हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। सालभर में आने वाली सभी एकादशियों का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को आने वाली अपरा एकादशी बेहद पुण्यदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
वर्ष 2026 में अपरा एकादशी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। आइए जानते हैं अपरा एकादशी 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और धार्मिक महत्व।
📅 अपरा एकादशी 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पवित्र व्रत 13 मई 2026, बुधवार को रखा जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है।
⏰ अपरा एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
- एकादशी तिथि प्रारंभ – 12 मई 2026 की रात्रि
- एकादशी तिथि समाप्त – 13 मई 2026 की रात्रि
- पारण का समय – 14 मई 2026 प्रातः
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है।
🪔 अपरा एकादशी पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
- भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, धूप और दीप अर्पित करें।
- विष्णु सहस्रनाम या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- अपरा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
- पूरे दिन सात्विक रहें और जरूरतमंदों को दान दें।
- अगले दिन द्वादशी तिथि में व्रत का पारण करें।
📖 अपरा एकादशी व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन समय में महिध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। उसका छोटा भाई वज्रध्वज उससे ईर्ष्या करता था। एक दिन उसने राजा की हत्या कर उसका शव जंगल में पीपल के पेड़ के नीचे दबा दिया।
राजा की आत्मा प्रेत बनकर भटकने लगी। बाद में एक ऋषि ने अपनी तपस्या से उस आत्मा को देखा और उसे मुक्ति दिलाने के लिए अपरा एकादशी का व्रत किया। उस व्रत के पुण्य से राजा को प्रेत योनि से मुक्ति मिल गई।
तभी से यह मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत व्यक्ति को पापों और कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
✨ अपरा एकादशी का धार्मिक महत्व
धर्म शास्त्रों में अपरा एकादशी को अत्यंत फलदायी बताया गया है। कहा जाता है कि इस व्रत का पुण्य गंगा स्नान, तीर्थ यात्रा और बड़े यज्ञों के बराबर माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करने से—
- पापों का नाश होता है
- पूर्वजों को शांति मिलती है
- जीवन में सुख-समृद्धि आती है
- भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है
- मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है
🌿 अपरा एकादशी पर क्या करें?
- भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें
- गरीबों और ब्राह्मणों को दान दें
- पीले वस्त्र धारण करें
- सात्विक भोजन करें
- विष्णु मंत्रों का जाप करें
- रात में भजन-कीर्तन करें
🚫 इस दिन क्या न करें?
- तामसिक भोजन का सेवन न करें
- क्रोध और विवाद से बचें
- झूठ बोलने से बचें
- किसी का अपमान न करें
- नकारात्मक विचारों से दूर रहें
🌸 निष्कर्ष
अपरा एकादशी केवल एक व्रत नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति और पुण्य प्राप्ति का विशेष अवसर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से व्यक्ति के जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
🙏 भगवान विष्णु की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।
जय श्री हरि।
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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