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चेतन-अचेतन मन : जानिये चेतन और अचेतन मन में अंतर

चेतन-अचेतन मन : जानिये चेतन और अचेतन मन में अंतर

चेतन-अचेतन मन : जानिये चेतन और अचेतन मन में अंतर
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चेतन-अचेतन मन : जानिये चेतन और अचेतन मन में अंतर

मन हमारे लिये आज भी एक अबूझ पहेली के रुप में हमें हमेशा अचम्भित करता रहता है. मन जिसका अस्तित्व कोई भी सिद्ध नहीं कर पाया फिर भी उसके सम्पूर्ण अस्तित्व को आज हर तरफ स्वीकारा गया है.



शरीर में दिल तथा दिमाग के अलावा भी एक और अदृश्य हिस्से की मान्यता हैं जो दिल दिमाग पर भी कई बार श्रेष्ठ हो जाता हैं जिसे मन कहते हैं. मन को तीन विभागों में बांटा गया हैं-

चेतन मन
अवचेतन मन
बेसुध मन

चेतन मन

मन का वह हिस्सा जो चेतन या जागृत रहता हैं . यह वह हिस्सा हैं जो हमारे दिमाग के सजग अवस्था में कार्यरत रहता हैं. हमारा पूरा ध्यान उस कार्य के प्रति हो जाता है. यही चेतन मन हैं . जब हम कोई कार्य सक्रिय अवस्था में रहकर करते है तब उसे हम चेतन मन का कार्य कहते हैं. जैसे कोई भी सकारात्मक या नकारात्मक निर्णय लेना. सही गलत में भेद कर पाना. कार्य के लिये प्रेरित होना और सारी घटनाओं की आपको समझ कराता हैं. यह मन तब तक ही कार्य करता हैं जब तक हम जागृत अवस्था में होते हैं जब हम सो जाते हैं यह मन कार्य करना रोक देता हैं.

जैसे – आप किसी काम में व्यस्त होने के बावजूद आपको किसी को अपना नाम लेते सुनते है तब आप अपना कार्य करते हुए भी जिसने आपका नाम लिया उसकी बातें सुनने की कोशिश करते हैं. यहां आपका चेतन मन कार्य कर रहा होता है.

यह भी पढ़ें-ध्यान : जानिये सहज समाधि ध्यान क्या है

अचेतन मन

हमारे मन का लगभग 90% हिस्सा अवचेतन मन द्वारा व्याप्त होता हैं . इसका स्वभाव सुक्ष्मता से कार्य करना होता हैं इसलिये इसके कार्य के बारे में व्यक्ति को जानकारी नहीं रहती. अवचेतन मन सबसे ज्यादा मज़बूत माना जाता है. यह हमारे विचारों के सम्प्रेषण को अनुभव तथा संस्कार के रुप में ग्रहण करता हैं. अवचेतन मन को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्व प्राप्त है .



हर चीज़ के पीछे छुपे राज को जानने की शक्ति होती हैं अवचेतन मन में. यह हमें तब भी सहायता प्रदान करता हैं जब हम निद्रा में होते हैं. मन का यह हिस्सा उस ब्रहमाण्डिय उर्जा से जुड़ा हुआ होता हैं जिनमें चमत्कार जैसी चीजों का भी विज्ञान छिपा होता है. इस मन को जागृत कर लेने से इन्सान ब्रह्मांडीय ज्ञान उर्जा तकनीक का ज्ञाता बन जाता है. यह आपको आपके अनुभव जनित संस्कारों के द्वारा हर स्थूल सूक्ष्म घटनाओं में सजगता प्रदान करता है.

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By Shweta December 17, 2020 3 min read
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