आचार्य लोकेश ‘सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक गुरु’ अवार्ड से सम्मानित हुए
मुम्बई; 2 मई; सर्वधर्म समन्वय के प्रतीक, अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि को यशवन्तराज चव्हाण सभागार मुम्बई में ‘BEST SPIRITUAL LEADER’ के रूप मे सम्मानित किया गया. अध्यात्म व सामाज सेवी श्री भैयुजी महाराज ने उन्हें अवार्ड राष्ट्रीय चरित्र निर्माण, मानवीय मूल्यों के उत्थान, सामाजिक सौहार्द व भारतीय संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए समर्पित किया. भैयुजी महाराज ने कहा कि आचार्य लोकेश भारत का गौरव है उन्हें आध्यात्मिक जगत में ऐतिहासिक काम करने के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक गुरु’ अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा.

न्यूज़ मेकर एचीवर्स अवार्ड्स 2018 के दौरान बप्पी लहरी, बी.जे.खातल पाटिल, बी.एल.गौर को लाईफ टाईम अवार्ड, विवेकानंद एजुकेशन सोसाइटी, विजय जौली, सुभाष चन्द्र अग्रवाल को बेस्ट RTI एक्टिविस्ट, डा. अविनाश सूपे को बेस्ट डाक्टर, कैलाश खेर को बेस्ट सिंगर, अरुणा राजे पाटिल को बेस्ट डायरेक्टर, भारती सिंह और राजीव सिंह को बेस्ट हास्य अभिनेता, मकरंड देशपांडे को बेस्ट रंगमंच कलाकार सहित शिक्षा, कला, संस्कृति, मीडिया, राजनीति, समाजसेवा आदि विभिन्न क्षेत्रों की महत्वपूर्ण हस्तियों को इस मौक़े पर नवाज़ा गया. समारोह में शहर की जानी मानी हस्तियाँ मौजुद थी. इस वर्ष के पुरस्कार को ‘दिव्यांग’ (विकलांग) की मदद करने और यौन श्रमिकों की बेटियों की शिक्षा में सहायता प्रदान करने के लिए समर्पित किये गए . पुरस्कार समारोह में उन विशिष्ठ लोगो को सम्मानित किया गया जिन्होंने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के माध्यम से समाज में एक बदलाव लाने का प्रयास किया है.
आचार्य लोकेश ने सम्मान ग्रहण करते हुए कहा कि भारत एक धर्म प्रधान देश है. यहाँ पर सभी धर्मों और सम्प्रदायों के लोग मिलजुल कर रहते है. धर्म के तीन आयाम है उपासना, नैतिकता और जीवन में आध्यात्म का अवतरण. किसी भी धर्म को अपनाकर उसकी शिक्षाओं को अपने जीवन में ऊतरकर व्यक्ति अपना, अपने परिवार व समाज का कल्याण कर सकता है. धर्म को समाज सेवा से जोड़कर उसे समाज के उत्थान का मार्ग बना वर्तमान की आवश्यकता है. विकास के लिए शांति आवश्यक है और धार्मिक एकता व सद्भाव से ही विश्व शांति स्थापित होगी. धर्म और विज्ञान के समन्वय से ही मानवता का संतुलित विकास संभव है.आचार्य लोकेश ने इस बात की सराहना की कि अवार्ड समारोह विशेष रूप से दिव्यांगों और बेटियों की शिक्षा के प्रति समर्पित है.

न्यूज़ मेकर समूह के संपादक वैदी तामन ने कहा की आचार्य लोकेश ने विश्व शांति और सद्भावना की स्थापना के लिए सराहनीये प्रयास किये है और साथ ही अहिंसा विश्व भारती संस्था की स्थापना कर कन्या भ्रूण हत्या व नशे जैसी सामाजिक बुराइयों की खिलाफ जन आन्दोलन चला रहे है. उन्होंने कहा कि सरकार ने विकलांग लोगों के कल्याण के लिए कुछ कदम उठाए हैं, फिर भी उनके जीवन को बदलने के लिए और पहल की जानी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि आचार्य डॉ लोकेश मुनिजी को इससे पूर्व भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय साम्प्रदायिक सद्भाव पुरूस्कार, संयुक्त राष्ट्रसंघ में भारत गौरव अवार्ड व एम्बेसडर ऑफ़ पीस, लन्दन पार्लियामेंट में विश्व शांतिदूत, कैलिफ़ोर्निया की असेम्बली में ‘की टू सिटी ‘अवार्ड तथा गुलजारीलाल नन्दा राष्ट्रीय नैतिक पुरूस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
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