तिरुवनंतपुरम, 11 मार्च; केरल में पिछले दो दिनों में पांच COVID-19 मामलों की रिपोर्टिंग के बावजूद, कई भक्तों ने सोमवार को वार्षिक अट्टूकल पोंगल त्योहार के लिए देशभर से राज्य की राजधानी में पहुंचे।
वायरस की रिपोर्ट से भक्त थोड़े चिंतित तो ज़रूर हुए लेकिन इश्वर के प्रति आस्था के कारन वो आश्वस्त थे की इश्वर उनकी रक्षा करेंगे, जबकि बाकी लोगों ने त्योहार मनाने के लिए एहतियाती कदम उठाए। अधिकांश श्रधालुओं ने त्यौहार मास्क पहनकर मनाया और मास्क की शौर्टेज की शिकायत भी की।
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पठानमथिट्टा के पांच नए मामलों में से अधिकांश भक्त अनजान थे। अपनी मां के साथ जा रही पठानमथिट्टा की कक्षा आठवीं की छात्रा सानिया राजेश ने कहा ” वे रविवार की सुबह शहर पहुंचे और अपने जिले में होने वाले पुष्टि मामलों से अनजान थे। उसने कहा कि वे यात्रा करने के लिए उत्सुक थे। सार्वजनिक परिवहन से यात्रा घातक हो सकती है इसलिए अभी घर वापसी का हम निर्णय नहीं ले पा रहे हैं ।”

त्रिशूर के राजी के और शोभना कृष्णन प्रतिमा जंक्शन पर शनिवार से ही डेरा डाले हुए थे। वे नए पुष्टि किए गए COVID-19 मामलों से भी अनजान थे और उन्होंने कहा कि उन्हें स्थिति की गंभीरता के बारे में पता नहीं था। राजीव ने कहा, “हमने मास्क के साथ कुछ लोगों को देखा लेकिन हमें संदेह है कि अगर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद यह मदद करेगा।”
इंटीरियर डिजाइनर, अस्वथी एस ने कहा, “हालांकि आयोजकों द्वारा एहतियाती उपायों के बारे में नियमित घोषणा की गई थी, लेकिन वे मांग को पूरा करने में विफल रहे। “केवल कैप और पेपर फैन प्रदान किए गए थे। मैंने कुछ मेडिकल दुकानों से मास्क खरीदने की कोशिश की लेकिन वे स्टॉक से बाहर थे।”
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