्थ सेवा
  • विश्व एन. आर. आई. एसोसिएशन के सदस्यों ने परमार्थ गंगा आरती में किया सहभाग

ऋषिकेश, 19 अप्रैल। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में हनुमान महोत्सव के अवसर पर परमार्थ निकेतन में विभिन्न आध्यात्मिक, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण सम्बंधित गतिविधियों का आयोजन किया गया। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों एवं परमार्थ परिवार के सदस्यों ने गंगा के तट पर सफाई अभियान सम्पन्न किया। साथ ही इस विशेष पर्व पर हनुमान चालीसा, गाय के उपलों से हवन, पूजन, विशेष गंगा आरती एवं अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

भगवान शिवजी के 11 वें रूद्रअवतार श्री हनुमान जी का जन्म ज्योतिषीयों के गणना के आधार पर 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 113 वर्ष पूर्व चैत्र पूर्णिमा को हुआ था। परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में विविध गतिविधियों एवं श्रेष्ठ संकल्पों के साथ श्री हनुमान महोत्सव मनाया गया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने परमार्थ निकेतन पधारे श्रद्धालुओं को हनुमान जी के चरित्र के साथ अन्य आध्यात्मिक विषयों पर उद्बोधन दिया साथ ही पर्यावरण संरक्षण, नदियोें की स्वच्छता, निर्मलता एवं स्वच्छ भारत निर्माण हेतु मिलकर कार्य करने का संदेश दिया।

श्री हनुमान महोत्सव के विशेष अवसर पर विश्व एन. आर. आई. एसोसिएशन के सदस्यों ने परमार्थ गंगा आरती एवं हवन में सहभाग किया। आज का विशेष हवन गाय के उपलों से किया गया जिसमें राष्ट्र और राष्ट्र प्रेम हेतु जीने वालो की विजय के लिये विशेष प्रार्थना की गयी। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि देश को माननीय मोदी जी जैसे नेताओं की जरूरत है जो देश का स्वच्छ, सतत और सुरक्षित विकास कर सके। आज हमारे राष्ट्र को हनुमान जी जैसे राष्ट्र भक्तों की जरूरत है जो निःस्वार्थ भाव से देश की सेवा करे, हर बंधन को तोडकर सेवा कार्य को ही सर्वोपरि माने, जो राम के लिये नहीं बल्कि रामराज्य के लिये कार्य करे ’’राम काज कीन्हें बिना मोहि कहाँ विश्राम’ ऐसा ध्येय लेकर चले।

श्री हनुमान महोत्सव के पावन अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने ‘रामायण और हनुमान चरित्र’ के विषय में श्रद्धालुओं को जानकारी दी तथा परमार्थ गंगा घाट पर सुन्दर काण्ड पाठ का आयोजन किया गया।

आज के दिव्य अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज  ने कहा, ’सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वालोें के लिये कहा कि ’हनुमान जी हमारे आदर्श है। हमारा भी एक ही लक्ष्य; एक ही उद्देश्य, बस प्रभु सेवा; जनता जनार्दन की सेवा; पर्यावरण की सेवा हो। ’राम काज कीन्हें बिना मोहि कहाँ विश्राम।’ जब तक राम काज पूर्ण न हो विश्राम कहाँ। राम सेवा ही हमारा विश्राम बने। प्रभु सेवा ही हमारी शक्ति हो; शान्ति हो।’ हनुमान जी के चरित्र का वर्णन करते हुये कहा, ‘अनन्य भक्ति एवं निः स्वार्थ   सेवा के उत्कृष्ट उदाहरण है हनुमान जी। प्राणी, प्रकृति एंव पर्यावरण की रक्षा के लिये उनकी सेवायें अद्भुत है। उन्होने जीवन में प्रभु की भक्ति के साथ-साथ सत्य के साम्राज्य की स्थापना में अमूल्य योगदान दिया। स्वामी जी महाराज ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को हनुमान जी से ईश्वर की भक्ति और समर्पण की शक्ति ग्रहण करना चाहिये।  अपने जीवन को गरीबों और असहायों की सेवा ही समर्पित करें यही आज के पर्व का संदेश है। उन्होने कहा कि ’सेवा, समर्पण एवं त्याग द्वारा प्रभु को आत्मसात करना ही हनुमान चरित्र का मर्म है।’

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी साधकों को प्रकृति, पर्यावरण एवं  जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प कराया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने विश्व आर एन आई एशेसिएशन के सदस्य श्री राजेन्द्र शर्मा जी, पूर्व अतिरिक्त निदेशक, राज्य सभा, श्री भूषण कौशिक, श्री निशांत, सुश्री शिखा, श्री साकेत, श्री केके मित्तल, श्री राजश्री, श्री त्रिलोक कुमार वत्स, श्री शैलेन्द्र सिंह, सुश्री प्रतिभा सिंह को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा  भेंट   किया।

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

Religion World provides information on all religions and presents it impartially. You can send us information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com. You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

April 19, 2019 4 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

वाराणसी का आध्यात्मिक अनुभव: घाट और मंदिरों में संस्कृति की छाप

वाराणसी का आध्यात्मिक अनुभव: घाट और मंदिरों में संस्कृति की छाप भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान में वाराणसी (काशी) का स्थान अद्वितीय है। यह शहर न केवल…

Read now
Hinduism

भैरवनाथ कौन हैं और उनकी पूजा क्यों की जाती है?

भैरवनाथ कौन हैं और उनकी पूजा क्यों की जाती है? भैरवनाथ हिंदू धर्म के एक अत्यंत रहस्यमय, उग्र और शक्तिशाली देवता हैं। उन्हें भगवान शिव का उग्र और…

Read now
Hinduism

क्यों दक्षिण भारत में हनुमान, शिव और विष्णु की विशेष पूजा होती है?

क्यों दक्षिण भारत में हनुमान, शिव और विष्णु की विशेष पूजा होती है? दक्षिण भारत प्राचीन संस्कृति, विशाल मंदिरों, और अनगिनत आध्यात्मिक परंपराओं की धरती है। यहाँ भक्तिभाव…

Read now