अयोध्या, 23 अप्रैल;देश में जारी लॉकडाउन के समाप्त होने के बाद ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम शुरू होगा। इसक फैसला संत समाज ने मिलकर लिया है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने कहा कि देश इस समय कोरोना महामारी से मुकाबला कर रहा है।
उन्होंने कहा संत समाज का मत है कि जब तक देश में सामान्य स्थिति कायम नहीं हो जाती, तब तक कोई उत्सव का आयोजन नहीं किया जा सकता। मंदिर का निर्माण लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही शुरू होगा।
संतों की राय अभी काम शुरु करना ठीक नहीं
देश की करोड़ों जनता को राम मंदिर के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। चम्पत राय ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास, मुरारी बापू , महामंडलेश्वर अवधेशानंद, युगपुरूष परमानंद, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, गोविंद देव गिरी आदि संतो से विचार विमर्श किया है।
उन्होंने इस मसले पर 20 संतों से राय ली है। सभी का विचार है कि कोरोना संकट खत्म होने तक मंदिर का निर्माण करना ठीक नहीं है।
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श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को जन्मभूमि परिसर का स्वामित्व मिला
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र को राम जन्मभूमि परिसर के अधिग्रहण के दस्तावेज सौंप दिए गए हैं। बीते सोमवार को राम जन्मभूमि विवादित परिसर के रिसीवर रहे मंडलायुक्त ने अधिग्रहण के दस्तावेज ट्रस्ट के सुपुर्द कर दिए।
अब विवादित भूमि के साथ ही अधिग्रहित परिसर की 67 एकड़ भूमि पर भी ट्रस्ट का मालिकाना हक हो गया है। इस पर श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि ट्रस्ट को अधिग्रहित परिसर के पेपर मिल गए हैं।
जो कि सरकार के आदेश पर मंडलायुक्त ने ट्रस्ट को सौंपे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अयोध्या में अभी कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा। हालात सामान्य होने पर ही लोग अयोध्या आएंगे क्योंकि कोई भी आयोजन देश की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी नहीं है।
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