वर-वधु के विवाह में नाड़ी दोष का महत्व

वर-वधु के विवाह में नाड़ी दोष का महत्व भारतीय वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत नाड़ी का निर्धारण जन्म नक्षत्र से किया जाता है। हर नक्षत्र में चार चरण होते हैं और 9 नक्षत्रों की एक नाड़ी मानी गई है। जन्म  [...]

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बिन गुरू भी ज्ञान संभव….

बिन गुरू भी ज्ञान संभव…. आदिनाथो महादेवी महाकालो ही य: स्मृत:! गुर; स एवं देवेशि सर्वमन्त्रे अधुना पर ! योगिनि तंत्र के इस श्लोक में भगवान शिव माता पार्वती के इस प्रश्न का उत्तर देते हैं कि [...]

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