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आचार्य लोकेश USA कांग्रेस शांति पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय 

आचार्य लोकेश USA कांग्रेस शांति पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय


• अंतर्रधामिक विश्व प्रयासों के लिए अमेरिका में एक नई प्रेरणा तब बनीं जब शांति के लिए कार्य करने वाले जैन संत को एक खास सम्मान से सुशोभित किया गया। 
• बीस सालों से कांग्रेसमैन रहे डेनी के डेविस ने आचार्य डॉ लोकेश मुनि को शांति और सद्भावना के लिए दिया अवॉर्ड 
• अमेरिका गरीबी व आतंकवाद को ख़त्म करने के लिए काम करे  – आचार्य लोकेश

अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक प्रख्यात जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि पहले ऐसे भारतीय है जिन्हें यूएस कांग्रेस डैनी के डेविस शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यूएस कांग्रेस डैनी के डेविस शांति पुरस्कार 2018 से आचार्य लोकेश को विश्व शांति और सद्भावना एवं अंतर धार्मिक संवाद को बढ़ावा देने के उनके द्वारा किया गए प्रयासों के लिए माननीय कांग्रेस नेता डैनी के डेविस ने अपने शिकागो कार्यालय में प्रदान किया। इस अवसर पर अमेरिका के अनेक प्रतिष्ठित महानुभाव एवं विशिष्ट जन उपस्थित थे। 2015 में इसी सम्मान से नाइजीरिया की लॉगोस स्टेट हाउस एसेंबली की स्पीकर मुदासिरु अजाई ओबासा, 2016 में कनाडा की वुमेन फाउंडेशन की चेयर ग्बेमी अदेतायो को, 2017 में रिपब्लिक ऑफ बुरूंडी के आई चेंज नेशन के अध्यक्ष डॉ क्लाइट रिवर्स को भी इस सम्मान से नवाजा गया है।


कांग्रेस नेता डैनी के डेविस ने कहा कि आचार्य लोकेश ने विश्व शांति, सद्भावना स्थापना एवं अंतर धार्मिक संवाद के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। विश्व जनमानस के लिए वो एक आशा की किरण है जो विश्व के आतंकवाद, हिंसा और मनभेदों को ख़त्म करने के लिए सदैव प्रयासरत रहते हो। उन्होंने कहा अहिंसा विश्व भारती संस्था की अन्तराष्ट्रीय शाखा जिसका कुछ माह पहले अमेरिका में शुभारम्भ हुआ है उसके माध्यम से विश्व शन्ति के प्रयासों को गति मिलेगी।


आचार्य लोकेश ने इस अवसर पर कहा कि हिंसा व आतंकवाद किसी समस्या का समाधान नहीं। हिंसा प्रतिहिंसा को जन्म देती है। संवाद के द्वारा वार्ता के द्वारा हर समस्या का समाधान संभव है, कि सम्प्रदाय व धर्म के नाम पर हिंसा करना विश्व शांति के लिए हानिकारक है। हिंसा, आतंक व तनावपूर्ण माहौल से समाज में अस्थिरता आती है जिससे विकास के सभी कार्य बाधित होते हैं। अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की मौलिक विशेषता है इसको अपनाकर हम सर्वधर्म सद्भाव और विश्व शांति की स्थापना कर सकते है। आचार्य लोकेश ने कहा भारत और अमेरिका को एकसाथ गरीबी व आतंकवाद के खात्मे के लिए काम करना चाहिए।

इस अवसर पर किशोर मेहता, अध्यक्ष बहु जातीय सलाहकार टास्क फोर्स, 7 वें कांग्रेस के जिला ने सभा का स्वागत किया।  डॉ विजय जी प्रभाकर, संस्थापक बहु जातीय सलाहकार कार्य बल और राष्ट्रपति अमेरिकी बहु जातीय गठबंधन इंक, शिकागो ने आचार्य डॉ लोकेश मुनीजी परिचय प्रस्तुत किया और वैश्विक स्तर पर उनके काम पर प्रकाश डाला।  मध्य पूर्व अमेरिकियों के लिए बहुसंख्यक चिकित्सकों इंक और प्रकाशक हयात पत्रिका के अमेरिकन एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ माज़ेन बराकैट ने पुरस्कार प्राप्त करने पर आचार्यजी को सम्मानित किया और उनकी सेवाओं की सराहना की। डॉ. ग्लेडिस फोलोरुनशो, राष्ट्रपति यूएसए अफ्रीका चैंबर ऑफ कॉमर्स इंक ने आचार्य जी का धन्यवाद किया और आचार्यजी से नाइजीरिया, घाना और कैरिंगटन रानी राष्ट्रों के लिए अपना मिशन फैलाने की अपील की। डॉ जेनोबिया सोवेल मेनोनाइट चर्च के राष्ट्रीय कार्यकारी बोर्ड सदस्य यू.एस.ए. ने अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। प्रोफेसर डॉ क्लेरेंस बील्स, पुरस्कार जूरी चेयर, कोल्बी ब्लेयर स्मिथ पुरस्कार जूरी सह अध्यक्ष, डॉ शिवकुमार मेडेसन पुरस्कार जूरी सचिव, नागेंद्र श्रीपाद आईआईटी पूर्व छात्र एसोसिएशन ऑफ अमेरिका, जेरार्ड मूरर अमेरिकी कांग्रेस के डैनी के डेविस कार्यालय के उप निदेशक, विजय जी. प्रभाकर, जैन समाज के वरिष्ठ उर्विश पुनातर, रिलीजन वर्ल्ड के संस्थापक भव्य श्रीवास्तव एवं अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ  अमेरिकी कांग्रेस के डैनी के डेविस शांति पुरस्कार 2018 समारोह में शिकागो उपस्थित थे।

Post By Religion World