बोमडिला महोत्सव में हिस्सा लेंगी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण
बोमडिला, 1 नवम्बर; गौतम बुद्ध के जीवन, शिक्षाओं और उपदेशों पर आधारित बोमडिला महोत्सव हर साल नवंबर के पहले सप्ताह में मनाया जाता है. इसमें सामान्य तौर पर मोनपा, साजोलांग (मिजि), अक्का, सारतांग, बुगुन और शेरदुक्नेप आदिवासी समुदाय हिस्सा लेते रहे हैं. यह उत्सव अरुणाचल प्रदेश के जीवन में बौद्ध धर्म के विशेष प्रभाव को जहां दर्शाता है, वहीं चीन सीमा से कुछ दूरी पर रहने वाले लोगों को देश से जोड़ने का भी काम करता है यह महोत्सव.
अरुणाचल प्रदेश की चीन सीमा के पास मौजूद बोमडिला में आयोजित इस महोत्सव में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी. यह महोत्सव वहां सीमा पर मौजूद लोगों को जोड़ने का एक प्रयास रहा है और हर साल यह मनाया जाता है. दरअसल केंद्र सरकार अब सीमा के आस-पास के जो लोग हैं, उनको जोड़ने का बड़ा प्रयास कर रही है.
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‘सीमा पर बसे लोग स्ट्रैटजिक एसेट्स’
कुछ दिन पहले उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि चीन सीमा पर बसे लोग देश के लिए स्ट्रैटेजिक एसेट्स हैं. सीमा पर बसे लोगों को देश के साथ जोड़ने और सीमा पर निगरानी मजबूत करने के उद्देश्य से राजनाथ सिंह और निर्मला सीतारमण बीते महीनों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं का कई दौरा कर चुके हैं. राजनाथ सिंह ने कहा भी था की सीमा पर बसे लोगों से ITBP हमेशा संपर्क में रहे और इनके लिए विकास कार्यों का काम करती रहे.
किरण रिजिजू भी जाएंगे बोमडिला
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने बातचीत में कहा, “4 नवंबर को बोमडिला जाऊंगा और वहां पर बुद्ध महोत्सव का उद्घाटन करूंगा. यहां पर जो महोत्सव होगा उसमें बुद्ध भगवान के संदेश को फैलाना है, जिसमें कैलाश खेर तो जा ही रहे हैं. साथ ही डिफेंस मिनिस्टर भी उस इलाके में जा रही हैं. बॉर्डर का इलाका है इसलिए डिफेंस मिनिस्टर का वहां जाना काफी महत्वपूर्ण है. वहीं डिफेंस मिनिस्टर कई दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा करेंगीं.”
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चीन के कब्जे में रह चुका है बोमडिला
बोमडिला काफी ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहां 1962 में चीन ने कब्जा किया था . लेकिन चीन को बोमडिला से पीछे जाना पड़ा, क्योंकि यहां के लोगों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया. चीनी लोग यहां की भारतीय संस्कृति को डिगा नहीं पाए. चीन की तरफ से 1000 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाकर ब्रम्हपुत्र के पानी को मोड़ने के सवाल पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा, “कोई रिपोर्ट है ऐसी, लेकिन चीन की सरकार की तरफ से नहीं कहा गया है.”
इस महोत्सव में सूफी गायक कैलाश खेर भी हिस्सा लेंगे और वहां अपने बैंड कैलाशा के साथ सूफी संगीत पेश करेंगे. कैलाश खेर बुद्ध महोत्सव के लिए अरुणाचल प्रदेश जा रहे हैं.
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