देव उठनी एकादशी 2018 : 2019 के शुभ विवाह मुहूर्त

19 नवंबर 2018 से सावों (विवाह/शादी ब्याह) का सीजन शुरू होगा। ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि इस सावे की ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार ग्रह नक्षत्रों के अनुसार गुरु का तारा अस्त रहने के कारण आने वाले नवंबर–दिसंबर में वैवाहिक मुहूर्त कमजोर तो रहेंगे, लेकिन 19 नवंबर 2018 को तुलसी एकादशी होने से अबूझ सावों के मुहूर्त में शादियों की बहुतायत रहेगी। वहीं 24 नवंबर 2018 को देव दिवाली पर भी सावों का योग रहने से वैवाहिक कार्यक्रम हो सकेंगे।
19 को उठेंगे देव अबूझ सावे पर शादियों की रहेगी धूम धाम 16 दिसंबर से शुरू हो जाएगा। मलमास अस्त गुरु तारे में 19 नवंबर को देव उठेंगे देव उठनी एकादशी के अबूझ सावे पर शादी समारोह आदि की धूम रहेगी। इस दिन सामूहिक विवाह भी अपने चरम पर होंगे ।
देव उठनी एकादशी को राजनीतिक दृष्टि से भी शुभ माना जा रहा है। इस दिन विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन का अंतिम दिन होने से राजनीति में गर्माहट रहेंगी।। देवउठनी एकादशी के साथ ही शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे नवंबर में कुछ तिथियों में शादियां हैं लेकिन 7 से 13 दिसंबर तक शादियों की भरमार रहेगी। इसके बाद 15 जनवरी को पहला सावां है। इसी के साथ जनवरी 2019 में 9 सावे होंगे । ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार 13 नवंबर को गुरु तारा अस्त होगा हालांकि 30 अक्टूबर को शुक्र उदय हो गया है ।
गुरु तारा 7 दिसंबर 2018 को उदय होगा, इस कारण 19 नवंबर को गुरु तारे में ही देव उठेंगे शादी समारोह और मांगलिक कार्य होंगे।
पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार 12 व 13 दिसंबर को विवाह का योग रहेगा, लेकिन इसमें कात्याय नोक्त विवाह ही होंगे। इन तिथियों के बाद 16 दिसंबर को मलमास आरंभ हो जाने के कारण मांगलिक व उत्तम कार्यों पर विराम लग जाएगा। यह योग 14 जनवरी मकर संक्रांति तक जारी रहेगा। इसके बाद जनवरी माह में उत्तम सावों का योग 17 जनवरी से दस रेखा सावे के योग के साथ प्रारंभ होगा, जो फरवरी व मार्च माह में होलाष्टक लगने से पहले तक सावे तिथियों अनुसार जारी रहेंगे।
गुरु तारा उदय होने के बाद 12 दिसम्बर को 8 रेखा व 13 दिसम्बर को 10 रेखा का सावा है। इसी प्रकार 16 दिसम्बर सुबह 9.09 बजे सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के साथ ही मलमास शुरू हो जाएगा।
इसी प्रकार 16 दिसंबर को प्रातः 9:09 पर सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने के साथ ही मलमास शुरू हो जाएगा।।
ऐसे में वैवाहिक और मांगलिक कार्य नहीं हो पाएंगे। साल 2019 में 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही मलमास समाप्त होगा। अगले वर्ष 15 जनवरी 2019 से पुनः मांगलिक व वैवाहिक कार्य शुरु होंगे। जिनके विवाह में अन्य बाधाएं आ रही थी वह इन मुहूर्त में शादी कर सकते हैं इस बार उनके घर भी शहनाइयां गूंजेंगी।
दिसंबर माह में 12 दिसंबर (बुधवार) मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को एवं 13 दिसंबर (गुरुवार) मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी को विवाह के शुभ मुहूर्त होंगे। इसके बाद 16 दिसंबर 2018 से 14 जनवरी 2019 तक धनुर्मास या मलमास रहने के कारण विवाह नहीं होंगे। इस बीच 13-14 नवंबर 2018 से 8 दिसंबर 2018 तक गुरु अस्त रहने के कारण विवाह नहीं हो पाएंगे।
विशेष सावधानी – विवाह की उपरोक्त तिथियां उज्जैनी पंचागों के आधार पर है। स्थान और पंचांग भेद तथा मतांतर के कारण इन तिथियों में परिवर्तन हो सकता है। विवाह की तारीखों के लिए विद्वजन भावी वर–वधू की कुंडलियों और नाम राशि के अनुसार स्थानीय ज्योतिषियों से सलाह लें।
विवाह मुहूर्त में रखें इन बातों का ध्यान
नक्षत्र – मूल, अनुराधा, मृगशिरा, रेवती, हस्त, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़, उत्तराभाद्रपद, स्वाति, मघा, रोहिणी।।
माह– ज्येष्ठ, माघ, फाल्गुन, वैशाख, मार्गशीर्ष, आषाढ़।।
गृह विचार – विवाह में कन्या के लिए गुरुबल, वर के लिए सूर्यबल और दोनों के लिए चंद्रबल का विचार किया जाता है।
गुरुबल विचार – बृहस्पति कन्या की राशि से नवम, पंचम, एकादश, द्वितीया और सप्तम राशि में शुभ होता है। दशम, तृतीय, षष्ठ और प्रथम राशि में दान देने से शुभ और चतुर्थ, अष्टम, द्वादश राशि में अशुभ होता है।
सूर्यबल विचार – सूर्य वर की राशि से तृतीय, षष्ठ, दशम, एकादश राशि में शुभ होता है। प्रथम, द्वितीय, पंचम, सप्तम और नवम राशि में दान देने से शुभ और चतुर्थ, अष्टम, द्वादश राशि में अशुभ होता है।
चंद्रबल विचार – चंद्रमा, वर और कन्या की राशि में तीसरा, छठा, सातवां, दसवां, ग्यारहवां शुभ होता है। पहला, दूसरा, पांचवां, नौवां, दान देने से शुभ और चौथा, आठवां, बारहवां अशुभ होता है।
शुभ लग्न – तुला, मिथुन, कन्या, वृष और धनु लग्न शुभ है। अन्य मध्यम होते हैं।
लग्न शुद्धि – किसी भी जन्म पत्रिका में लग्न से बारहवें शनि, दसवें मंगल, तीसरे शुक्र, लग्न में चंद्रमा और क्रूर ग्रह अच्छे नहीं होते। लग्नेश, शुक्र, चंद्रमा, छठे और आठवें में शुभ नहीं होते। लग्नेश और सौम्य ग्रह आठवें में अच्छे नहीं होते और सातवें में कोई भी ग्रह शुभ नहीं होता है।
जानिए वर्ष 2019के शुभ विवाह मुहूर्त
जनवरी 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
17 जनवरी 2019 (गुरुवार) 22:34 से 31:18+ रोहिणी द्वादशी
18 जनवरी 2019 (शुक्रवार) 07:18 से 22:10 रोहिणी, मृगशिरा द्वादशी, त्रयोदशी
23 जनवरी 2019 (बुधवार) 07:17 से 13:40 मघा तृतीया
25 जनवरी 2019 (शुक्रवार) 14:48 से 31:16+ उत्तरा फाल्गुनी, हस्त पंचमी, षष्ठी
26 जनवरी 2019 (शनिवार) 07:16 से 15:05 हस्त षष्ठी
फरवरी 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
1 फरवरी 2019 (शुक्रवार) 07:13 से 21:08 मूल द्वादशी, त्रयोदशी
8 फरवरी 2019 (शुक्रवार) 14:59 से 23:24 उत्तरा भाद्रपद चतुर्थी
9 फरवरी 2019 (शनिवार) 12:25 से 31:07+ उत्तरा भाद्रपद, रेवती पंचमी
10 फरवरी 2019 (रविवार) 07:07 से 13:06 रेवती पंचमी
15 फरवरी 2019 (शुक्रवार) 07:03 से 20:53 मृगशिरा दशमी, एकादशी
21 फरवरी 2019 (गुरुवार) 06:58 से 23:12 उत्तरा फाल्गुनी द्वितीया, तृतीया
23 फरवरी 2019 (शनिवार) 22:47 से 30:55+ स्वाती पंचमी
24 फरवरी 2019 (रविवार) 06:55 से 22:03 स्वाती षष्ठी
26 फरवरी 2019 (मंगलवार) 10:47 से 23:04 अनुराधा अष्टमी
28 फरवरी 2019 (गुरुवार) 07:21 से 19:35 मूल दशमी
मार्च 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
2 मार्च 2019 (शनिवार) 11:32 से 30:48+ उत्तरा आषाढ़ द्वादशी
7 मार्च 2019 (गुरुवार) 20:54 से 30:43+ उत्तरा भाद्रपद प्रतिपदा, द्वितीया
8 मार्च 2019 (शुक्रवार) 06:43 से 30:41+ उत्तरा भाद्रपद, रेवती द्वितीया, तृतीया
9 मार्च 2019 (शनिवार) 06:41 से 18:48 रेवती तृतीया
13 मार्च 2019 (बुधवार) 06:37 से 28:22+ रोहिणी सप्तमी
अप्रैल 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
16 अप्रैल 2019 (मंगलवार) 25:51+ से 29:58+ उत्तरा फाल्गुनी त्रयोदशी
17 अप्रैल 2019 (बुधवार) 05:58 से 18:32 उत्तरा फाल्गुनी त्रयोदशी
18 अप्रैल 2019 (गुरुवार) 14:58 से 19:26 हस्त चतुर्दशी
19 अप्रैल 2019 (शुक्रवार) 19:30 से 29:54+ स्वाती प्रतिपदा
20 अप्रैल 2019 (शनिवार) 05:54 से 17:58 स्वाती प्रतिपदा, द्वितीया
22 अप्रैल 2019 (सोमवार) 11:24 से 16:46 अनुराधा चतुर्थी
23 अप्रैल 2019 (मंगलवार) 25:00+ से 29:51+ मूल पंचमी
24 अप्रैल 2019 (बुधवार) 05:51 से 18:35 मूल पंचमी, षष्ठी
25 अप्रैल 2019 (गुरुवार) 25:39+ से 29:49+ उत्तरा आषाढ़ सप्तमी
26 अप्रैल 2019 (शुक्रवार) 05:49 से 23:15 उत्तरा आषाढ़ सप्तमी, अष्टमी
मई 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
2 मई 2019 (गुरुवार) 05:43 से 27:20+ उत्तरा भाद्रपद, रेवती त्रयोदशी
6 मई 2019 (सोमवार) 16:37 से 25:15+ रोहिणी द्वितीया
7 मई 2019 (मंगलवार) 23:23 से 29:39+ मृगशिरा तृतीया, चतुर्थी
8 मई 2019 (बुधवार) 05:39 से 13:40 मृगशिरा चतुर्थी
12 मई 2019 (रविवार) 17:33 से 29:35+ मघा नवमी
14 मई 2019 (मंगलवार) 08:53 से 23:47 उत्तरा फाल्गुनी दशमी, एकादशी
15 मई 2019 (बुधवार) 10:35 से 29:34+ हस्त द्वादशी
17 मई 2019 (शुक्रवार) 17:38 से 27:08+ स्वाती चतुर्दशी
19 मई 2019 (रविवार) 13:07 से 26:07+ अनुराधा प्रतिपदा
21 मई 2019 (मंगलवार) 08:45 से 13:25 मूल तृतीया
23 मई 2019 (गुरुवार) 05:30 से 29:30+ उत्तरा आषाढ़ पंचमी, षष्ठी
28 मई 2019 (मंगलवार) 18:59 से 26:29+ उत्तरा भाद्रपद दशमी
29 मई 2019 (बुधवार) 15:21 से 29:28+ उत्तरा भाद्रपद, रेवती एकादशी
30 मई 2019 (गुरुवार) 05:28 से 16:37 रेवती एकादशी
जून 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
8 जून 2019 (शनिवार) 22:59 से 29:26+ मघा षष्ठी, सप्तमी
9 जून 2019 (रविवार) 05:26 से 15:49 मघा सप्तमी
10 जून 2019 (सोमवार) 14:21 से 29:26+ उत्तराफाल्गुनी अष्टमी, नवमी
12 जून 2019 (बुधवार) 06:08 से 11:51 हस्त दशमी
13 जून 2019 (गुरुवार) 25:23+ से 29:27+ स्वाती द्वादशी
14 जून 2019 (शुक्रवार) 05:27 से 10:17 स्वाती द्वादशी
15 जून 2019 (शनिवार) 10:00 से 29:27+ अनुराधा त्रयोदशी, चतुर्दशी
16 जून 2019 (रविवार) 05:27 से 10:07 अनुराधा चतुर्दशी
17 जून 2019 (सोमवार) 17:00 से 29:27+ मूल प्रतिपदा
18 जून 2019 (मंगलवार) 05:27 से 11:51 मूल प्रतिपदा
19th जून 2019 (बुधवार) 13:30 से 18:58 उत्तरा आषाढ़ द्वितीया, तृतीया
25 जून 2019 (मंगलवार) 05:28 से 29:29+ उत्तरा भाद्रपद अष्टमी, नवमी
26 जून 2019 (बुधवार) 05:29 से 23:50 रेवती नवमी
जुलाई 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
6 जुलाई 2019 (शनिवार) 13:09 से 21:52 मघा पंचमी
7 जुलाई 2019 (रविवार) 20:14 से 29:33+ उत्तरा फाल्गुनी षष्ठी
नवंबर 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
8 नवंबर 2019 (शुक्रवार) 12:24 से 30:42+ उत्तरा भाद्रपद द्वादशी
9 नवंबर 2019 (शनिवार) 06:42 से 30:43+ उत्तरा भाद्रपद, रेवती द्वादशी, त्रयोदशी
10 नवंबर 2019 (रविवार) 06:43 से 10:43 रेवती त्रयोदशी
14 नवंबर 2019 (गुरुवार) 09:14 से 30:47+ रोहिणी, मृगशिरा द्वितीया, तृतीया
22 नवंबर 2019 (शुक्रवार) 09:01 से 30:53+ उत्तरा फाल्गुनी, हस्त एकादशी
23 नवंबर 2019 (शनिवार) 06:53 से 14:45 हस्त द्वादशी
24 नवंबर 2019 (रविवार) 12:48 से 25:05+ स्वाती त्रयोदशी
30 नवंबर 2019 (शनिवार) 18:04 से 31:00+ उत्तरा आषाढ़ पंचमी
दिसंबर 2019 विवाह मुहूर्त
विवाह की शुभ तिथि शुभ विवाह का समय विवाह का नक्षत्र विवाह की तिथि
5 दिसंबर 2019 (गुरुवार) 20:08 से 31:04+ उत्तरा भाद्रपद नवमी, दशमी
6 दिसंबर 2019 (शुक्रवार) 07:04 से 16:32 उत्तरा भाद्रपद दशमी
11 दिसंबर 2019 (बुधवार) 22:54 से 31:08+ रोहिणी पूर्णिमा
12 दिसंबर 2019 (गुरुवार) 07:08 से 30:19+ मृगशिरा पूर्णिमा, प्रतिपदा
सलाह – इस लेख को उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. दयानंद शास्त्री जी ने लिखा है। विवाह की तिथियों और समय के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए आप उनसे संपर्क कर सकते हैं। रिलीजन वर्ल्ड वेबसाइट का इस गणना या ज्योतिषीय सूचना को बस पेश कर रहा है।
लेखक – ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री
संपर्क – WHATS App – 09039390067
FOR JIO – 07000394515
Editorial Review Note
Written by Religion World — Bhavya Srivastava is the founder of Religion World and a veteran journalist with over 18 years of experience across broadcast, print, and digital media. A founding member of the International Association of Religion Journalists (IARJ), he has spent much of his career reporting on and producing content about religion, faith, and spirituality. View full profile →.
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