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Himalyan Salt Lamp (सेंधा नमक लैंप) के प्रभाव और उपयोग

Himalyan Salt Lamp (सेंधा नमक लैंप) के प्रभाव और उपयोग

Himalyan Salt Lamp (सेंधा नमक लैंप) के प्रभाव और उपयोग
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Himalyan Salt Lamp (सेंधा नमक लैंप) के प्रभाव और उपयोग

Himalyan Salt Lamp (सेंधा नमक लैंप) के प्रभाव और उपयोग

साल्ट लैंप या हिमालयन साल्ट लैंप सफ़ेद-गुलाबी सेंधा नमक से बना हुआ, Electricity से चलने वाला एक Lamp होता है। साल्ट लैंप से होने वाले कई फायदों की वजह से लोग इसे घरों में लगा रहे हैं और वास्तु अनुसार यह लेम्प आजकल काफी चलन में है।

इस लैंप में हिमालय व अन्य समीपवर्ती क्षेत्रों में पाए जाने वाले प्राकृतिक सेंधा नमक (Sendha Namak) का एक बड़ा टुकड़ा होता है, जिसके अंदर एक छोटा बल्ब लगा होता है। साल्ट लैंप के कुछ मॉडल में एक बड़े टुकड़े के स्थान पर कुछ छोटे टुकड़े होते हैं, जिनके बीच में लाइट लगी होती है। Salt Lamp से आती हुई हल्की रौशनी देखने में सुंदर लगती है और सुकून देती है. साल्ट लैंप के बढ़ते हुए प्रचलन की वजह सिर्फ इसकी सुन्दरता ही नहीं बल्कि इससे मिलने वाले कई अन्य फायदे भी है।

Salt Lamp Sendha Namak सेंधा नमक
धन प्राप्ति और बरकत हेतु – सेंधा नमक को कांच के पात्र में रखें और उसमें चार-पांच लोंग डाल दें। इससे धन की आवक शुरू होने लगेगी और घर में बरकत भी बनी रहती है। इससे एक ओर जहां नमक में सुगंध बनी रहेगी वहीं इस उपाय से कभी धन की कमी नहीं होगी। ये देखा गया है कि साल्ट लैंप जलाना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। साल्ट लैंप लगाने से घर के वास्तु में भी पॉजिटिव असर पड़ता है. आइये जानते हैं ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्रीजी से कि यह लैंप कैसे कार्य करता है और इसके क्या फायदे हैं।

जानिए साल्ट (सेंधा नमक) लैंप के लाभ

साल्ट लैंप जलाने से हवा में ऋणात्मक आयन (निगेटिव आयन ) हवा में फैलते रहते हैं। ये निगेटिव आयन प्रकृति के कई स्रोतों में पाए जाते हैं और कई प्राकृतिक क्रियाओं में बनते रहते हैं, जैसे बहता हुआ पानी, झरने, समुद्री लहरें, आसमानी कड़कती बिजली में, सूर्य की रोशनी आदि।

यदि पति और पत्नी में किसी भी बात को लेकर अनबन है या गृहक्‍लेश है या किसी भी प्रकार की मानसिक अशांति है तो सेंधा या खड़े नमक का एक टुकड़ा शयनकक्ष के एक कोने में रखें, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी। इस टुकड़े को महीने भर के बाद बदल दें और दूसरा नया टुुकड़ा रख दें।

गेटिव आयन (Negative Ion) के सम्पर्क में आने से हम अच्छा महसूस करते हैं. आपने अनुभव किया होगा कि ताजे पानी का स्वाद और स्पर्श ताज़गी देता है. झरने या समुद्री बीच के पास जाने से हम हल्का महसूस करते हैं। चमकती बिजली और वर्षा के बाद मौसम बड़ा खुशगवार लगता है।

सेंधा नमक लैंप के लाभ Salt Lamp

अगर कुंडली में चंद्र कमजोर है तो समुद्री या सामान्य नमक का भोजन में इस्तेमाल न करें बल्कि सेंधा नमक का इस्तेमाल करें। इससे आप रक्तचाप की समस्या से बचे रहेंगे। हवा में नेगेटिव आयन होने से दिमाग में ऑक्सीजन स्तर बढ़ता है, जिससे हम ज्यादा सचेत, सक्रिय होते हैं. इसके अतिरिक्त नेगेटिव आयन हवा में पाए जाने वाले कई जीवाणु और हानिकारक तत्वों को निष्क्रिय करके हवा शुद्ध करने में सहायक होते हैं. जिससे कई बीमारियों और एलर्जी से बचाव होता है।

हमारे घरों में पाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी, कंप्यूटर, ओवन इत्यादि वातावरण में पॉजिटिव आयन फैलाते रहते हैं, जिससे बेचैनी, उलझन, स्ट्रेस और अनिद्रा आदि समस्याएँ होती हैं. साल्ट लैंप से निकलने वाले नेगेटिव आयन इन पॉजिटिव आयन को निष्क्रिय करते हैं। हफ्ते या महीने मे एक बार घर की फर्श को साफ करने के लिए सेंधा नमक का प्रयोग करें ये आपको हवनकरने जैसा फल देगा और सभी बुरी उर्जाओं का नाश कर देगा।

ऐसे पाएं बाथरूम और टॉयलेट दोष से मुक्ति 

नमक हर तरह की गंदगी को हटाने वाला रसायन है। एक कांच की कटोरी में खड़ा नमक (समुद्री नमक) भरें और इस कटोरी को बाथरूम में रखें। इस उपाय से भी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती। टॉयलेट में कांच के बाऊल में क्रिस्टल साल्ट (दरदरा नमक) भर कर रखें, 15 दिन बाद बदल दें, पहला टाॅॅयलेट के सिंक में डाल दें। अगर किसी कारण टॉयलेट उत्तर-पूर्व में हो तो इसके दरवाजे पर रोअरिंग लायन का फोटो पेस्‍ट कर दें।

ऐसे दूर करें वास्तुदोष को सेंधा नमक से

मिला जुला वास्तुदोष हो तो जिसे आप बदल नहीं सकते। मन में खिन्नता, भय, चिंता होने से, दोनों हाथों में साबुत नमक भर कर कुछ देर रखे रहें, फिर वॉशबेसिन में डालकर पानी से बहा दें। नमक इधर उधर न फेंके।

जाने सेंधे नमक से रोग से मुक्ति कैसे पाएं

सोते समय अपना सिरहाना पूर्व की ओर रखें। अपने सोने के कमरे में एक कटोरी में सेंधा नमक के कुछ टुकडे रखें। इससे आपकी सेहत ठीक रहेगी। रोग से बचने के लिए साधारण नमक का कम ही उपयोग करना चाहिए। उसकी जगह सेंधा नमक या काले नमक का उपयोग भोजन के दौरान करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति लंबी बीमारी से ग्रसित हैं तो उसके सिरहाने कांच के एक बर्तन में नमक रखें। एक सप्ताह बाद उस नमक को बदल कर दोबारा नमक रख दें। धीरे धीरे उस व्यक्ति की सेहत में सुधार होने लगेगा।

जानिए साल्ट लैंप के प्रकार 

– वास्तु शास्त्र में नमक का प्रयोग वास्तु दोषों को दूर करने में किया जाता है. अक्सर वास्तु शास्त्री घर में नमक का पोंछा लगाना, कमरे में नमक के टुकड़े रखना जैसे उपाय घर की निगेटिविटी दूर करने के लिए बताते हैं. इसी प्रकार नमक का यह लैंप जलाना भी घर के माहौल को सकारात्मक बनाने में कारगर उपाय बताया गया है.

– लोगों ने अनुभव किया है कि Salt Lamp जलाने से मूड अच्छा रहता है, एकाग्रता बढ़ती है, तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है. इस लैंप से हवा में उत्पन्न नेगटिव आयन की वजह से लोगों ने खुद को ज्यादा ऊर्जावान महसूस किया।

– इसके अतिरिक्त Salt Lamp एक बढ़िया Night Lamp का भी कार्य करता है. इसे एक सुंदर डेकोरेटिव आइटम के रूप में भी लगाया जा सकता है।

लेखक – ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री

Editorial Review Note

Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. .

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December 8, 2019 5 min read
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